दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन का इंदौर में भव्य आयोजन, जिसमें महिला सशक्तिकरण, समाज सेवा और संस्कृति के नए आयाम स्थापित किए गए। जानिए पूरी रिपोर्ट।
दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन: इंदौर में सेवा, संस्कार और संगठन का भव्य संगम
इंदौर में आयोजित दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन ने न केवल समाज सेवा के नए आयाम स्थापित किए, बल्कि महिला सशक्तिकरण, सांस्कृतिक जागरूकता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक अद्भुत उदाहरण भी प्रस्तुत किया। दो दिवसीय यह 39वां राष्ट्रीय अधिवेशन चंद्रलीला रिसोर्ट में अत्यंत भव्य और प्रेरणादायक वातावरण में संपन्न हुआ।
अधिवेशन के प्रमुख दृश्य
अधिवेशन का परिचय
दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन का आयोजन देशभर की महिला प्रतिनिधियों को एक मंच पर लाने का महत्वपूर्ण प्रयास है। इस वर्ष आयोजित 39वें अधिवेशन में 19 प्रांतों से आई महिलाओं ने भाग लिया और अपने कार्यों का प्रदर्शन किया।यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं, बल्कि सामाजिक परिवर्तन की दिशा में एक ठोस कदम साबित हुआ।
मुख्य अतिथि एवं कार्यक्रम की शुरुआत
कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महावीर के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और ध्वजारोहण के साथ हुई। इस दौरान प्रमुख अतिथि के रूप में युवा परिषद के राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रशांत समैया और विशेष अतिथि हंसमुख गांधी उपस्थित रहे।महिला परिषद की केंद्रीय अध्यक्ष निर्मला जैन ने सभी अतिथियों और प्रतिनिधियों का स्वागत किया।
महिला परिषद की उपलब्धियां
निर्मला जैन ने अपने चार वर्षीय कार्यकाल का उल्लेख करते हुए बताया कि:
- 19 प्रांतों में परिषद सक्रिय रही
- धर्म, समाज और संस्कृति के क्षेत्र में महत्वपूर्ण कार्य हुए
- “सर्व कल्याणम” के ध्येय को साकार किया गया
यह उपलब्धियां दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन की सफलता को दर्शाती हैं।
सामाजिक और शैक्षणिक योगदान
केंद्रीय महासचिव प्रभा जैन ने अपने प्रतिवेदन में बताया कि परिषद ने:
- स्वास्थ्य शिविर आयोजित किए
- गरीब वर्ग को चिकित्सा सहायता दी
- शिक्षा के लिए लैपटॉप और अन्य संसाधन वितरित किए
- महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने हेतु सिलाई मशीनें दीं
- दिव्यांगजनों को ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई
ये सभी कार्य दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन की सामाजिक प्रतिबद्धता को मजबूत करते हैं।
मुख्य अतिथियों के प्रेरक विचार
प्रशांत समैया ने कहा कि परिषद के कार्य समाज के लिए वंदनीय हैं।हंसमुख गांधी ने महिलाओं की प्रतिभा पर जोर देते हुए कहा:“बेटियों को पंख और बेटों को संस्कार देना समय की मांग है।”
बैनर प्रेजेंटेशन और सहभागिता
अधिवेशन में विभिन्न राज्यों से आई टीमों ने बैनर प्रेजेंटेशन के माध्यम से अपने कार्यों को आकर्षक ढंग से प्रस्तुत किया। इससे न केवल प्रेरणा मिली बल्कि विचारों का आदान-प्रदान भी हुआ।
नई अध्यक्ष की नियुक्ति
अधिवेशन के समापन से पहले:
- शकुंतला सिंघई को नई अध्यक्ष घोषित किया गया
- उन्हें शपथ दिलाई गई
- निर्मला जैन ने उन्हें अध्यक्ष पद सौंपा
भविष्य की योजनाएं और संकल्प
नई अध्यक्ष शकुंतला सिंघई ने अपने संबोधन में कहा:
- परिषद की थीम होगी: “सहज सेवा”
- सेवा, संवेदना और सहयोग पर जोर रहेगा
- महिला सशक्तिकरण और युवा मार्गदर्शन प्राथमिकता होगी
महिला सशक्तिकरण की दिशा में पहल
दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन महिलाओं को सिर्फ मंच ही नहीं देता, बल्कि उन्हें नेतृत्व और आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ाता है।महिलाएं अब:
- सामाजिक नेतृत्व कर रही हैं
- आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बन रही हैं
- शिक्षा और संस्कार को आगे बढ़ा रही हैं
निष्कर्ष
दिगंबर जैन महिला परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि एक आंदोलन है—जो सेवा, संस्कार और समाज निर्माण की दिशा में निरंतर आगे बढ़ रहा है।यह अधिवेशन बताता है कि जब महिलाएं संगठित होती हैं, तो वे समाज में सकारात्मक परिवर्तन की सबसे बड़ी ताकत बन जाती हैं।


