Petrol Diesel Price Hike: 5 दिन में दूसरी बार बढ़े दाम, पेट्रोल-डीजल फिर हुआ महंगा, जानें नए रेट और कारण
Petrol Diesel Price Hike: देश में आम जनता को एक बार फिर महंगाई का झटका लगा है। पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी जारी है और सिर्फ 5 दिनों के अंदर दूसरी बार ईंधन के दाम बढ़ा दिए गए हैं। इस बार पेट्रोल में लगभग 90 पैसे और डीजल में करीब 91 पैसे प्रति लीटर की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इससे पहले भी 5 दिन पहले पेट्रोल-डीजल के दामों में लगभग 3 रुपये का इजाफा किया गया था। लगातार बढ़ती कीमतों ने आम लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
5 दिन में दूसरी बार बढ़े पेट्रोल-डीजल के दाम
ताजा बढ़ोतरी के बाद देश के कई हिस्सों में पेट्रोल और डीजल के दाम नए स्तर पर पहुंच गए हैं। राजधानी दिल्ली में पेट्रोल की कीमत अब 98.64 रुपये प्रति लीटर हो गई है, जबकि डीजल 91.58 रुपये प्रति लीटर पर पहुंच गया है। यह बढ़ोतरी पिछले कुछ दिनों में लगातार दूसरे बदलाव के रूप में सामने आई है, जिससे लोगों के बजट पर सीधा असर पड़ रहा है।
लगातार बढ़ती कीमतों के कारण वाहन चालकों, ट्रांसपोर्ट सेक्टर और आम उपभोक्ताओं पर आर्थिक दबाव बढ़ता जा रहा है।
चारों महानगरों में पेट्रोल-डीजल के नए रेट
देश के प्रमुख महानगरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी देखी गई है।
- दिल्ली: पेट्रोल ₹98.64 प्रति लीटर, डीजल ₹91.58 प्रति लीटर
- मुंबई: पेट्रोल ₹107.59 प्रति लीटर, डीजल ₹94.08 प्रति लीटर
- कोलकाता: पेट्रोल ₹109.70 प्रति लीटर, डीजल ₹96.07 प्रति लीटर
- चेन्नई: पेट्रोल ₹104.49 प्रति लीटर, डीजल ₹96.11 प्रति लीटर
इन सभी शहरों में ईंधन की कीमतों में 80 पैसे से लेकर 96 पैसे तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है।
लगातार बढ़ोतरी के पीछे क्या कारण हैं?
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में इस अचानक वृद्धि के पीछे अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (क्रूड ऑयल) की बढ़ती कीमतों को मुख्य कारण माना जा रहा है। मिडिल ईस्ट में चल रहे तनाव और भू-राजनीतिक अस्थिरता के कारण वैश्विक बाजार में तेल की आपूर्ति और कीमतों में उतार-चढ़ाव देखा जा रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, हाल के दिनों में क्रूड ऑयल की कीमतें लगभग 70 डॉलर प्रति बैरल से बढ़कर 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं। इस बढ़ोतरी का सीधा असर भारत जैसे आयात-निर्भर देशों पर पड़ रहा है।
तेल कंपनियों के घाटे का असर
जानकारों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में वृद्धि के कारण देश की सरकारी तेल कंपनियां दबाव में हैं। इंडियन ऑयल, भारत पेट्रोलियम और हिंदुस्तान पेट्रोलियम जैसी कंपनियों को भारी नुकसान उठाना पड़ रहा है।
रिपोर्ट्स के अनुसार, तेल कंपनियों को हर महीने करीब 30 हजार करोड़ रुपये का घाटा हो रहा था। इसी घाटे की भरपाई के लिए धीरे-धीरे पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी की जा रही है। इस कारण सरकार और कंपनियों पर वित्तीय दबाव को कम करने के लिए उपभोक्ताओं पर भार डाला जा रहा है।
महंगाई का असर आम जनता पर
पेट्रोल और डीजल की कीमतों में लगातार बढ़ोतरी का सीधा असर आम जीवन पर पड़ता है। ईंधन महंगा होने से ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स की लागत बढ़ जाती है, जिसका असर सभी वस्तुओं की कीमतों पर दिखाई देता है।
सब्जियों, फलों, अनाज और अन्य रोजमर्रा की जरूरत की चीजों की ढुलाई महंगी हो जाती है, जिससे खुदरा महंगाई बढ़ने की संभावना भी मजबूत हो जाती है। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह बढ़ोतरी जारी रही तो आने वाले दिनों में घरेलू बजट पर और दबाव बढ़ सकता है।
माल ढुलाई और बाजार पर असर
लगातार बढ़ते ईंधन दामों का सबसे बड़ा असर माल ढुलाई पर देखने को मिलेगा। ट्रक और ट्रांसपोर्ट सेवाओं की लागत बढ़ने से सप्लाई चेन महंगी हो जाती है। इसका असर सीधे बाजारों तक पहुंचता है और रोजमर्रा की वस्तुएं महंगी हो जाती हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि ईंधन की कीमतें इसी तरह बढ़ती रहीं तो आने वाले सप्ताहों में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) में और बढ़ोतरी देखी जा सकती है।
मध्यप्रदेश में भी बढ़े दाम
मध्यप्रदेश के कई शहरों में भी पेट्रोल और डीजल की कीमतों में बढ़ोतरी दर्ज की गई है। प्रमुख शहरों में नए रेट इस प्रकार हैं:
- इंदौर: पेट्रोल ₹110.68, डीजल ₹186.60
- भोपाल: पेट्रोल ₹110.69, डीजल ₹186.56
- उज्जैन: पेट्रोल ₹111.05, डीजल ₹186.94
- जबलपुर: पेट्रोल ₹110.66, डीजल ₹186.58
- ग्वालियर: पेट्रोल ₹110.57, डीजल ₹186.48
- सिंगरौली: पेट्रोल ₹110.79, डीजल ₹186.72
इन शहरों में भी कीमतों में लगातार बदलाव देखा जा रहा है, जिससे आम लोग परेशान हैं।
आगे और बढ़ सकते हैं दाम?
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतें इसी स्तर पर बनी रहती हैं या और बढ़ती हैं, तो आने वाले दिनों में पेट्रोल-डीजल के दामों में और इजाफा हो सकता है। मिडिल ईस्ट के हालात और वैश्विक मांग-आपूर्ति की स्थिति पर आगे की कीमतें निर्भर करेंगी।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर पेट्रोल और डीजल की कीमतों में 5 दिनों के अंदर दूसरी बार हुई बढ़ोतरी ने आम जनता की चिंता बढ़ा दी है। लगातार बढ़ते ईंधन दामों से न केवल वाहन चलाना महंगा हो रहा है, बल्कि इसका असर पूरे अर्थव्यवस्था पर भी पड़ने लगा है। आने वाले समय में अगर स्थिति नहीं सुधरी तो महंगाई का दबाव और बढ़ सकता है।
