प्रेस नोट
दिनांक 10/05/2026 को भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा मध्यप्रदेश के जिला Katni अंतर्गत थाना सलीमनाबाद परिसर में एक व्यापक जनजागरूकता, सामाजिक सहयोग एवं सम्मान कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम सामाजिक सद्भाव, मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता, सड़क सुरक्षा अभियान और पुलिस–जन सहयोग को मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित किया गया था।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज में कानून के प्रति जागरूकता बढ़ाना, मानव अधिकारों की रक्षा के प्रति लोगों को प्रेरित करना तथा पुलिस प्रशासन और आम नागरिकों के बीच विश्वास और सहयोग को सुदृढ़ करना रहा। इस अवसर पर ट्रस्ट की टीम ने थाना प्रभारी एवं समस्त पुलिस स्टाफ से सौजन्य भेंट की और संगठन के उद्देश्यों, कार्यप्रणाली एवं सामाजिक अभियानों की विस्तार से जानकारी प्रस्तुत की।
पुलिस प्रशासन से सौजन्य भेंट और संवाद
कार्यक्रम की शुरुआत थाना सलीमनाबाद में थाना प्रभारी श्री सुदेश सुमन एवं समस्त पुलिस स्टाफ से औपचारिक मुलाकात के साथ हुई। इस दौरान ट्रस्ट के प्रतिनिधियों ने पुलिस प्रशासन के कार्यों की सराहना करते हुए समाज में शांति व्यवस्था बनाए रखने के उनके योगदान को महत्वपूर्ण बताया।
थाना प्रभारी श्री सुदेश सुमन के साथ विस्तृत चर्चा में समाज में बढ़ती जागरूकता की आवश्यकता, सड़क सुरक्षा नियमों के पालन, विशेष रूप से हेलमेट के उपयोग, तथा युवाओं में कानून के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करने जैसे विषयों पर विचार-विमर्श किया गया।
पुलिस अधिकारियों ने भी ट्रस्ट के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि सामाजिक संगठनों की भागीदारी से कानून व्यवस्था को और अधिक मजबूत किया जा सकता है। समाज में जागरूकता बढ़ाने के लिए ऐसे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।
जनसुविधा हेतु सेवा कार्य – पानी के मटके की व्यवस्था
भीषण गर्मी को ध्यान में रखते हुए ट्रस्ट की ओर से थाना परिसर में पुलिस स्टाफ एवं आमजन के लिए शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई। इसके अंतर्गत पानी के मटके रखवाए गए, ताकि थाने में आने वाले नागरिकों, फरियादियों एवं पुलिसकर्मियों को गर्मी के मौसम में राहत मिल सके।
यह पहल केवल एक सेवा कार्य नहीं बल्कि सामाजिक संवेदनशीलता का प्रतीक मानी गई। उपस्थित लोगों ने इस प्रयास की सराहना करते हुए इसे मानवता और सेवा भावना का उत्कृष्ट उदाहरण बताया।
ट्रस्ट के सदस्यों ने कहा कि छोटी-छोटी सुविधाएं भी यदि समाज के हित में दी जाएं तो उनका बड़ा सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।
मातृशक्ति दिवस पर महिला पुलिस कर्मियों का सम्मान
कार्यक्रम का एक विशेष आकर्षण मातृशक्ति दिवस के अवसर पर आयोजित सम्मान समारोह रहा। इस अवसर पर ट्रस्ट की महिला टीम द्वारा थाना सलीमनाबाद की महिला पुलिस अधिकारी श्रीमती मानकी धुर्वे का विशेष रूप से सम्मान किया गया।
उन्हें पुष्पमाला पहनाकर सम्मानित किया गया तथा उनके कर्तव्यनिष्ठ कार्य, अनुशासन एवं समाज सेवा में योगदान की प्रशंसा की गई। महिला टीम ने कहा कि पुलिस विभाग में कार्यरत महिलाएं समाज के लिए प्रेरणा स्रोत हैं और वे न केवल कानून व्यवस्था में योगदान दे रही हैं, बल्कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान को भी मजबूत कर रही हैं।
इस अवसर पर यह संदेश भी दिया गया कि समाज में महिलाओं की भूमिका केवल घर तक सीमित नहीं है, बल्कि वे प्रशासन, सुरक्षा और नेतृत्व के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं।
उपस्थित पदाधिकारी एवं सामाजिक प्रतिनिधि
इस कार्यक्रम में ट्रस्ट के अनेक पदाधिकारी एवं सामाजिक कार्यकर्ता उपस्थित रहे, जिनमें प्रमुख रूप से जिला अध्यक्ष सुरेंद्र शर्मा, जिला सचिव नीतू शर्मा, जिला उपाध्यक्ष पुष्पलता काछी, संध्या काछी, राहुल काछी, अभिषेक काछी, तहसील उपाध्यक्ष सुनील सेन (सिहोरा), सत्येंद्र काछी (बहोरीबंद), कार्यकारिणी सदस्य राजकुमारी हल्दकार, विकास कुशवाह सहित अन्य सदस्य शामिल रहे।
