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तीर्थ रक्षक सम्मान 2026: प्राचीन जैन तीर्थों की रक्षा के लिए सलेक चंद जैन हुए सम्मानित, समाज में खुशी की लहर

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Published On: 4 June 2026
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तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 से समाज गौरव श्री सलेक चंद जैन सम्मानित। प्राचीन जैन तीर्थों के संरक्षण, खोज और सांस्कृतिक धरोहर बचाने के लिए मिला राष्ट्रीय सम्मान।

तीर्थ रक्षक सम्मान 2026: सलेक चंद जैन को मिला राष्ट्रीय सम्मान

राजेश जैन दद्दू
इंदौर।

तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 से समाज गौरव एवं समाज रत्न श्री सलेक चंद जैन को सम्मानित किया गया है। यह सम्मान भारतवर्षीय दिगंबर जैन युवा महासभा, पश्चिम बंगाल द्वारा उनके द्वारा किए गए प्राचीन जैन तीर्थों की खोज, संरक्षण और संवर्धन के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए प्रदान किया गया।

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि श्री सलेक चंद जैन ने वर्षों से देशभर में स्थित प्राचीन एवं ऐतिहासिक जैन तीर्थों की खोज और संरक्षण के लिए सतत कार्य किया है। उनके प्रयासों से अनेक प्राचीन और अमूल्य सांस्कृतिक धरोहरों को नई पहचान मिली है।

तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 के पीछे सलेक चंद जैन का योगदान

तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 केवल एक पुरस्कार नहीं बल्कि जैन संस्कृति और विरासत के संरक्षण के लिए किए गए असाधारण कार्यों का सम्मान है।श्री सलेक चंद जैन ने अपने अदम्य साहस, कठोर पुरुषार्थ और निःस्वार्थ सेवा भावना से जैन समाज को अपनी प्राचीन धरोहरों के प्रति जागरूक किया है। उन्होंने अनेक प्राचीन जैन स्थलों के ऐतिहासिक महत्व को सामने लाने का कार्य किया है।

उनके द्वारा किए गए कार्यों ने न केवल वर्तमान पीढ़ी को बल्कि आने वाली युवा पीढ़ी को भी अपनी संस्कृति और तीर्थों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया है।

दिल्ली के लाल मंदिर में हुआ सम्मान समारोह

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि यह सम्मान पत्र दिल्ली स्थित श्री दिगंबर जैन लाल मंदिर में विराजमान मुनिश्री विशम सागर जी महाराज के कर कमलों द्वारा प्रदान किया गया।इस अवसर पर मुनिश्री ने आशीर्वचन देते हुए कहा कि—“तीर्थों की रक्षा ही संस्कृति की रक्षा है।”उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति अपनी धार्मिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण के लिए कार्य करता है, वह समाज और राष्ट्र दोनों की अमूल्य सेवा करता है।

धार भोजशाला मामले में भी निभाई सक्रिय भूमिका

हाल ही में देशभर में चर्चित रहे धार भोजशाला प्रकरण में भी श्री सलेक चंद जैन ने जैन समाज के पक्ष को मजबूती से रखने का कार्य किया।

राजेश जैन दद्दू के अनुसार श्री सलेक चंद जैन ने समाज की धार्मिक एवं सांस्कृतिक विरासत की रक्षा के लिए सदैव अग्रणी भूमिका निभाई है। भोजशाला मामले में भी उन्होंने जैन समाज की भावनाओं और अधिकारों के समर्थन में महत्वपूर्ण योगदान दिया।

समाजजनों ने दी शुभकामनाएं

श्री सलेक चंद जैन को तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 मिलने पर देशभर के जैन समाज में हर्ष का वातावरण है।इस अवसर पर शुभकामनाएं एवं बधाई देने वालों में प्रमुख रूप से—

  • विश्व जैन संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजय जैन
  • राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के मंयक जैन
  • सामाजिक सांसद के अध्यक्ष आनंद नवीन गोधा
  • हर्ष जैन
  • वरिष्ठ समाजसेवी डॉ. जैनेन्द्र जैन
  • महावीर ट्रस्ट के अध्यक्ष अमित कासलीवाल
  • टीके वेद
  • सुशील पांड्या
  • डीके जैन
  • डीएसपी मनोहर झांझरी
  • फेडरेशन की राष्ट्रीय शिरोमणि संरक्षिका श्रीमती पुष्पा कासलीवाल
  • महिला परिषद की संभागीय अध्यक्ष श्रीमती मुक्ता जैन
  • श्रीमती साधना दगड़े
  • श्रीमती रेखा जैन श्रीफल

शामिल रहे।

सभी ने उनके उत्तम स्वास्थ्य, दीर्घायु एवं मंगलमय जीवन की कामना करते हुए कहा कि समाज को उनके अनुकरणीय कार्यों से प्रेरणा लेनी चाहिए।

युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणा हैं सलेक चंद जैन

समाजजनों का मानना है कि तीर्थ रक्षक सम्मान 2026 प्राप्त करने वाले श्री सलेक चंद जैन का जीवन समर्पण, सेवा और संस्कृति संरक्षण का उत्कृष्ट उदाहरण है।उनका यह कार्य सम्पूर्ण भारतवर्षीय जैन समाज तथा आने वाली युवा पीढ़ी के लिए प्रेरणास्त्रोत है। उन्होंने यह सिद्ध किया है कि यदि दृढ़ संकल्प और सेवा भावना हो तो अपनी सांस्कृतिक धरोहरों को सुरक्षित रखा जा सकता है।समाज के सभी वर्गों ने उनके इस कार्य की अनुमोदना करते हुए जैन संस्कृति, परंपराओं और तीर्थों की रक्षा के लिए संकल्प लेने का आह्वान किया।

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