जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के अंतर्गत नगर पालिका परिषद द्वारा रिचार्ज पिट निर्माण, रूफ वाटर हार्वेस्टिंग और चंबल घाट सफाई अभियान शुरू किया गया। नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत ने नगरवासियों से जल संरक्षण में सहभागिता की अपील की।
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के अंतर्गत रिचार्ज पिट निर्माण कार्य जारी – नपाध्यक्ष गेहलोत
नागदा (नि.प्र.)। जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के अंतर्गत नगर पालिका परिषद नागदा द्वारा जल संरक्षण एवं भू-जल स्तर बढ़ाने के उद्देश्य से नगर के विभिन्न क्षेत्रों में रिचार्ज पिट निर्माण कार्य लगातार किए जा रहे हैं। इसी क्रम में वार्ड क्रमांक 21 स्थित कस्तूरबा छात्रावास एवं फिल्टर प्लांट परिसर में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण कराया गया।
नगर पालिका परिषद द्वारा किए जा रहे इस महत्वपूर्ण कार्य का मुख्य उद्देश्य वर्षा जल का संरक्षण कर उसे भूमि में पुनर्भरण करना है, जिससे भू-जल स्तर में सुधार हो सके तथा भविष्य में जल संकट की स्थिति से बचाव किया जा सके। यह पहल जल संरक्षण संरचनाओं जैसे रिचार्ज शाफ्ट, सोख गड्ढे एवं वर्षा जल संचयन प्रणालियों के निर्माण के व्यापक अभियान का हिस्सा है।
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा क्या है
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा नगर पालिका परिषद द्वारा शुरू किया गया एक विशेष जल संरक्षण अभियान है, जिसका उद्देश्य वर्षा जल का संचयन कर भू-जल स्तर को बढ़ाना और भविष्य के जल संकट को रोकना है। इस अभियान के अंतर्गत नगर के विभिन्न क्षेत्रों में रिचार्ज पिट, रिचार्ज शाफ्ट, सोख गड्ढे और रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम विकसित किए जा रहे हैं।
यह अभियान पर्यावरण संरक्षण और जल प्रबंधन की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। लगातार गिरते भू-जल स्तर को देखते हुए नगर पालिका द्वारा यह पहल की गई है ताकि आने वाली पीढ़ियों को जल संकट का सामना न करना पड़े।
रिचार्ज पिट निर्माण का उद्देश्य
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के तहत बनाए जा रहे रिचार्ज पिट का उद्देश्य वर्षा के पानी को सीधे जमीन में पहुंचाना है। इससे बारिश का पानी व्यर्थ बहने के बजाय भूमि में समाहित होगा और भू-जल स्तर में वृद्धि होगी।रिचार्ज पिट निर्माण से होने वाले लाभ :
- भू-जल स्तर में सुधार
- जल संकट से राहत
- वर्षा जल का संरक्षण
- पर्यावरण संतुलन बनाए रखना
- जल स्रोतों का पुनर्जीवन
- भविष्य में पानी की उपलब्धता सुनिश्चित करना
नगर पालिका परिषद का मानना है कि यदि प्रत्येक वार्ड में इस प्रकार की संरचनाएं बनाई जाएं तो आने वाले वर्षों में जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कस्तूरबा छात्रावास एवं फिल्टर प्लांट में विशेष कार्य
वार्ड क्रमांक 21 स्थित कस्तूरबा छात्रावास एवं फिल्टर प्लांट परिसर में रूफ वाटर हार्वेस्टिंग पिट का निर्माण कराया गया है। इस परियोजना के माध्यम से भवनों की छतों पर गिरने वाले वर्षा जल को एकत्रित कर जमीन में पहुंचाया जाएगा।
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के तहत यह कार्य नगर के लिए एक मॉडल प्रोजेक्ट माना जा रहा है। इससे भविष्य में अन्य सार्वजनिक स्थलों और संस्थानों में भी इस प्रकार की जल संरक्षण संरचनाएं विकसित करने की प्रेरणा मिलेगी।
भू-जल संरक्षण के लिए नगर पालिका की बड़ी पहल
