12-13 जून को Indore में 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन के तहत 11 देशों के कृषि मंत्रियों की बैठक। खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कृषि और टिकाऊ विकास पर होगी निर्णायक चर्चा। शिवराज सिंह चौहान के प्रस्ताव पर इंदौर चुना गया। विस्तार से पढ़ें।
Indore को मिली अंतरराष्ट्रीय पहचान
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन Indore में आयोजित होने जा रहा है – यह खबर मध्य प्रदेश के लिए गर्व का क्षण है। भारत की अध्यक्षता में होने वाले इस वैश्विक सम्मेलन के तहत 12 और 13 जून 2026 को 11 देशों के कृषि मंत्री इंदौर में एकजुट होंगे। यह पहली बार नहीं है जब Indore ने बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजन की मेज़बानी की, लेकिन ब्रिक्स जैसे प्रभावशाली मंच पर कृषि मंत्रियों का यह जमावड़ा शहर की क्षमताओं को नई ऊंचाई देगा।
इस लेख में हम आपको इस ऐतिहासिक आयोजन की हर छोटी-बड़ी जानकारी देंगे – तिथियों, स्थान, भाग लेने वाले देशों, मुख्य विषयों और तैयारियों के बारे में। साथ ही, जानिए कैसे केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर को इस सम्मान का हकदार बनाया।
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन Indore में कब और कहाँ?
- मुख्य बैठक: 12-13 जून 2026
- स्थान: इंदौर (राजावाड़ा और आसपास के प्रतिष्ठित आयोजन स्थल)
- तकनीकी बैठकें: 9 से 11 जून 2026 (अधिकारी स्तर पर विशेषज्ञ चर्चा)
गौरतलब है कि मुख्य शिखर सम्मेलन भारत के किसी बड़े शहर में होगा, लेकिन कृषि मंत्रियों की बैठक विशेष रूप से Indore को सौंपी गई है। यह भारत की डिजिटल कृषि और खाद्य सुरक्षा में सफलता को वैश्विक स्तर पर प्रदर्शित करने का अवसर भी है।
11 देशों के कृषि मंत्रियों की सूची और भागीदारी
ब्रिक्स के पारंपरिक पाँच सदस्यों – ब्राज़ील, रूस, भारत, चीन, दक्षिण अफ्रीका – के अलावा छह नए देश भी इस बैठक में शामिल होंगे। कुल मिलाकर 11 देशों के कृषि मंत्री उपस्थित रहेंगे:
| क्र. | देश का नाम | महत्वपूर्ण कृषि उपलब्धि / मुद्दा |
|---|---|---|
| 1 | ब्राज़ील | विश्व में सोयाबीन और कॉफी का सबसे बड़ा उत्पादक |
| 2 | रूस | अनाज निर्यात में अग्रणी, गेहूँ निर्यातक |
| 3 | भारत (मेज़बान) | डिजिटल कृषि, किसान सम्मान निधि, PM-KISAN |
| 4 | चीन | सब्जियों और चावल का वैश्विक पावरहाउस |
| 5 | दक्षिण अफ्रीका | मक्का और साइट्रस निर्यात में विशेषज्ञ |
| 6 | मिस्र | नील डेल्टा में खाद्य सुरक्षा चुनौतियाँ |
| 7 | इथियोपिया | कॉफी की उत्पत्ति, जैविक खेती |
| 8 | ईरान | केसर, पिस्ता और सूखे से जूझती कृषि |
| 9 | सऊदी अरब | रेगिस्तान में हाइड्रोपोनिक्स तकनीक |
| 10 | संयुक्त अरब अमीरात (UAE) | वर्टिकल फार्मिंग और टिकाऊ सिंचाई |
| 11 | इंडोनेशिया | पाम ऑयल और उष्णकटिबंधीय फसलें |
यह विविधता इसलिए अहम है क्योंकि हर देश कृषि जलवायु, तकनीकी स्तर और नीतियों में अलग है। इंदौर में ये मंत्री आपसी सहयोग के नए मॉडल तैयार करेंगे।
मुख्य एजेंडा: खाद्य सुरक्षा, डिजिटल कृषि और टिकाऊ खेती
18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन Indore के कृषि मंत्रियों के एजेंडे में चार प्रमुख स्तंभ हैं:
- खाद्य सुरक्षा (Food Security) – वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में व्यवधान से निपटना, अनाज भंडारण और बफर स्टॉक साझा करना।
- डिजिटल कृषि (Digital Agriculture) – भारत की ई-NAM, डिजीलॉकर और AI आधारित फसल सलाह का प्रदर्शन।
- तकनीकी आदान-प्रदान – जलवायु-सहिष्णु बीज, ड्रोन तकनीक, मृदा स्वास्थ्य कार्ड।
- सतत विकास लक्ष्य (SDGs) – किसानों की आय दोगुनी करना, जैविक खेती को बढ़ावा।
“खाद्य सुरक्षा केवल उत्पादन नहीं, बल्कि समान वितरण और कुपोषण मुक्त समाज का सपना है।” – शिवराज सिंह चौहान, केंद्रीय कृषि मंत्री
विशेष रूप से डिजिटल कृषि पर चर्चा के लिए भारत का अनुभव मॉडल के तौर पर रखा जाएगा। इंदौर की एग्री-टेक स्टार्टअप कंपनियाँ भी इस अवसर पर अपनी तकनीक लाइव प्रदर्शित करेंगी।
कैसे Indore बना मेजबान? शिवराज सिंह चौहान का प्रस्ताव
केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने न केवल इंदौर का नाम प्रस्तावित किया, बल्कि पूरी तैयारी की कमान भी संभाली। उनके सुझाव पर मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने तुरंत सहमति दे दी। रविवार 3 मई 2026 को दोनों नेता Indore पहुंचकर बैठक करेंगे और सुरक्षा, आवास, परिवहन आदि की अंतिम रूपरेखा तय करेंगे।
क्यों इंदौर?
