Digambar Jain सामाजिक संसद की बैठक सम्पन्न; मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के वर्षायोग हेतु श्रीफल भेंट का निर्णय
इन्दौर। Digambar Jain सामाजिक संसद की एक महत्वपूर्ण बैठक माननीय एम. के. जैन की अध्यक्षता में सफलतापूर्वक सम्पन्न हुई। इस बैठक में आगामी धार्मिक आयोजनों, सामाजिक सहभागिता और परम पूज्य मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के पावन वर्षायोग (चातुर्मास) की भव्य तैयारियों को लेकर विस्तृत चर्चा की गई।
बैठक में उपस्थित सभी सदस्यों ने एक स्वर में यह निर्णय लिया कि इन्दौर में होने वाले वर्षायोग को ऐतिहासिक और भव्य स्वरूप प्रदान करने के लिए पूर्ण सहयोग दिया जाएगा। साथ ही यह भी तय किया गया कि मुनि श्री के वर्षायोग हेतु समस्त समाज की ओर से श्रीफल भेंट किया जाएगा, जो श्रद्धा और सम्मान का प्रतीक माना जाता है।
वर्षायोग हेतु श्रीफल भेंट का निर्णय
बैठक में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज के आगामी वर्षायोग को लेकर विस्तृत और विशेष चर्चा की गई। उपस्थित सदस्यों ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि यह आयोजन केवल एक साधारण धार्मिक अनुष्ठान नहीं है, बल्कि यह जैन समाज की गहरी आस्था, एकता और श्रद्धा का जीवंत प्रतीक है। सभी ने इस बात पर जोर दिया कि ऐसे पावन अवसर समाज को एक सूत्र में बांधने का कार्य करते हैं और धार्मिक मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुँचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि इन्दौर जैन समाज सामूहिक रूप से मुनि श्री के चरणों में श्रीफल भेंट करेगा। इस श्रीफल भेंट का उद्देश्य गुरु भक्ति, विनय और धार्मिक परंपराओं के प्रति गहरा समर्पण व्यक्त करना है। सदस्यों ने कहा कि यह आयोजन समाज की सामूहिक भावना और आध्यात्मिक एकता को और अधिक मजबूत करेगा।
अध्यक्ष आनंद गोधा का संबोधन
इन्दौर सामाजिक संसद के अध्यक्ष आनंद गोधा ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि सामाजिक संसद तन, मन और धन से इस आयोजन को सफल बनाने के लिए पूर्ण सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि मुनि श्री के वर्षायोग को सफल और भव्य बनाने के लिए समाज के सभी वर्गों का सहयोग आवश्यक है। उन्होंने यह भी आश्वस्त किया कि इन्दौर में होने वाले सभी चातुर्मास आयोजनों में सामाजिक संसद सक्रिय रूप से सहयोग करेगी।
उन्होंने कहा कि इन्दौर सदैव धार्मिक आयोजनों का प्रमुख केंद्र रहा है और इस परंपरा को और अधिक मजबूत किया जाएगा।
चातुर्मास आयोजनों में पूर्ण सहयोग का निर्णय
बैठक में यह भी निर्णय लिया गया कि केवल मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का ही नहीं, बल्कि इन्दौर में होने वाले सभी चातुर्मास आयोजनों को भी सामाजिक संसद का पूर्ण समर्थन प्राप्त होगा।
सदस्यों ने कहा कि विभिन्न मंदिर समितियों के बीच समन्वय स्थापित कर सभी कार्यक्रमों को सुचारू और सफल बनाया जाएगा।
7 जून के कार्यक्रम की भव्य तैयारी
बैठक में यह जानकारी दी गई कि आगामी रविवार, 7 जून को एक विशाल धार्मिक आयोजन का आयोजन किया जाएगा, जिसमें मुनि श्री को श्रीफल भेंट किया जाएगा।