नपाध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत ने बताया कि नगर में जल संरक्षण को लेकर लगातार प्रभावी कार्य किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में अन्य वार्डों एवं सार्वजनिक स्थलों पर भी इस प्रकार की जल संरक्षण संरचनाएं विकसित की जाएंगी, ताकि अधिक से अधिक वर्षा जल का संचयन किया जा सके।
उन्होंने कहा कि जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा केवल सरकारी अभियान नहीं बल्कि जनभागीदारी का मिशन है। नगरवासियों को भी अपने घरों और संस्थानों में वर्षा जल संचयन प्रणाली अपनानी चाहिए।
गंगा दशहरा पर विशेष घाट सफाई अभियान
इस अभियान के अंतर्गत 25 मई 2026 गंगा दशहरा के उपलक्ष्य में प्रातः 08:00 बजे चामुंडा माता मंदिर प्रांगण एवं चंबल नदी के आसपास घाटों की सफाई का कार्य भी किया जाएगा।
इस सफाई अभियान का उद्देश्य धार्मिक स्थलों एवं नदी घाटों को स्वच्छ बनाना और जल स्रोतों को प्रदूषण मुक्त रखना है। नगर पालिका परिषद ने सभी सामाजिक संगठनों, स्वयं सहायता समूहों, एनजीओ और नगरवासियों से इस अभियान में सहभागिता करने की अपील की है।
जनभागीदारी से सफल होगा अभियान
नपाध्यक्ष श्रीमती संतोष ओ.पी. गेहलोत ने नगरवासियों से वर्षा जल संचयन अपनाने एवं जल संरक्षण अभियान में सक्रिय सहभागिता करने की अपील की। उन्होंने कहा कि जल बचाना हम सभी की सामूहिक जिम्मेदारी है।
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा में शहर में कार्यरत सभी स्व सहायता समूह, सभी NGO और सामाजिक संगठनों को भी शामिल किया जा रहा है ताकि यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सके।
जनप्रतिनिधियों ने की सहभागिता की अपील
आयोजन को सफल बनाने की अपील विधायक डॉ. श्री तेजबहादुरसिंह जी चौहान, जिलाध्यक्ष श्री राजेश जी धाकड़, पूर्व विधायक श्री लाल सिंह जी राणावत, पूर्व केबिनेट मंत्री श्री सुल्तानसिंह शेखावत जी, पूर्व विधायक श्री जितेन्द्र थावरचंद जी गेहलोत, नपाध्यक्ष संतोष ओ.पी. गेहलोत, उपाध्यक्ष सुभाषचंद शर्मा, जल कार्य प्रभारी प्रकाश जैन, मंडल अध्यक्ष विजय पटेल एवं समस्त पार्षदों ने की है।
साथ ही सभी से कल सुबह घाट पर पहुंचकर सफाई अभियान में अपनी सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह भी किया गया है।
जल संरक्षण क्यों जरूरी है
आज देश के कई हिस्सों में जल संकट लगातार बढ़ता जा रहा है। भू-जल स्तर गिरने से पेयजल की समस्या गंभीर होती जा रही है। ऐसे में जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा जैसे प्रयास बेहद महत्वपूर्ण हैं।जल संरक्षण के प्रमुख कारण :
- बढ़ती आबादी
- कम होती वर्षा
- भू-जल का अत्यधिक दोहन
- पर्यावरण असंतुलन
- जल स्रोतों का सूखना
यदि समय रहते जल संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में स्थिति और गंभीर हो सकती है।
नगर पालिका की भविष्य की योजना
नगर पालिका परिषद नागदा आने वाले समय में और अधिक स्थानों पर रिचार्ज पिट एवं वर्षा जल संचयन संरचनाओं का निर्माण करेगी। इसके साथ ही स्कूल, कॉलेज, सरकारी कार्यालयों और सार्वजनिक भवनों में भी रूफ वाटर हार्वेस्टिंग सिस्टम लगाए जाएंगे।जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा के माध्यम से नगर को जल संरक्षण के क्षेत्र में एक मॉडल शहर बनाने की दिशा में कार्य किया जा रहा है।
निष्कर्ष
जल गंगा संवर्धन अभियान नागदा जल संरक्षण की दिशा में एक सराहनीय और दूरदर्शी पहल है। रिचार्ज पिट निर्माण, वर्षा जल संचयन और घाट सफाई अभियान जैसे कार्य न केवल भू-जल स्तर को सुधारेंगे बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
नगर पालिका परिषद द्वारा शुरू किया गया यह अभियान तभी सफल होगा जब प्रत्येक नागरिक जल संरक्षण को अपनी जिम्मेदारी समझे और सक्रिय सहभागिता निभाए।
