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Nagda जल संरक्षण अभियान: कुएं, तालाब और चंबल नदी के गहरीकरण हेतु उठी मजबूत आवाज

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Published On: 13 May 2026
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Nagda जल संरक्षण अभियान के तहत भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने कुओं, तालाबों और चंबल नदी के गहरीकरण एवं सफाई की मांग की। सामाजिक संगठनों और नागरिकों से श्रमदान करने की अपील की गई।

Nagda (राहुल शर्मा)।

Nagda जल संरक्षण अभियान

Nagda जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा नगर पालिका नागदा से कुएं, तालाब एवं चंबल नदी की सफाई और गहरीकरण का कार्य शीघ्र शुरू करने की मांग की गई है।गर्मी के मौसम में लगातार गिरते जल स्तर को देखते हुए ट्रस्ट ने कहा कि यदि समय रहते जल स्रोतों का संरक्षण नहीं किया गया तो भविष्य में जल संकट और गंभीर हो सकता है।ट्रस्ट पदाधिकारियों ने नगर पालिका से बंद पड़े कुओं, तालाबों और चंबल नदी की नियमित सफाई एवं गहरीकरण कार्य प्रारंभ करने का निवेदन किया।

जल संकट को लेकर बढ़ी चिंता

Nagda जल संरक्षण अभियान की शुरुआत बढ़ते जल संकट को ध्यान में रखते हुए की गई है।गर्मी के कारण जल स्रोतों का स्तर तेजी से नीचे जा रहा है।विशेषज्ञों का मानना है कि यदि अभी से जल संरक्षण की दिशा में ठोस कदम नहीं उठाए गए तो आने वाले वर्षों में स्थिति और अधिक गंभीर हो सकती है।

कुएं, तालाब और चंबल नदी के गहरीकरण की मांग

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने कहा कि जल स्रोतों के गहरीकरण और सफाई से भू-जल स्तर में सुधार होगा।यदि कुओं, तालाबों और चंबल नदी की समय पर सफाई और गहरीकरण किया जाए तो वर्षा जल का संग्रहण बेहतर तरीके से हो सकेगा।इससे Nagdaऔर आसपास के क्षेत्रों को भविष्य में जल संकट से राहत मिल सकती है।

किसानों को भी मिलेगा लाभ

Nagda जल संरक्षण अभियान के तहत ट्रस्ट ने यह भी सुझाव दिया कि गहरीकरण के दौरान निकलने वाली मिट्टी किसानों को उपलब्ध कराई जाए।पदाधिकारियों के अनुसार, यह मिट्टी अत्यंत उपजाऊ होती है और खेतों के लिए लाभदायक साबित हो सकती है।इससे किसानों को आर्थिक लाभ भी प्राप्त होगा।

सामाजिक संगठनों से श्रमदान की अपील

ट्रस्ट ने नागदा के व्यापारी संगठनों, सामाजिक संगठनों, राजनीतिक संगठनों, सोशल वर्करों एवं आम नागरिकों से इस मुहिम में सहयोग करने की अपील की है।उन्होंने कहा कि यदि सभी संगठन अपने-अपने स्तर पर एक-एक दिन का श्रमदान करें तो यह अभियान जनआंदोलन का रूप ले सकता है।

विद्यार्थियों की भागीदारी पर विशेष जोर

Nagda जल संरक्षण अभियान में स्कूल और कॉलेज के विद्यार्थियों को भी जोड़ने की बात कही गई।पदाधिकारियों का मानना है कि यदि युवा पीढ़ी जल संरक्षण और स्वच्छता के कार्यों में भाग लेगी तो समाज में सकारात्मक बदलाव तेजी से आएगा।इससे विद्यार्थियों में सामाजिक जिम्मेदारी की भावना भी विकसित होगी।

Nagda में सक्रिय हैं 100 से अधिक सामाजिक संगठन

ट्रस्ट ने बताया कि नागदा नगर में लगभग 100 से अधिक सामाजिक संगठन सक्रिय रूप से कार्य कर रहे हैं।यदि ये सभी संगठन मिलकर जल संरक्षण अभियान में भाग लेते हैं तो नगर विकास और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में बड़ा बदलाव संभव है।

बनबना गांव तालाब गहरीकरण का प्रस्ताव

Nagda जल संरक्षण अभियान के अंतर्गत ट्रस्ट ने नागदा के समीप स्थित बनबना गांव के तालाब के गहरीकरण की मांग भी उठाई।पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इस तालाब का गहरीकरण किया जाता है तो आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को भी सीधा लाभ मिलेगा।इससे जल संग्रहण क्षमता बढ़ेगी और भू-जल स्तर में सुधार होगा।

नगर पालिका से नालियों की सफाई की मांग

ट्रस्ट ने नगर पालिका से नालियों एवं नालों की नियमित सफाई कराने की मांग भी की।उन्होंने कहा कि समय पर सफाई होने से गंदगी से मुक्ति मिलेगी और वर्षा ऋतु में नालियों का पानी सड़कों पर नहीं आएगा।

पत्रकारों और सामाजिक संगठनों ने दिया समर्थन

इस अभियान को भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट एवं अधिमान्य पत्रकार कल्याण एकता संघ के पदाधिकारियों और पत्रकार साथियों का समर्थन प्राप्त हुआ।राष्ट्रीय अध्यक्ष जया बघेल, प्रदेश महासचिव जीवनलाल जैन (पत्रकार), दिलीप बुंदिवाल, संदीप दावरे, राहुल शर्मा (प्रदेश सह संगठन सचिव), गगन बोहरा, राजू गुप्ता, कैलाश व्यास, सहनवाज खान सहित अन्य पत्रकारों ने श्रमदान और सहयोग का आश्वासन दिया।

सुनील सिंह यादव ने जल संरक्षण को बताया सबसे बड़ी जरूरत

भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने कहा कि जल संरक्षण आज समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बन चुका है।उन्होंने कहा कि यदि समाज और प्रशासन मिलकर कार्य करें तो आने वाली पीढ़ियों के लिए जल संकट को काफी हद तक कम किया जा सकता है।उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे जल संरक्षण, स्वच्छता और श्रमदान जैसे जनहित कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लें।

संगठन पदाधिकारियों ने दिया संयुक्त संदेश

संगठन के शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता, राहुल शर्मा एवं जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि —“जल ही जीवन है और जल स्रोतों का संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है।”उन्होंने कहा कि समाज के सभी वर्गों को मिलकर इस जनहित अभियान में सहयोग करना चाहिए ताकि नागदा एवं आसपास के क्षेत्रों में जल स्तर बढ़ सके और भविष्य की पीढ़ियों को स्वच्छ एवं सुरक्षित जल उपलब्ध हो सके।

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