मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान समारोह में इंदौर के बीड़ी वाला परिवार ने 91वें वर्ष में प्रवेश पर शांति भाभी का भव्य सम्मान किया। डॉ राकेश जैन, राजीव जैन बंटी सहित परिवार और समाजजनों की गरिमामयी उपस्थिति रही।
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
मदर्स डे पर विशेष आयोजन
मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान का यह आयोजन इंदौर नगर के लिए अत्यंत प्रेरणादायी और भावनात्मक अवसर बन गया। नगर की दिगंबर जैन समाज के गौरवशाली, निरभिमान और महादानी बीड़ी वाला परिवार की वरिष्ठ मातृशक्ति श्रीमती शांति देवी ने 10 मई को धर्ममय और प्रेरणास्पद जीवन के 90 वर्ष पूर्ण कर 91वें वर्ष में प्रवेश किया।
इस पावन अवसर को परिवार ने केवल जन्मोत्सव तक सीमित नहीं रखा, बल्कि इसे संस्कार, सम्मान, सेवा और मातृशक्ति के अभिनंदन का भव्य पर्व बना दिया। मदर्स डे के दिन आयोजित यह कार्यक्रम पूरे समाज के लिए प्रेरणा का केंद्र रहा।
शांतिदेवी का प्रेरणादायी व्यक्तित्व
नगर की दिगंबर जैन समाज में आदरपूर्वक “शांति भाभी” के नाम से विख्यात श्रीमती शांति देवी सदैव सादगी, सेवा, धर्म और परिवार के संस्कारों की प्रतीक रही हैं।
वे स्वर्गीय भैया श्री सुंदरलाल जी जैन की धर्म संगिनी रहीं और उनके सत्कार्यों की प्रेरक शक्ति बनीं। समाज सेवा, धर्मकार्य, पारिवारिक मूल्यों और दानशीलता के क्षेत्र में उनके योगदान को सदैव सम्मान की दृष्टि से देखा जाता है।उनके जीवन का सबसे बड़ा संदेश यही रहा कि परिवार और समाज दोनों के प्रति जिम्मेदारी निभाते हुए विनम्रता बनाए रखना ही सच्चा धर्म है।
बीड़ी वाला परिवार की सामाजिक परंपरा
इंदौर का प्रसिद्ध बीड़ी वाला परिवार वर्षों से धर्म, समाज सेवा और जनकल्याण के कार्यों में अग्रणी रहा है। परिवार के वरिष्ठ समाजसेवी स्वर्गीय भैया श्री सुंदरलाल जी जैन द्वारा स्थापित सेवा और संस्कारों की परंपरा आज भी परिवार पूरी निष्ठा के साथ निभा रहा है।
मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान समारोह इसी पारिवारिक संस्कार और मातृभक्ति का उत्कृष्ट उदाहरण बना।परिवार के सभी सदस्यों ने मिलकर शांति भाभी का अभिनंदन किया और उन्हें शाल, श्रीफल, मोतियों की माला तथा अभिनंदन पत्र भेंट कर सम्मानित किया।
सम्मान समारोह का भावपूर्ण दृश्य
इस अवसर पर शांति भाभी के पुत्र डॉ राकेश जैन एवं राजीव जैन बंटी भैया सहित चारों पुत्रियां और दामाद उपस्थित रहे।
51 सदस्यीय बीड़ी वाला परिवार ने पूरे सम्मान और श्रद्धा के साथ मातृशक्ति का अभिनंदन किया। कार्यक्रम में भावनात्मक वातावरण देखने को मिला।
शाल ओढ़ाकर, मोतियों की माला पहनाकर और अभिनंदन पत्र भेंट कर परिवार ने यह संदेश दिया कि माता केवल परिवार की आधारशिला नहीं बल्कि संस्कारों की सबसे बड़ी प्रेरणा होती हैं।
कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों ने शांति भाभी के स्वस्थ, सुखी और शतायु जीवन की कामना की।
उपस्थित गणमान्य अतिथि
मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान समारोह में नगर के अनेक प्रतिष्ठित समाजसेवी, चिकित्सक एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
इस अवसर पर परिवार के वरिष्ठ श्री नरेंद्र जैन पप्पाजी, आजाद जैन, डॉ अशोक जैन, डॉ दीपक जैन, विकास, अमित, मनोज जैन उपस्थित रहे।
इसके अतिरिक्त नगर के गणमान्य डॉक्टर एवं चिकित्सकों में डॉक्टर धनराज पंजवानी, डॉ सुशील अग्रवाल, डॉ जैनेंद्र जैन, सुदीप जैन, राजेश जैन दद्दू, कैलाश जैन, ऋषभ सिंघई, एन के जैन, मुकेश जैन, मुक्ता जैन, सुधा जैन आदि की गरिमामयी उपस्थिति रही।सभी ने शांति भाभी को शुभकामनाएं देते हुए उनके दीर्घायु जीवन की कामना की।
परिवार की भावनाएं और सम्मान
कार्यक्रम के दौरान परिवार के सदस्यों ने शांति भाभी के संघर्ष, संस्कार और सेवा भावना को याद किया।
परिवारजनों ने कहा कि उन्होंने हमेशा परिवार को एक सूत्र में बांधकर रखा और धर्म तथा संस्कारों को सर्वोच्च महत्व दिया।कार्यक्रम में अभिनंदन पत्र का वाचन प्रोफेसर कमलेश जैन ने किया। उनके भावपूर्ण शब्दों ने उपस्थित सभी लोगों को भावुक कर दिया।कार्यक्रम के अंत में राजीव जैन बंटी ने आभार व्यक्त किया।
समाज सेवा और धर्म का अद्भुत संगम
मदर्स डे पर आयोजित यह आयोजन केवल पारिवारिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि समाज के लिए प्रेरणा का संदेश भी था।
आज के समय में जहां पारिवारिक मूल्य धीरे-धीरे कमजोर होते दिखाई देते हैं, वहीं बीड़ी वाला परिवार ने यह उदाहरण प्रस्तुत किया कि माता-पिता और बुजुर्गों का सम्मान भारतीय संस्कृति की सबसे बड़ी पहचान है।शांति भाभी का सम्मान समाज के लिए यह संदेश लेकर आया कि सच्चा सम्मान वही है जिसमें सेवा, संस्कार और श्रद्धा का समावेश हो।
मदर्स डे पर मिला विशेष संदेश
मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान समारोह ने यह साबित किया कि मां केवल जन्म देने वाली नहीं बल्कि पूरे परिवार के संस्कारों की नींव होती है।शांति भाभी के व्यक्तित्व में सेवा, सादगी, धर्म और परिवार के प्रति समर्पण का अद्भुत संगम दिखाई देता है।उनका जीवन नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा है।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित मदर्स डे पर शांतिदेवी सम्मान समारोह भावनाओं, संस्कारों और मातृशक्ति के सम्मान का अनुपम उदाहरण बन गया।बीड़ी वाला परिवार ने जिस श्रद्धा और सम्मान के साथ शांति भाभी का अभिनंदन किया, वह समाज के लिए प्रेरणादायी संदेश है।समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में शांति भाभी के शतायु जीवन की कामना की और उनके जीवन मूल्यों को समाज के लिए आदर्श बताया।