इन सभी सदस्यों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई और समाज सेवा के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराया।

पुलिस स्टाफ की सहभागिता
थाना सलीमनाबाद से थाना प्रभारी श्री सुदेश सुमन के साथ-साथ महिला पुलिस अधिकारी श्रीमती मानकी धुर्वे, अंकित दुबे, अमित दहायत, सोनेलाल एवं अन्य पुलिस स्टाफ के सदस्य उपस्थित रहे।
पुलिस कर्मियों ने ट्रस्ट के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम पुलिस और समाज के बीच विश्वास को मजबूत करते हैं और जनता को कानून व्यवस्था के प्रति अधिक जागरूक बनाते हैं।
राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
सुनील सिंह यादव ने कार्यक्रम के संदर्भ में कहा कि किसी भी समाज की प्रगति तभी संभव है जब पुलिस प्रशासन और सामाजिक संगठन एक साथ मिलकर कार्य करें। उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों की रक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता आज के समय की अत्यंत महत्वपूर्ण आवश्यकता है।
उन्होंने विशेष रूप से हेलमेट अभियान को जीवन सुरक्षा से जोड़ते हुए कहा कि सड़क सुरक्षा नियमों का पालन हर नागरिक का कर्तव्य है। छोटे-छोटे सावधानीपूर्ण कदम अनेक दुर्घटनाओं को रोक सकते हैं और समाज को सुरक्षित बना सकते हैं।
उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि ट्रस्ट भविष्य में भी इसी प्रकार जनहित में कार्य करता रहेगा और समाज के हर वर्ग तक जागरूकता पहुंचाने का प्रयास जारी रखेगा।
संगठन के अन्य सदस्यों के विचार
ट्रस्ट के अन्य सदस्यों जैसे शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन (चाय वाले) ने संयुक्त रूप से कहा कि समाज सेवा केवल एक कार्य नहीं बल्कि एक जिम्मेदारी है।
उन्होंने कहा कि मानव अधिकारों का संरक्षण, सामाजिक जागरूकता अभियान और कानून के प्रति सम्मान बढ़ाना आज की आवश्यकता है। यदि नागरिक स्वयं जिम्मेदार बनेंगे तो समाज में अपराध, दुर्घटनाएं और असमानता को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे कार्यक्रमों से पुलिस और जनता के बीच दूरी कम होती है और सहयोग की भावना बढ़ती है।
जनजागरूकता अभियान का महत्व
कार्यक्रम में हेलमेट अभियान और सड़क सुरक्षा को विशेष रूप से रेखांकित किया गया। वक्ताओं ने कहा कि सड़क दुर्घटनाओं का मुख्य कारण लापरवाही और नियमों का पालन न करना है।
हेलमेट न केवल एक सुरक्षा उपकरण है बल्कि जीवन रक्षा का साधन भी है। यदि प्रत्येक दोपहिया वाहन चालक इसका नियमित रूप से उपयोग करे तो गंभीर दुर्घटनाओं की संभावना काफी कम हो सकती है।
इसके साथ ही मानव अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी बल दिया गया। नागरिकों को उनके अधिकारों के साथ-साथ कर्तव्यों के बारे में भी जानकारी देना आवश्यक बताया गया।

सामाजिक समन्वय और भविष्य की दिशा
कार्यक्रम के दौरान यह निष्कर्ष सामने आया कि समाज में सकारात्मक परिवर्तन तभी संभव है जब प्रशासन, सामाजिक संगठन और नागरिक मिलकर कार्य करें। केवल एक पक्ष के प्रयास पर्याप्त नहीं होते।
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने यह स्पष्ट किया कि भविष्य में भी इस प्रकार के जनजागरूकता, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क सुरक्षा और मानव अधिकार संरक्षण से जुड़े कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाएंगे।
निष्कर्ष
यह आयोजन केवल एक औपचारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज और प्रशासन के बीच सहयोग, विश्वास और जागरूकता का एक सशक्त उदाहरण था। थाना सलीमनाबाद में आयोजित यह कार्यक्रम इस बात का प्रतीक है कि यदि सामाजिक संगठन और पुलिस प्रशासन एक साथ कार्य करें तो समाज में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।
कार्यक्रम ने यह संदेश दिया कि मानव अधिकारों की रक्षा, सड़क सुरक्षा और सामाजिक जागरूकता केवल सरकारी जिम्मेदारी नहीं, बल्कि हर नागरिक का कर्तव्य है। ऐसे प्रयास भविष्य में एक सुरक्षित, जागरूक और संगठित समाज की नींव रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
