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Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव: भव्य आयोजन में CM डॉ. मोहन यादव का प्रेरणादायक संबोधन, अहिंसा की शक्ति पर बड़ा संदेश

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Published On: 3 May 2026
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Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अहिंसा, संस्कार और जैन परंपरा को राष्ट्र की शक्ति बताया। जानें पूरा आयोजन, भक्ति, संदेश और विशेष क्षण।

Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव: आध्यात्मिकता, परंपरा और सामाजिक चेतना का अद्भुत संगम

Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव शहर के धार्मिक और सांस्कृतिक जीवन में एक ऐतिहासिक अध्याय के रूप में सामने आया। तिलक नगर स्थित श्री राजेंद्रसूरी आराधना भवन में आयोजित यह भव्य आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज, संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का जीवंत उदाहरण बन गया।

इस महोत्सव में मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को कई गुना बढ़ा दिया। उनके प्रेरणादायक विचारों ने न केवल जैन समाज बल्कि पूरे प्रदेश के लिए एक सकारात्मक संदेश दिया।

Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव का महत्व

इंदौर जैन प्रतिष्ठा महोत्सव केवल एक धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि आस्था, अनुशासन और सामाजिक एकता का प्रतीक है। इस आयोजन में प्रदेशभर से हजारों श्रद्धालु शामिल हुए, जिससे यह स्पष्ट हुआ कि जैन धर्म की परंपराएं आज भी समाज में गहराई से जीवित हैं।यह महोत्सव जैन संस्कृति के मूल मूल्यों—अहिंसा, संयम और तप—को पुनर्जीवित करने का एक माध्यम बना।

मुख्यमंत्री का प्रेरणादायक संबोधन

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने उद्बोधन में कहा:

  • जैन धर्म के सिद्धांत आज के समय में अत्यंत प्रासंगिक हैं
  • अहिंसा केवल एक विचार नहीं, बल्कि जीवन जीने की शैली है
  • समाज के विकास में जैन समुदाय का योगदान अत्यंत महत्वपूर्ण है

उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे  Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव जैसे आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार करते हैं।

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जैन धर्म के सिद्धांत और उनका प्रभाव

अहिंसा – जीवन का मूल आधार

जैन धर्म का सबसे प्रमुख सिद्धांत अहिंसा है, जो आज के हिंसात्मक वातावरण में अत्यंत महत्वपूर्ण बन जाता है।

संयम और तप

संयम व्यक्ति को आत्मनियंत्रण सिखाता है और तप उसे मानसिक रूप से मजबूत बनाता है।

सत्य और सेवा

सत्य जीवन को स्पष्टता देता है और सेवा समाज को जोड़ने का कार्य करती है।

आचार्य परंपरा और आध्यात्मिक ऊर्जा

इस Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव का आयोजन आचार्य श्री हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के सान्निध्य में हुआ।उनकी उपस्थिति ने पूरे वातावरण को आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
श्रद्धालुओं ने उनके आशीर्वचनों को जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।

आयोजन की विशेषताएं

  • भव्य सजावट और अनुशासित व्यवस्था
  • धार्मिक अनुष्ठान और पूजन
  • हजारों श्रद्धालुओं की भागीदारी
  • समाज के प्रमुख व्यक्तियों की उपस्थिति

इस आयोजन में मेघराज जैन, सुजानमल सेठ, प्रेमकमल बागरेचा जैसे कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे।

भक्ति संध्या का अद्भुत अनुभव

रात्रि में आयोजित भक्ति संध्या इस महोत्सव का मुख्य आकर्षण रही।

  • जयपुर के भजन गायक राजीव विजयवर्गीय
  • इंदौर के देवेश जैन

दोनों कलाकारों ने अपनी प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दियापूरा वातावरण भक्ति और उत्साह से भर गया।


समाज और राष्ट्र निर्माण में भूमिका

Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव जैसे आयोजन समाज को जोड़ने और संस्कारों को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।मुख्यमंत्री ने भी अपने संबोधन में कहा कि:

  • ऐसे आयोजन युवाओं को सही दिशा देते हैं
  • समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा मिलता है
  • राष्ट्र निर्माण में आध्यात्मिकता की अहम भूमिका होती है

निष्कर्ष

Indore जैन प्रतिष्ठा महोत्सव एक ऐसा आयोजन रहा जिसने यह साबित कर दिया कि परंपरा और आधुनिकता साथ-साथ चल सकती हैं।यह महोत्सव केवल धार्मिक आयोजन नहीं बल्कि एक सामाजिक आंदोलन है, जो लोगों को जोड़ता है, संस्कार देता है और जीवन को दिशा प्रदान करता है।मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की उपस्थिति और उनके विचारों ने इस आयोजन को और भी विशेष बना दिया।

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