- उत्कृष्ट अंतरराष्ट्रीय कनेक्टिविटी (देवी अहिल्याबाई होल्कर अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा)
- पहले भी प्रवासी भारतीय सम्मेलन, कृषि समूह बैठकें जैसे बड़े आयोजन हो चुके हैं
- स्वच्छता सर्वेक्षण में शीर्ष स्थान – “स्वच्छ इंदौर, स्मार्ट इंदौर” का वैश्विक ब्रांड
- पर्याप्त 5-सितारा होटल, कन्वेंशन सेंटर और सुरक्षा व्यवस्था
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की भूमिका और तैयारियाँ
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा – “हम सभी 11 देशों के मंत्रियों को मध्य प्रदेश की परंपरागत कृषि से रूबरू कराएंगे। इंदौर में एक हजार से अधिक अधिकारियों और पत्रकारों के ठहरने की व्यवस्था की जा रही है।”तैयारियों में शामिल हैं:
- बैठक स्थल: ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर और होटल सयाजी
- सुरक्षा: एंटी-ड्रोन सिस्टम, कमांडो की तैनाती
- मल्टी-लिंग्वल सपोर्ट: रूसी, चीनी, अरबी, पुर्तगाली भाषाओं के अनुवादक
- सांस्कृतिक कार्यक्रम: निमाड़ी लोकनृत्य, बांसवाड़ा की हस्तशिल्प प्रदर्शनी
इसके अलावा 50 वॉलंटियर कॉलेज छात्रों को प्रशिक्षित किया जा रहा है। अंतरराष्ट्रीय मंच पर Indoreका स्मार्ट सिटी प्रोजेक्ट भी दिखाया जाएगा।
तकनीकी बैठकें: 9-11 जून को अधिकारी स्तरीय चर्चा
मंत्रियों की बैठक से पहले 9 से 11 जून तक कृषि सचिवों और तकनीकी विशेषज्ञों की बैठक होगी। इनमें निम्न विषयों पर गहन चर्चा अपेक्षित है:
| तिथि | विषय | प्रमुख एजेंडा |
|---|---|---|
| 9 जून | जीन बैंक और बीज सुरक्षा | क्रॉप डायवर्सिटी संरक्षण |
| 10 जून | डिजिटल एक्सटेंशन सर्विस | AI चैटबॉट, मृदा मानचित्रण |
| 11 जून | पोषण सुरक्षा – माइक्रोन्यूट्रिएंट्स | फोर्टीफाइड राशन, मध्याह्न भोजन |
इन बैठकों के बाद जो सिफारिशें बनेंगी, उन्हें मंत्री स्तर पर अंतिम रूप दिया जाएगा। यह मॉडल जी20 कृषि बैठकों की तर्ज पर है।
सम्मेलन की थीम और वैश्विक कृषि सहयोग पर प्रभाव
भारत ने इस 18वें ब्रिक्स शिखर सम्मेलन की थीम रखी है:“रेजिलिएंस, इनोवेशन, सहयोग और सतत विकास”(Resilience, Innovation, Collaboration and Sustainable Development)यह थीम कृषि क्षेत्र में उन चुनौतियों का समाधान खोजने का प्रयास करती है जो कोविड-19, रूस-यूक्रेन युद्ध और जलवायु परिवर्तन से उजागर हुईं। इंदौर बैठक से उम्मीद है कि:
- ब्रिक्स देशों के बीच खाद्य तेल और अनाज का गलियारा बने
- सौर सिंचाई और मृदा स्वास्थ्य कार्ड का मानकीकरण हो
- डिजिटल कृषि के लिए एक संयुक्त कार्य बल गठित किया जाए
Indore में पहले भी हो चुके हैं बड़े आयोजन
इंदौर ने अंतरराष्ट्रीय आयोजनों का सफलतापूर्वक संचालन किया है। उदाहरण:
- 2018 में प्रवासी भारतीय सम्मेलन – 50 से अधिक देशों के प्रतिभागी
- 2022 में कृषि समूह (G-33) की बैठक – WTO के संदर्भ में
- 2024 में आईटीएफ टेनिस टूर्नामेंट – एशियाई स्तर पर
अब ब्रिक्स कृषि मंत्रियों का जमावड़ा इंदौर के आयोजन कौशल को वैश्विक नक्शे पर और मजबूत करेगा। स्थानीय व्यापारी, हेल्पर एसोसिएशन और होटल एसोसिएशन पूरी तरह से तैयार हैं।
समापन – क्यों यह शिखर सम्मेलन है ऐतिहासिक?
18वां ब्रिक्स शिखर सम्मेलन Indore सिर्फ एक बैठक नहीं, बल्कि भारत की बढ़ती वैश्विक नेतृत्व क्षमता का सबूत है। जब 11 देशों के कृषि मंत्री एक मंच पर आते हैं, तो न केवल खाद्यान्न की कीमतें प्रभावित होती हैं, बल्कि टिकाऊ खेती, ग्रामीण अर्थव्यवस्था और तकनीकी सहयोग की नई नींव रखी जाती है।
