Bhopal ट्विशा शर्मा डेथ केस: समर्थ सिंह को पुलिस देर रात कटारा थाना लेकर पहुंची, बार काउंसिल ने वकालत से किया सस्पेंड; हाईकोर्ट में हो चुकी है अहम कार्रवाई
Bhopal के बहुचर्चित ट्विशा शर्मा डेथ केस में एक बार फिर बड़ा अपडेट सामने आया है। शुक्रवार देर रात करीब 1:58 बजे जबलपुर पुलिस आरोपी समर्थ सिंह को लेकर भोपाल के कटारा थाना पहुंची। पुलिस टीम के साथ भारी सुरक्षा व्यवस्था में उन्हें अलग-अलग वाहनों के जरिए लाया गया। इस दौरान एक वाहन में आरोपी समर्थ सिंह और पुलिसकर्मी मौजूद थे, जबकि दूसरे वाहन में उनका वकील भी साथ था। तीसरे वाहन में एसीपी रजनीश कश्यप मौजूद रहे।
सूत्रों के अनुसार, समर्थ सिंह को शनिवार, 23 मई को अदालत में पेश किया जाएगा, जिसके बाद पुलिस उनसे पूछताछ के लिए रिमांड की मांग कर सकती है। इस मामले में जांच एजेंसियां लगातार सक्रिय हैं और हर नए घटनाक्रम पर निगरानी रखी जा रही है।
बार काउंसिल ऑफ इंडिया का बड़ा फैसला: वकालत से सस्पेंड
इस केस में कानूनी मोर्चे पर भी बड़ा कदम उठाया गया है। बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) ने आरोपी समर्थ सिंह को तत्काल प्रभाव से वकालत की प्रैक्टिस से निलंबित (suspend) कर दिया है। इस फैसले के बाद अब वे किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या अन्य कानूनी मंच पर वकालत नहीं कर पाएंगे।
बार काउंसिल द्वारा जारी अंतरिम आदेश में कहा गया है कि मामले की गंभीरता, दहेज प्रताड़ना और क्रूरता जैसे आरोप, तथा आरोपी के फरार रहने की स्थिति को देखते हुए यह कार्रवाई जरूरी थी। आदेश में यह भी उल्लेख किया गया कि किसी अधिवक्ता का ऐसा आचरण न्याय व्यवस्था की गरिमा और जनता के विश्वास को प्रभावित करता है।
BCI का अंतरिम आदेश और गंभीर टिप्पणियां
बार काउंसिल ऑफ इंडिया के अध्यक्ष और वरिष्ठ अधिवक्ता मनन कुमार मिश्रा द्वारा 22 मई 2026 को जारी प्रेस रिलीज में इस पूरे मामले पर विस्तृत जानकारी दी गई। आदेश में कहा गया कि ट्विशा शर्मा की शादी के कुछ ही महीनों बाद भोपाल स्थित ससुराल में उनकी मौत हो गई थी, जिसके बाद पति समर्थ सिंह सहित अन्य पर FIR दर्ज की गई।
BCI ने यह भी पाया कि आरोपी जांच में सहयोग नहीं कर रहे थे और लंबे समय तक फरार रहे, जिससे मामले की गंभीरता और बढ़ गई। इसी आधार पर उनके वकालत लाइसेंस को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी किया गया।
अब कोर्ट में पेशी पर भी रोक
बार काउंसिल के आदेश के अनुसार, निलंबन की अवधि में समर्थ सिंह किसी भी अदालत, ट्रिब्यूनल या कानूनी मंच पर वकालत नहीं कर सकेंगे। इसका मतलब है कि वे न तो किसी केस में पैरवी कर सकते हैं और न ही वकालतनामा दाखिल कर सकते हैं।
यह आदेश अस्थायी (interim) है, और आगे इसे अनुशासन समिति के सामने रखा जाएगा। वहां इस फैसले की पुष्टि, संशोधन या आगे की कार्रवाई पर अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
पुलिस जांच और न्यायिक प्रक्रिया जारी
इस मामले में पुलिस और न्यायिक दोनों स्तरों पर जांच पहले से जारी है। आरोपों में दहेज प्रताड़ना, संदिग्ध परिस्थितियों में मौत और अन्य गंभीर धाराएं शामिल हैं। पुलिस ने मामले की तह तक पहुंचने के लिए कई पहलुओं पर जांच तेज कर दी है।
हाल ही में हाईकोर्ट ने आरोपी समर्थ सिंह की अग्रिम जमानत याचिका भी खारिज कर दी थी। इसके अलावा, मामले में दोबारा पोस्टमार्टम कराने की अनुमति भी दी गई है, जिससे जांच को और मजबूती मिलने की उम्मीद है।
साथ ही, इस केस की गंभीरता को देखते हुए CBI जांच की अनुमति भी दी जा चुकी है, जिससे यह मामला अब राष्ट्रीय स्तर की जांच प्रक्रिया की ओर बढ़ता दिख रहा है।
अदालत में अगली कार्रवाई पर नजर
अब सभी की नजरें शनिवार को होने वाली अदालत की पेशी पर टिकी हैं। पुलिस इस दौरान रिमांड की मांग कर सकती है ताकि आगे की पूछताछ में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाई जा सके।
विशेषज्ञों का मानना है कि यह केस धीरे-धीरे एक बड़े कानूनी और जांच प्रक्रिया का रूप ले रहा है, जिसमें कई एजेंसियां शामिल हो सकती हैं।
निष्कर्ष
Bhopal ट्विशा शर्मा डेथ केस में लगातार नए मोड़ सामने आ रहे हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से लेकर बार काउंसिल के सस्पेंशन आदेश और हाईकोर्ट की कार्रवाई तक, यह मामला अब गंभीर कानूनी प्रक्रिया में प्रवेश कर चुका है।
फिलहाल पुलिस जांच जारी है और अदालत में होने वाली अगली सुनवाई इस केस की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाएगी।
