MP Weather Today: प्री-मानसून सक्रिय, 28 जिलों में बारिश-आंधी का अलर्ट, जून में 35% तक कम वर्षा दर्ज
MP में मानसून से पहले प्री-मानसून गतिविधियां लगातार तेज बनी हुई हैं। प्रदेश के कई हिस्सों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर देखने को मिल रहा है, जिससे लोगों को गर्मी से कुछ राहत जरूर मिली है। हालांकि, मानसून की धीमी रफ्तार के कारण इस साल जून महीने में अब तक वर्षा का आंकड़ा सामान्य से काफी कम दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार 1 जून से 16 जून के बीच राज्य में औसत से लगभग 35 प्रतिशत कम बारिश हुई है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि फिलहाल प्रदेश में प्री-मानसून सिस्टम सक्रिय है, लेकिन मानसून की वास्तविक एंट्री में देरी हो रही है। इसी कारण कई जिलों में पर्याप्त बारिश नहीं हो पा रही है और जून का पहला हिस्सा सूखा-सूखा सा बीता है।
28 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट
MP मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए प्रदेश के 28 जिलों में बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट जारी किया है। इन जिलों में आंधी-तूफान के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना जताई गई है। जिन जिलों में यह स्थिति देखने को मिलेगी, उनमें ग्वालियर, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, विदिशा, शिवपुरी, श्योपुर, मुरैना, भिंड, दतिया, निवाड़ी, टीकमगढ़, छतरपुर, बुरहानपुर, खंडवा, हरदा, नर्मदापुरम, बैतूल, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, जबलपुर, सिवनी, मंडला, डिंडौरी और अनूपपुर शामिल हैं।
इन क्षेत्रों में मौसम के अचानक बदलने, तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने जैसी घटनाओं की संभावना भी जताई गई है। प्रशासन ने लोगों को सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों पर रहने की सलाह दी है।
कुछ जिलों में हीटवेव का असर भी जारी
जहां एक ओर कई जिलों में बारिश की संभावना है, वहीं दूसरी ओर प्रदेश के कुछ हिस्सों में हीटवेव का असर भी देखा जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार रतलाम, छिंदवाड़ा और बालाघाट जिलों में लू चलने की चेतावनी जारी की गई है। इन इलाकों में तापमान सामान्य से अधिक बना हुआ है, जिससे लोगों को गर्म हवाओं का सामना करना पड़ सकता है।
भोपाल, इंदौर और उज्जैन सहित कई जिलों में गर्मी का असर
राजधानी भोपाल, इंदौर, उज्जैन, झाबुआ, अलीराजपुर, बड़वानी, धार, खरगोन, शाजापुर, देवास, सीहोर, रायसेन, सागर, दमोह, पन्ना, सतना, रीवा, मऊगंज, सीधी, सिंगरौली, मैहर, कटनी, उमरिया और शहडोल जैसे जिलों में फिलहाल गर्मी का प्रभाव बना रहेगा। हालांकि इन क्षेत्रों में प्री-मानसून गतिविधियों के चलते बीच-बीच में हल्की बारिश या बूंदाबांदी देखने को मिल सकती है।
इंदौर, भोपाल और अन्य शहरों में बारिश से राहत
हाल के दिनों में भोपाल, इंदौर, रतलाम और शाजापुर के शुजालपुर जैसे क्षेत्रों में बारिश और तेज हवाओं के कारण मौसम सुहावना हो गया है। इंदौर के विजय नगर और एलआईजी क्षेत्र में तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को गर्मी से बड़ी राहत दी। वहीं शुजालपुर में करीब आधे घंटे की बारिश से कई जगहों पर पानी भर गया, जिससे स्थानीय यातायात प्रभावित हुआ।
मानसून की धीमी रफ्तार बनी चिंता का कारण
मौसम विभाग के अनुसार मध्य प्रदेश में मानसून के प्रवेश की सामान्य तारीख 15 जून मानी जाती है, लेकिन इस वर्ष इसकी रफ्तार अपेक्षाकृत धीमी है। पिछले वर्षों में 2021 में मानसून 9 जून को ही राज्य में प्रवेश कर गया था, जबकि 2018 में यह 25 जून तक पहुंचा था।
वहीं वर्ष 2025 में मानसून 16 जून को मध्य प्रदेश में पहुंचा था और उस वर्ष पूरे सीजन में अच्छी बारिश दर्ज की गई थी। लेकिन इस वर्ष अब तक मानसून आगे नहीं बढ़ पाया है, जिससे जून महीने में बारिश का ग्राफ नीचे चला गया है।
जून में 35 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज
MP मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार 1 जून से 16 जून के बीच मध्य प्रदेश में सामान्य से लगभग 35 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है। जहां इस अवधि में औसतन डेढ़ इंच के आसपास बारिश होनी चाहिए थी, वहीं वास्तविक वर्षा इससे काफी कम रही है।
पूर्वी मध्य प्रदेश की स्थिति अधिक चिंताजनक बताई जा रही है, जहां सामान्य वर्षा का आधा हिस्सा भी नहीं गिरा है। इससे कृषि और खेती की शुरुआती तैयारी पर भी असर पड़ सकता है।
35 जिलों में सामान्य से कम बारिश की स्थिति
राज्य के कुल 35 जिलों में अब तक सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है। इनमें अनूपपुर, बालाघाट, छतरपुर, छिंदवाड़ा, दमोह, डिंडौरी, जबलपुर, कटनी, मैहर, मऊगंज, नरसिंहपुर, पांढुर्णा, रीवा, सागर, सिवनी, शहडोल, सीधी, सिंगरौली, टीकमगढ़, उमरिया, अलीराजपुर, बड़वानी, बैतूल, भिंड, बुरहानपुर, दतिया, देवास, धार, ग्वालियर, इंदौर, झाबुआ, खरगोन, रतलाम, उज्जैन और विदिशा शामिल हैं।
इन जिलों में वर्षा की कमी के कारण जलस्तर और कृषि गतिविधियों पर भी असर देखने को मिल रहा है।
निष्कर्ष
MP में फिलहाल मौसम का मिला-जुला रुख देखने को मिल रहा है। एक तरफ प्री-मानसून बारिश और तेज हवाएं लोगों को राहत दे रही हैं, वहीं दूसरी तरफ मानसून की देरी और 35 प्रतिशत कम वर्षा चिंता का विषय बनी हुई है। मौसम विभाग का अनुमान है कि आने वाले दिनों में बारिश की गतिविधियां और बढ़ सकती हैं, जिससे स्थिति में सुधार होने की संभावना है।
