MP Weather Alert: मानसून की दस्तक करीब, 33 जिलों में बारिश के आसार, कई इलाकों में तेज आंधी का अलर्ट
MP में मानसून का इंतजार अब खत्म होने के करीब है। मौसम विभाग (IMD) के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून तेजी से आगे बढ़ रहा है और 15 से 18 जून के बीच प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। फिलहाल राज्यभर में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हैं, जिसके कारण कई जिलों में बारिश, तेज हवाएं और गरज-चमक का दौर देखने को मिल रहा है। मौसम विभाग ने प्रदेश के 33 जिलों में बारिश की संभावना जताई है, जबकि कई क्षेत्रों में तेज आंधी को लेकर अलर्ट जारी किया गया है।
जून में अब तक कम रही बारिश
जून महीने की शुरुआत से ही मध्य प्रदेश में मानसून का इंतजार बना हुआ है। इस बार प्रदेश में सामान्य से कम वर्षा दर्ज की गई है, जिससे लोगों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। कई जिलों में दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस के पार पहुंच चुका है। हालांकि पिछले कुछ दिनों से मौसम में बदलाव देखने को मिल रहा है और बादलों की आवाजाही बढ़ी है।
मौसम विशेषज्ञों का कहना है कि वर्तमान में सक्रिय मौसम प्रणालियों के कारण प्रदेश में प्री-मानसून गतिविधियां मजबूत हुई हैं, जिससे आने वाले दिनों में राहत मिलने की संभावना है।
33 जिलों में बारिश की संभावना
MP मौसम विभाग के पूर्वानुमान के अनुसार भोपाल, रायसेन, सीहोर, विदिशा, राजगढ़, ग्वालियर, शिवपुरी, दतिया, भिंड, मुरैना, जबलपुर, नरसिंहपुर, सागर, दमोह, छतरपुर, टीकमगढ़, रीवा, सतना, शहडोल, उमरिया, कटनी, मंडला, बालाघाट, छिंदवाड़ा और सिवनी समेत कुल 33 जिलों में बारिश होने के आसार हैं।
इन जिलों में कहीं हल्की तो कहीं मध्यम बारिश दर्ज की जा सकती है। कई स्थानों पर बादल छाए रहने और मौसम सुहावना बने रहने की संभावना भी जताई गई है।
तेज आंधी और बिजली गिरने का खतरा
बारिश के साथ कई जिलों में तेज हवाएं चल सकती हैं। मौसम विभाग ने कुछ क्षेत्रों में 40 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी चलने की संभावना जताई है। गरज-चमक और बिजली गिरने की घटनाएं भी हो सकती हैं।
इसी को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी गई है। खराब मौसम के दौरान खुले मैदानों, पेड़ों और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की अपील की गई है।
प्री-मानसून गतिविधियां हुईं सक्रिय
MP मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार बंगाल की खाड़ी और अरब सागर से लगातार नमी मिल रही है। इसके अलावा प्रदेश के ऊपर कुछ मौसमी सिस्टम सक्रिय हैं, जिनकी वजह से वातावरण में अस्थिरता बढ़ी हुई है।
इन्हीं परिस्थितियों के कारण कई जिलों में बादल, बारिश और तेज हवाओं का दौर जारी है। यह स्थिति मानसून के आगमन का संकेत मानी जा रही है।
15 से 18 जून के बीच हो सकती है मानसून की एंट्री
MP मौसम विभाग का अनुमान है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून 15 से 18 जून के बीच मध्य प्रदेश में प्रवेश कर सकता है। मानसून सबसे पहले प्रदेश के दक्षिणी और पूर्वी हिस्सों में दस्तक देगा। इसके बाद यह धीरे-धीरे पूरे राज्य में फैल जाएगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि मौसम की वर्तमान परिस्थितियां अनुकूल बनी रहीं तो मानसून निर्धारित समय के भीतर प्रदेश में पहुंच जाएगा और बारिश की गतिविधियां तेजी से बढ़ेंगी।
किसानों के लिए राहत की खबर
मानसून का आगमन किसानों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। खरीफ सीजन की फसलों की बुवाई के लिए अच्छी बारिश जरूरी होती है। प्रदेश के किसान लंबे समय से मानसून का इंतजार कर रहे हैं।
कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि समय पर बारिश होने से सोयाबीन, धान, मक्का और अन्य खरीफ फसलों की बुवाई में तेजी आएगी। इससे कृषि उत्पादन बेहतर होने की संभावना भी बढ़ जाएगी।
तापमान में आएगी गिरावट
बारिश और बादलों की सक्रियता के कारण प्रदेश के कई हिस्सों में तापमान में कमी दर्ज की जा सकती है। पिछले कुछ दिनों से लगातार पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है।
हालांकि मालवा और निमाड़ क्षेत्र के कुछ जिलों में अभी भी गर्मी का असर बना हुआ है, लेकिन मानसून के सक्रिय होते ही इन क्षेत्रों में भी मौसम बदलने लगेगा।
मौसम विभाग की सलाह
MP मौसम विभाग ने नागरिकों से अपील की है कि वे मौसम संबंधी ताजा अपडेट पर नजर बनाए रखें। खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचें और बिजली कड़कने के समय सुरक्षित स्थानों पर रहें।
विशेष रूप से किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान के अनुसार ही खेती से जुड़े कार्य करें ताकि किसी प्रकार के नुकसान से बचा जा सके।
अगले कुछ दिन रहेंगे महत्वपूर्ण
कुल मिलाकर MP में मानसून की दस्तक अब बेहद करीब है। अगले कुछ दिनों में प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में मौसम का मिजाज पूरी तरह बदल सकता है। 33 जिलों में बारिश और कई इलाकों में आंधी-तूफान की संभावना के बीच लोगों को गर्मी से राहत मिलने की उम्मीद है। वहीं किसानों की नजरें भी अब मानसून की पहली अच्छी बारिश पर टिकी हुई हैं।
