Bhopal सेंट्रल जेल में बड़ा एक्शन: डिप्टी जेलर जया यादव हटाई गईं, आरोपी मां-बेटे को VIP ट्रीटमेंट देने का आरोप
Bhopal भोपाल सेंट्रल जेल में तैनात सुरक्षा प्रभारी डिप्टी जेलर जया यादव को उनके पद से हटा दिया गया है। उन पर आरोप है कि उन्होंने जेल में बंद दो आरोपियों को नियमों के खिलाफ VIP ट्रीटमेंट दिया। यह कार्रवाई जेल विभाग के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा की गई जांच और निरीक्षण के बाद सामने आई है।
मामला त्विषा शर्मा मौत मामला से जुड़े आरोपियों से जुड़ा बताया जा रहा है, जिनमें रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह शामिल हैं। दोनों इस समय भोपाल सेंट्रल जेल में न्यायिक हिरासत में बंद हैं।
VIP ट्रीटमेंट देने के आरोप
जेल प्रशासन पर आरोप है कि डिप्टी जेलर जया यादव ने जेल नियमों का उल्लंघन करते हुए आरोपी मां-बेटे को विशेष सुविधाएं उपलब्ध कराईं। शिकायतों के अनुसार, उन्हें सामान्य कैदियों से अलग अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया, जो जेल नियमों के खिलाफ माना जा रहा है।
सूत्रों के मुताबिक, यह मामला सामने आने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया और तुरंत जांच शुरू की गई।
डीआईजी जेल की औचक जांच
मामले की गंभीरता को देखते हुए संजय पांडेय, डीआईजी जेल ने भोपाल सेंट्रल जेल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कई अनियमितताएं सामने आने की बात कही जा रही है।
निरीक्षण रिपोर्ट के आधार पर डिप्टी जेलर पर कार्रवाई की सिफारिश की गई, जिसके बाद उन्हें पद से हटाने का निर्णय लिया गया।
गोपनीय रिपोर्ट डीजी जेल को भेजी गई
जांच के बाद डीआईजी जेल द्वारा तैयार की गई गोपनीय रिपोर्ट महानिदेशक जेल को भेज दी गई है। रिपोर्ट में कथित अनियमितताओं और नियमों के उल्लंघन का उल्लेख किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, इस रिपोर्ट के आधार पर आगे विभागीय जांच भी शुरू हो सकती है और अन्य जिम्मेदार अधिकारियों पर भी कार्रवाई संभव है।
अस्पताल वार्ड में शिफ्टिंग पर सवाल
शिकायतों में यह भी कहा गया है कि दोनों आरोपियों को नियमों के विपरीत जेल के अस्पताल वार्ड में शिफ्ट किया गया था। यह फैसला बिना उचित प्रक्रिया के लिया गया, जिस पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं।
जेल प्रशासन का मानना है कि किसी भी कैदी को इस तरह विशेष सुविधा देना जेल नियमों का उल्लंघन है, जब तक कि मेडिकल रूप से अत्यंत जरूरी न हो।
न्यायिक हिरासत में बंद हैं दोनों आरोपी
गिरिबाला सिंह और उनके बेटे समर्थ सिंह को अदालत ने न्यायिक हिरासत में भेजा है। दोनों 16 जून तक भोपाल सेंट्रल जेल में रहेंगे।
उन्हें जेल में कैदी नंबर 71 और 1782 दिया गया है। जेल नियमों के अनुसार उन्हें सामान्य सुविधाएं ही प्रदान की जानी चाहिए।
जांच से जुड़ी घटनाक्रम की पृष्ठभूमि
इस पूरे मामले की पृष्ठभूमि त्विषा शर्मा मौत मामला से जुड़ी बताई जा रही है, जिसमें कई स्तरों पर जांच चल रही है।
अब तक की कार्रवाई और घटनाक्रम इस प्रकार रहे—
- 12 मई: त्विषा शर्मा का शव घर में संदिग्ध हालत में मिला
- 13 मई: एम्स भोपाल में पोस्टमॉर्टम
- 14 मई: परिजनों का विरोध और FIR दर्ज
- 15 मई: अग्रिम जमानत याचिका
- 18 मई: कोर्ट में जमानत से जुड़ी कार्रवाई
- 20 मई: हाईकोर्ट और महिला आयोग की सक्रियता
- 22 मई: दोबारा पोस्टमॉर्टम के आदेश
- 26 मई: CBI ने जांच अपने हाथ में ली
- 2 जून: दोनों आरोपी न्यायिक हिरासत में भेजे गए
CBI की जांच भी जारी
इस केस में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (CBI) पहले से ही जांच कर रही है। एजेंसी सभी पहलुओं—फॉरेंसिक रिपोर्ट, गवाहों के बयान और डिजिटल सबूतों की जांच में जुटी है।
जेल में हुई इस कथित लापरवाही को भी अब केस से जोड़कर देखा जा रहा है।
आगे क्या हो सकता है?
जेल विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस मामले में विभागीय जांच आगे बढ़ेगी और यदि आरोप साबित होते हैं तो और भी अधिकारियों पर कार्रवाई हो सकती है। साथ ही जेल नियमों के उल्लंघन पर सख्त कदम उठाए जा सकते हैं।
निष्कर्ष
Bhopal सेंट्रल जेल में सामने आया यह मामला प्रशासनिक लापरवाही और नियमों के उल्लंघन के गंभीर आरोपों की ओर इशारा करता है। डिप्टी जेलर को हटाए जाने के बाद अब पूरे सिस्टम की जांच तेज हो गई है। आने वाले दिनों में इस मामले में और बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
