Indore: 1400 करोड़ रुपये के बैंक घोटाले में ED की बड़ी कार्रवाई, 60 करोड़ का बंगला कुर्क
Indore से जुड़े करीब 1400 करोड़ रुपये के कथित बैंक घोटाले में प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने बड़ी कार्रवाई की है। एजेंसी ने एस कुमार्स नेशनवाइड लिमिटेड (एसकेएनएल) से जुड़ी एक महंगी संपत्ति को कुर्क किया है। यह संपत्ति महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले के मुरुड क्षेत्र में, अलीबाग के पास स्थित एक आलीशान बंगला है, जिसकी अनुमानित कीमत 60 करोड़ रुपये से अधिक बताई जा रही है। यह संपत्ति कंपनी के पूर्व चेयरमैन और प्रबंध निदेशक नितिन शंभुकुमार कसलीवाल से जुड़ी बताई गई है।
बैंक लोन के दुरुपयोग का आरोप
ED की जांच में सामने आया है कि एसकेएनएल ने बैंकों के एक कंसोर्टियम से लिए गए बड़े ऋण का उपयोग तय उद्देश्य के बजाय अन्य कंपनियों के नेटवर्क के जरिए डायवर्ट किया। आरोप है कि कंपनी और उससे जुड़े समूहों ने शेल कंपनियों के माध्यम से धन को घुमाकर उसका दुरुपयोग किया। इस प्रक्रिया में बैंक से प्राप्त फंड को कई स्तरों पर लेयरिंग कर छिपाने की कोशिश की गई।
जांच एजेंसी का कहना है कि इसी डायवर्ट किए गए धन का उपयोग संपत्तियां खरीदने में किया गया, जिनमें मुरुड स्थित यह बंगला भी शामिल है।
मनी लॉन्ड्रिंग नेटवर्क की जांच
ED के अनुसार, इस पूरे मामले में एक संगठित वित्तीय नेटवर्क का इस्तेमाल किया गया। इसमें कंपनी के नियंत्रण वाली कई संबंधित संस्थाएं शामिल थीं, जिनके जरिए बैंक लोन की राशि को अलग-अलग दिशाओं में भेजा गया।
एजेंसी का दावा है कि यह पूरा ढांचा मनी लॉन्ड्रिंग के उद्देश्य से बनाया गया था, ताकि असली धन स्रोत को छिपाया जा सके और संपत्तियों को वैध रूप दिया जा सके।
विदेशी संपत्तियों के संकेत
जांच के दौरान ईडी को कुछ ऐसे दस्तावेज भी मिले हैं जिनसे विदेश में संपत्ति निवेश के संकेत मिलते हैं। 23 दिसंबर 2025 को की गई तलाशी कार्रवाई में इन दस्तावेजों को जब्त किया गया था। इसके बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए एजेंसी ने विदेशों में भी संपत्तियों की पहचान शुरू की।
इसी कड़ी में लंदन में बकिंघम पैलेस के पास स्थित एक संपत्ति को भी पहले कुर्क किया जा चुका है, जिसकी कीमत लगभग 119.55 करोड़ रुपये बताई गई थी।
अब तक की कुर्क संपत्तियां
इस पूरे मामले में ईडी अब तक लगभग 179.55 करोड़ रुपये मूल्य की संपत्तियों को कुर्क कर चुकी है। इसमें भारत और विदेश दोनों जगह की संपत्तियां शामिल हैं। एजेंसी का कहना है कि यह सिर्फ शुरुआती कार्रवाई है और जांच अभी जारी है।
शेल कंपनियों के जरिए फंड डायवर्जन का आरोप
ED की जांच रिपोर्ट के मुताबिक, नितिन शंभुकुमार कसलीवाल ने कथित रूप से अपने नियंत्रण वाली कई कंपनियों के नेटवर्क का उपयोग कर बैंक से लिए गए कर्ज को अलग-अलग चैनलों में भेजा। इस प्रक्रिया में शेल कंपनियों का इस्तेमाल कर फंड को रूट बदलकर छिपाया गया।
इन पैसों का एक हिस्सा संपत्तियों की खरीद में लगाया गया, जबकि बाकी हिस्से को अन्य निवेशों में डायवर्ट किए जाने की आशंका है।
पहले की छापेमारी और बरामदगी
ED ने 23 दिसंबर 2025 को इस मामले से जुड़े कई ठिकानों पर छापेमारी की थी। इस दौरान विदेशी संपत्तियों से जुड़े महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद हुए थे। इन्हीं इनपुट्स के आधार पर आगे की जांच तेज की गई और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी संपत्तियों की पहचान शुरू की गई।
आगे की जांच जारी
ED का कहना है कि यह मामला एक बड़े वित्तीय घोटाले से जुड़ा है, जिसमें बैंकिंग सिस्टम से बड़ी राशि का दुरुपयोग हुआ है। एजेंसी अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं और कितनी संपत्तियां अभी भी अघोषित हैं।
जांच जारी है और आने वाले समय में और भी संपत्तियों की कुर्की और खुलासे की संभावना जताई जा रही है।
