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वैभव नगर Jain मंदिर, इंदौर में 9 से 11 मई तक स्फटिक पार्श्वनाथ प्रतिमा का लघु पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होगा

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Published On: 7 May 2026
Jain

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वैभव नगर Jain मंदिर, इंदौर में 9 से 11 मई तक स्फटिक पार्श्वनाथ प्रतिमा का लघु पंचकल्याणक महोत्सव आयोजित होगा

राजेश जैन दद्दू
इंदौर

इंदौर शहर एक बार फिर भक्ति, श्रद्धा और आध्यात्मिक ऊर्जा के अद्भुत वातावरण का साक्षी बनने जा रहा है। श्रीफल गौरव दिवस के पावन अवसर पर वैभव नगर Jain मंदिर, संत सदन इंदौर में भगवान श्री पार्श्वनाथ की स्फटिक प्रतिमा का भव्य लघु जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव 9 मई से 11 मई तक तीन दिवसीय आयोजन के रूप में संपन्न होगा। यह धार्मिक आयोजन जैन समाज के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण और पुण्यदायी माना जा रहा है। आयोजन को लेकर समाजजनों में विशेष उत्साह और श्रद्धा का वातावरण व्याप्त है।

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने जानकारी देते हुए बताया कि यह विशेष आयोजन श्रीफल गौरव दिवस के अंतर्गत किया जा रहा है। यह अवसर 108 अंतर्मुखी मुनि पूज्य सागर महाराज के पावन दीक्षा दिवस तथा जगद्गुरु कर्मयोगी स्वातिश्री चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी के अवतरण दिवस के शुभ अवसर से जुड़ा हुआ है। इन दोनों पुण्य अवसरों को धर्ममय और ऐतिहासिक स्वरूप देने के उद्देश्य से वैभव नगर जैन मंदिर में भगवान श्री पार्श्वनाथ की स्फटिक प्रतिमा का लघु पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव आयोजित किया जा रहा है।

धार्मिक मान्यताओं के अनुसार पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव जैन धर्म में अत्यंत महत्वपूर्ण अनुष्ठान माना जाता है। यह आयोजन केवल प्रतिमा प्रतिष्ठा तक सीमित नहीं होता, बल्कि यह आत्मशुद्धि, धर्माराधना, संयम, तप और आध्यात्मिक जागरण का भी प्रतीक होता है। पंचकल्याणक के माध्यम से भगवान के जीवन के पांच प्रमुख कल्याणकारी प्रसंगों — गर्भ, जन्म, तप, ज्ञान और मोक्ष — का स्मरण एवं महिमामंडन किया जाता है। जब किसी जिनबिम्ब की प्रतिष्ठा पंचकल्याणक विधान के साथ संपन्न होती है, तब वह स्थल विशेष रूप से श्रद्धा और साधना का केंद्र बन जाता है।

इसी पावन भावना के साथ वैभव नगर जैन मंदिर, संत सदन इंदौर में भगवान श्री पार्श्वनाथ की स्फटिक प्रतिमा की प्रतिष्ठा की जा रही है। स्फटिक से निर्मित भगवान की प्रतिमा अपनी दिव्यता, शांति और अलौकिक आभा के कारण विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगी। श्रद्धालुओं का मानना है कि स्फटिक प्रतिमा के दर्शन मन में शांति, सकारात्मकता और आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार करते हैं। आयोजन के दौरान बड़ी संख्या में धर्मावलंबियों के उपस्थित होने की संभावना व्यक्त की जा रही है।

यह तीन दिवसीय महोत्सव 9, 10 एवं 11 मई को आयोजित किया जाएगा। महोत्सव अंतर्मुखी मुनिश्री 108 पूज्य सागर जी महाराज के पावन सान्निध्य में संपन्न होगा। उनके सान्निध्य में होने वाला यह आयोजन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आध्यात्मिक अनुभव प्रदान करेगा। मुनिश्री के आशीर्वचन, धर्मोपदेश एवं प्रेरणादायी संदेश समाज को धर्म, संयम और सदाचार की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देंगे।

प्रतिष्ठा महोत्सव की समस्त विधि-विधान की क्रियाएं नगर गौरव बाल ब्रह्मचारी सुनील भैया जी (अनंतपुरा) इंदौर द्वारा संपन्न कराई जाएंगी। धार्मिक आयोजनों में उनकी विशिष्ट भूमिका और अनुभव के कारण यह आयोजन और अधिक गरिमामय एवं भव्य रूप में संपन्न होने जा रहा है। वे पूरे विधान को पारंपरिक जैन आगमों एवं शास्त्रीय पद्धति के अनुसार संपन्न कराएंगे, जिससे आयोजन की धार्मिक पवित्रता और आध्यात्मिक गरिमा बनी रहेगी।

आयोजन समिति के प्रमुख श्रीपाल जैन ने बताया कि इस महोत्सव को सफल एवं भव्य बनाने के लिए व्यापक स्तर पर तैयारियां की जा रही हैं। मंदिर परिसर को आकर्षक एवं धार्मिक स्वरूप प्रदान किया जा रहा है। विभिन्न धार्मिक अनुष्ठानों, पूजन-विधानों एवं सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भक्तिमय वातावरण निर्मित किया जाएगा। समाज के विभिन्न वर्गों के लोग आयोजन में अपनी सेवाएं प्रदान कर रहे हैं।

उन्होंने बताया कि यह आयोजन श्री 1008 पद्मप्रभु दिगम्बर जैन धार्मिक एवं पारमार्थिक ट्रस्ट, वैभव नगर तथा आरोहण परिवार एवं श्रीफल गौरव दिवस महोत्सव समिति के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित किया जा रहा है। सभी संस्थाएं मिलकर आयोजन को सफल बनाने में समर्पित भाव से कार्य कर रही हैं। समाज के वरिष्ठजनों, युवाओं, महिलाओं एवं बच्चों में आयोजन को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है।

ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीपाल जैन एवं महामंत्री दीपक जैन मादावत ने समस्त धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे सपरिवार आयोजन में उपस्थित होकर धर्मलाभ प्राप्त करें। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन समाज में संस्कार, आध्यात्मिक चेतना और पारस्परिक सद्भाव को मजबूत करते हैं। पंचकल्याणक जैसे पवित्र आयोजन केवल धार्मिक कार्यक्रम नहीं होते, बल्कि यह समाज को एक सूत्र में बांधने का माध्यम भी बनते हैं।

महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा, जिनमें पूजन, अभिषेक, शांति धारा, विधान, धार्मिक प्रवचन एवं भक्ति कार्यक्रम प्रमुख रहेंगे। श्रद्धालुओं को धर्म की गहराइयों को समझने तथा आत्मिक उन्नति की दिशा में प्रेरित करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम भी आयोजित किए जाएंगे। आयोजन के दौरान संपूर्ण वातावरण भक्तिमय एवं आध्यात्मिक ऊर्जा से ओतप्रोत रहेगा।

जैन धर्म में भगवान पार्श्वनाथ का विशेष महत्व माना जाता है। वे जैन धर्म के तेईसवें तीर्थंकर हैं और अहिंसा, करुणा, तप एवं त्याग के प्रतीक माने जाते हैं। उनकी प्रतिमा की प्रतिष्ठा एवं पंचकल्याणक आयोजन समाज के लिए अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। विशेष रूप से स्फटिक प्रतिमा की प्रतिष्ठा को अत्यंत शुभ एवं मंगलकारी माना जाता है। श्रद्धालुओं का विश्वास है कि ऐसे आयोजनों से समाज में धर्म के प्रति आस्था और अधिक प्रबल होती है।

यह आयोजन केवल धार्मिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण माना जा रहा है। ऐसे आयोजनों से समाज में एकता, सहयोग और सेवा की भावना का विकास होता है। विभिन्न आयु वर्ग के लोग एक साथ मिलकर आयोजन की तैयारियों में भाग लेते हैं, जिससे सामाजिक समरसता और सामूहिकता की भावना मजबूत होती है।

महोत्सव में शामिल होने वाले श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं। बाहर से आने वाले अतिथियों एवं समाजजनों के लिए आवास, भोजन एवं अन्य आवश्यक सुविधाओं का विशेष ध्यान रखा जा रहा है। आयोजन समिति द्वारा सभी व्यवस्थाओं को सुव्यवस्थित एवं सुचारु रूप से संचालित करने के लिए अलग-अलग समितियों का गठन किया गया है।

समाज के वरिष्ठजन भी इस आयोजन को ऐतिहासिक और प्रेरणादायी बता रहे हैं। उनका कहना है कि वर्तमान समय में ऐसे धार्मिक आयोजन समाज को नैतिकता, संयम और आध्यात्मिकता की ओर प्रेरित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। नई पीढ़ी को धर्म एवं संस्कारों से जोड़ने के लिए भी ऐसे कार्यक्रम अत्यंत उपयोगी सिद्ध होते हैं।

धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि श्रीफल गौरव दिवस के अंतर्गत आयोजित यह महोत्सव समाज के लिए विशेष महत्व रखता है। यह आयोजन श्रद्धा, भक्ति एवं आध्यात्मिक चेतना का अद्भुत संगम होगा। उन्होंने सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया कि वे अधिक से अधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाएं और धर्मलाभ प्राप्त करें।

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन धार्मिक कार्यक्रमों की श्रृंखला आयोजित होगी, जिसमें प्रातःकालीन अभिषेक, पूजन एवं मंगलाचरण से लेकर शाम को भक्ति संध्या और धर्मसभा तक अनेक कार्यक्रम शामिल रहेंगे। मुनिश्री के सान्निध्य में होने वाले प्रवचन श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण का केंद्र रहेंगे। उनके प्रेरणादायी उद्बोधन जीवन को धर्ममय एवं सकारात्मक दिशा प्रदान करने वाले होंगे।

समिति के सदस्यों ने बताया कि आयोजन को लेकर समाज में अत्यधिक उत्साह है और बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। मंदिर परिसर को विशेष रूप से सजाया जा रहा है तथा धार्मिक ध्वज, तोरण एवं आकर्षक सजावट के माध्यम से वातावरण को भक्तिमय स्वरूप प्रदान किया जा रहा है।

धर्म, संस्कृति और अध्यात्म के इस पावन संगम में भाग लेकर श्रद्धालु निश्चित रूप से आत्मिक शांति एवं पुण्य लाभ प्राप्त करेंगे। भगवान श्री पार्श्वनाथ की स्फटिक प्रतिमा की प्रतिष्ठा का यह अवसर समाज के लिए अविस्मरणीय एवं ऐतिहासिक बनने जा रहा है।

अंत में ट्रस्ट अध्यक्ष श्रीपाल जैन, महामंत्री दीपक जैन मादावत एवं समस्त आयोजन समिति ने पुनः सभी धर्मप्रेमी बंधुओं से आग्रह किया है कि वे अपने परिवार सहित वैभव नगर जैन मंदिर, संत सदन इंदौर में आयोजित इस भव्य लघु जिनबिम्ब पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव में पधारकर धर्मलाभ प्राप्त करें और आयोजन को सफल बनाएं।

– राजेश जैन दद्दू
धर्म समाज प्रचारक, इंदौर
मो. 9425321169

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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