अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। जानें अध्यक्ष चयन, सम्मान समारोह, समाज सुधार और महिला सशक्तिकरण पर विशेष फोकस।
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर
इंदौर में आयोजित अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर अत्यंत भव्य, प्रेरणादायक और ऐतिहासिक वातावरण में सम्पन्न हुआ। यह अधिवेशन न केवल संगठनात्मक दृष्टि से महत्वपूर्ण रहा, बल्कि समाज सुधार, एकता और भविष्य की दिशा तय करने वाला भी साबित हुआ।
इस अधिवेशन की अध्यक्षता श्री अनिल पारस दास जैन ने की, जिनका चयन राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति द्वारा सर्वसम्मति से अनुमोदित किया गया।
संगठन और नेतृत्व की महत्वपूर्ण घोषणाएँ
अधिवेशन से पूर्व आयोजित राष्ट्रीय प्रबंधकारिणी समिति की बैठक में सभी सदस्यों ने श्री अनिल पारस दास जैन के अध्यक्ष पद पर मनोनयन को सर्वसम्मति से स्वीकार किया।नवनियुक्त अध्यक्ष ने अपने उद्बोधन में कहा कि—
- यह परिषद राष्ट्रीय स्तर की एकमात्र संस्था है जिसका अपना भवन दिल्ली जैसे महानगर में स्थित है
- पंचकल्याणक जैसे आयोजनों में होने वाले अपव्यय को रोककर उस धन को जनकल्याण में लगाया जाए
- सभी प्रदेश अध्यक्षों और महिला परिषद के योगदान की सराहना की
उन्होंने पदाधिकारी मंडल के 11 सदस्यों के नामों की भी घोषणा की।
मुख्य अतिथियों के प्रेरणादायक विचार
विधायक शैलेन्द्र जैन (सागर)
उन्होंने कहा कि परिषद का 103 वर्षों का गौरवशाली इतिहास समाज सुधार का प्रमाण है।
- महिला सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया
- महिलाओं से परिषद को मजबूत बनाने का आह्वान किया
विधायक दिनेश जैन (महीदपुर)
- “जियो और जीने दो” सिद्धांत पर चलने का संदेश
- समाज के आर्थिक संतुलन सुधारने पर बल
- सभी समुदायों के साथ मिलकर आगे बढ़ने की प्रेरणा
सम्मान समारोह की भव्यता
अधिवेशन में कई विशिष्ट व्यक्तियों को सम्मानित किया गया। उन्हें प्रतीक चिन्ह, माला, दुपट्टा और परिषद गौरव पुरस्कार प्रदान किए गए।
सम्मानित प्रमुख व्यक्तित्व:
- शैलेन्द्र जैन (विधायक, सागर)
- सुरेश जैन (IAS, भोपाल)
- सुनील जैन (सागर)
- अशोक जैन (गुरुग्राम)
- सतीश जैन (हरिद्वार)
- डॉ. अखिल बंसल (जयपुर)
- सुनील जैन (दिल्ली)
- जितेन्द्र जैन (आगरा)
- प्रशांत जैन (युवा परिषद, सागर)
विशेष पुरस्कार:
- परिषद शिरोमणि रत्न: चक्रेश जैन
- मरणोपरांत सम्मान: डॉ. जीवन लाल जैन
- परिषद गौरव पुरस्कार: डी. आर. जैन, ए. के. जैन, श्रीमती आशा विनायका
द्वितीय सत्र: समाज सुधार और भविष्य की दिशा
दूसरे सत्र में विभिन्न प्रदेश अध्यक्षों और प्रतिनिधियों ने समाज सुधार और संगठन विस्तार पर अपने विचार रखे।
मुख्य सुझाव:
- सुनील जैन (सागर): जनगणना में जैन धर्म लिखने का आग्रह
- सतीश जैन (हरिद्वार): साधु-संतों के आहार-विहार में युवाओं की भागीदारी
- डॉ. अखिल बंसल (जयपुर): शिक्षा क्षेत्र में ठोस कार्ययोजना
- प्रशांत जैन (युवा परिषद): युवाओं को जोड़ने का संकल्प
- डी. आर. जैन: परिषद के पूर्व कार्यों का उल्लेख और धन्यवाद
धार्मिक एवं सांस्कृतिक गरिमा
कार्यक्रम में धार्मिक वातावरण अत्यंत पवित्र और प्रेरणादायक रहा।
प्रमुख आयोजन:
- ध्वजारोहण: अनिल जैन
- मंच उद्घाटन: सुरेश जैन (IAS)
- चित्र अनावरण एवं दीप प्रज्वलन: सभी अतिथियों द्वारा
देशभर से प्रतिनिधियों की सहभागिता
इस अधिवेशन में देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में प्रतिनिधियों ने भाग लिया, जिनमें प्रमुख रूप से—
- स्वामी जयंत कीर्ति जी (उज्जैन)
- अशोक सिंघल
- सरला जैन
- पुनीत जैन
- रेनू जैन
- नीरज जैन
- सुभाष बड़जात्या
- जिनेन्द्र जैन
- सुरेन्द्र कुमार
- सरला सांवरिया
- प्रभा जैन
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर का महत्व
यह अधिवेशन केवल एक बैठक नहीं बल्कि—
- संगठन की दिशा तय करने वाला मंच
- समाज सुधार का संकल्प
- युवाओं और महिलाओं को जोड़ने की पहल
- आर्थिक और धार्मिक संतुलन का मार्गदर्शन
निष्कर्ष
अखिल भारतवर्षीय दिगम्बर जैन परिषद राष्ट्रीय अधिवेशन इंदौर एक ऐतिहासिक और प्रेरणादायक आयोजन रहा, जिसने समाज को नई दिशा, ऊर्जा और एकता का संदेश दिया। यह अधिवेशन आने वाले समय में जैन समाज के विकास और संगठन की मजबूती में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
