गिरनार यात्रा 2026 को ऐतिहासिक बनाने के लिए 14 जून को Indore के उदासीन आश्रम में सकल जैन समाज की महत्वपूर्ण बैठक होगी। 20 जुलाई को गिरनार जी में निर्वाण लाडू समर्पण कार्यक्रम आयोजित होगा।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
गिरनार यात्रा 2026 को ऐतिहासिक बनाने Indore में 14 जून को होगी विशाल समर्पण बैठक
गिरनार यात्रा 2026 की तैयारी तेज
गिरनार यात्रा 2026 को ऐतिहासिक स्वरूप देने के उद्देश्य से Indore में 14 जून 2026 को एक महत्वपूर्ण “गिरनार समर्पण मीटिंग” आयोजित की जा रही है। इस बैठक में सकल जैन समाज, विभिन्न धार्मिक संगठन, तीर्थरक्षक, सामाजिक संस्थाएं और महिला संगठन बड़ी संख्या में शामिल होंगे।धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि गिरनार यात्रा को भव्य और यादगार बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जा रहा है।
14 जून को उदासीन आश्रम Indore में होगी महत्वपूर्ण बैठक
गिरनार यात्रा 2026 के संदर्भ में यह महत्वपूर्ण बैठक रविवार, 14 जून 2026 को शाम 8 बजे आयोजित होगी।
बैठक का स्थान
श्री दिगंबर जैन उदासीन आश्रम, Indore
इस बैठक में यात्रा की रूपरेखा, व्यवस्थाएं, समाज की सहभागिता, तीर्थरक्षकों की भूमिका तथा निर्वाण लाडू समर्पण कार्यक्रम से जुड़े महत्वपूर्ण निर्णय लिए जाएंगे।
9 जुलाई को Indore पहुंचेगी गिरनार आह्वान यात्रा
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि 9 जुलाई 2026, गुरुवार को गिरनार आह्वान यात्रा का इंदौर आगमन होगा।इस दौरान पूरे शहर में धार्मिक वातावरण निर्मित होगा और जैन समाज के हजारों श्रद्धालु यात्रा के स्वागत में सहभागी बनेंगे।
20 जुलाई को गिरनार जी में चढ़ेगा निर्वाण लाडू
यात्रा संयोजक मयंक जैन ने बताया कि 18 जुलाई 2026 को Indore से हजारों श्रद्धालु गिरनार के लिए प्रस्थान करेंगे।इसके बाद 20 जुलाई 2026, सोमवार को गिरनार जी में लाखों भक्तों की सन्निधि में निर्वाण लाडू अर्पण किया जाएगा।यह आयोजन 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ की मोक्षभूमि पर आयोजित होगा जहां देशभर से श्रद्धालु पहुंचकर भक्ति और श्रद्धा का महापर्व मनाएंगे।
तीर्थरक्षकों और संगठनों को विशेष निमंत्रण
गिरनार यात्रा 2026 को सफल बनाने के लिए सकल जैन समाज एवं सामाजिक सांसद इंदौर द्वारा विशेष निमंत्रण जारी किया गया है।यात्रा संयोजक मयंक जैन ने समाजजनों से अपील करते हुए कहा—“आप आएं, अपनों को लाएं एवं सभी तीर्थरक्षकों को भी साथ लेकर आएं।”
बैठक में विशेष रूप से निमंत्रित:
- तीर्थरक्षक
- सभी जैन संगठन
- सोशल ग्रुप फेडरेशन
- महासमिति
- महिला संगठन
- धार्मिक संस्थाएं
- युवा संगठन
- समाजजन
गिरनार जी का धार्मिक महत्व
भगवान नेमिनाथ की मोक्षभूमि
गिरनार जी जैन धर्म का अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक तीर्थक्षेत्र माना जाता है।यहीं 22वें तीर्थंकर भगवान नेमिनाथ को मोक्ष की प्राप्ति हुई थी।जैन परंपरा में गिरनार को अत्यंत पुण्यकारी और आध्यात्मिक ऊर्जा का केंद्र माना जाता है। यहां निर्वाण लाडू अर्पण करना सर्वोच्च धार्मिक पुण्य प्राप्ति का माध्यम माना जाता है।
यात्रा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प
राजेश जैन दद्दू ने कहा कि इस बार पूरे मालवा क्षेत्र में गिरनार यात्रा 2026 को लेकर विशेष उत्साह दिखाई दे रहा है।समाज के सभी वर्गों के सुझाव, सहयोग और सहभागिता से यात्रा को ऐतिहासिक बनाने का संकल्प लिया गया है।बैठक में यात्रा के सफल संचालन, अधिकतम सहभागिता और धार्मिक कार्यक्रमों के विस्तार को लेकर चर्चा की जाएगी।
महत्वपूर्ण जानकारी
- दिनांक: 14 जून 2026, रविवार
- समय: शाम 8:00 बजे
- स्थान: श्री दिगंबर जैन उदासीन आश्रम, Indore
- विषय: गिरनार यात्रा 2026 – निर्वाण लाडू समर्पण हेतु महत्वपूर्ण बैठक
- निवेदक: सकल जैन समाज, इंदौर