महामंत्री हर्ष जैन ने बताया कि इन्दौर शहर के 136 मंदिरों से लगभग 100 बसों के माध्यम से श्रद्धालु इस कार्यक्रम में शामिल होंगे। यह आयोजन अत्यंत भव्य और ऐतिहासिक होने की संभावना है।
उन्होंने कहा कि सभी मंदिर समितियों के सहयोग से श्रद्धालुओं की सुविधा और व्यवस्था सुनिश्चित की जा रही है।

इन्दौर Digambar Jain समाज की ऐतिहासिक सहभागिता
इस आयोजन में 136 मंदिरों की सहभागिता को एक ऐतिहासिक कदम माना जा रहा है। इतनी बड़ी संख्या में मंदिरों का एक साथ किसी धार्मिक कार्यक्रम में शामिल होना समाज की एकता और संगठन शक्ति को दर्शाता है।
लगभग 100 बसों की व्यवस्था इस बात का संकेत है कि श्रद्धालुओं में इस आयोजन को लेकर भारी उत्साह है।
कार्याध्यक्ष नवीन गोधा का वक्तव्य
कार्याध्यक्ष नवीन गोधा ने अपने संबोधन में कहा कि पूर्व में आचार्य प्रमाण सागर जी महाराज का चातुर्मास सफलतापूर्वक सम्पन्न कराया गया था और इस बार उससे भी अधिक ऊर्जा और भव्यता के साथ मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का वर्षायोग सम्पन्न कराया जाएगा।
उन्होंने कहा कि यह आयोजन इन्दौर के इतिहास में एक यादगार और ऐतिहासिक आयोजन होगा।
मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन की जानकारी
मीडिया प्रभारी प्रवीण जैन ने बताया कि बैठक में कई प्रमुख समाजजन उपस्थित रहे, जिनमें विजय पाटोदी, प्रिंसपाल टोग्या, संजय जैन, मुकेश जैन, संजय मेग्नस, सचिन उद्योगपति, बाहुबली जैन, अशोक शास्त्री, मनीष जैन, प्रियांशु जैन और डीके जैन शामिल थे।
इसके अलावा महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष साधना दगड़े, रेखा जैन सहित कई मंदिरों के अध्यक्ष एवं सचिव भी उपस्थित रहे।
उन्होंने कहा कि सभी वर्गों की भागीदारी इस आयोजन को और अधिक मजबूत बनाती है।
महिला प्रकोष्ठ एवं मंदिर समितियों की भूमिका
बैठक में महिला प्रकोष्ठ की सक्रिय भूमिका को भी सराहा गया। अध्यक्ष साधना दगड़े और रेखा जैन ने कहा कि महिलाएं भी इस धार्मिक आयोजन में पूरी सक्रियता से भाग लेंगी।
सभी मंदिर समितियों ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने का आश्वासन दिया और व्यवस्थाओं में सहयोग का संकल्प लिया।
एकता और समन्वय पर जोर
पूरे कार्यक्रम में समाज की एकता और समन्वय पर विशेष बल दिया गया। वक्ताओं ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और सांस्कृतिक मूल्यों को मजबूत बनाते हैं।
सभी सदस्यों ने सहमति जताई कि किसी भी प्रकार के मतभेदों से ऊपर उठकर धार्मिक आयोजनों को सफल बनाना ही प्राथमिक उद्देश्य होना चाहिए।
निष्कर्ष
दिगम्बर जैन सामाजिक संसद की यह बैठक अत्यंत सफल और सकारात्मक माहौल में सम्पन्न हुई। बैठक में लिए गए निर्णयों से यह स्पष्ट है कि इन्दौर में मुनि श्री सुधासागर जी महाराज का वर्षायोग अत्यंत भव्य, ऐतिहासिक और संगठित रूप में आयोजित किया जाएगा।
136 मंदिरों की सहभागिता, लगभग 100 बसों की व्यवस्था और व्यापक सामाजिक सहयोग इस आयोजन को एक विशेष धार्मिक उत्सव का स्वरूप प्रदान करेगा।
