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Bargi Dam नाव हादसा: तेज आंधी में क्रूज पलटा, मां-बेटे की दर्दनाक मौत, रेस्क्यू में भावुक करने वाला दृश्य सामने आया

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Published On: 1 May 2026
Bargi Dam

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जबलपुर।
मध्यप्रदेश के जबलपुर स्थित प्रसिद्ध Bargi Dam में हुए नाव हादसे ने पूरे क्षेत्र को झकझोर कर रख दिया है। शुक्रवार सुबह रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान एक ऐसी तस्वीर सामने आई, जिसने हर किसी की आंखें नम कर दीं। एक मां अपने चार वर्षीय बेटे को कलेजे से लगाए हुए पानी में मृत अवस्था में मिली। दोनों की एक साथ अंतिम अवस्था देखकर राहत और बचाव कार्य में जुटे जवान भी भावुक हो गए।

यह दर्दनाक घटना न केवल एक परिवार के टूटने की कहानी है, बल्कि प्रशासनिक व्यवस्थाओं और पर्यटन सुरक्षा पर भी गंभीर सवाल खड़े करती है।

दिल्ली से घूमने आया था परिवार

जानकारी के अनुसार, दिल्ली निवासी मसीह परिवार कुल छह सदस्यों के साथ मध्यप्रदेश घूमने आया था। परिवार के सदस्य पर्यटन के उद्देश्य से जबलपुर पहुंचे थे। गुरुवार को वे फ्लाइट से जबलपुर के डुमना विमानतल पर पहुंचे और वहां से सीधे बरगी बांध घूमने के लिए रवाना हुए।

परिवार में प्रदीप मसीह, उनकी पत्नी मरीना (39 वर्ष), बेटा प्रशांत (4 वर्ष), बेटी सिया और अन्य सदस्य शामिल थे। सभी ने बरगी बांध में क्रूज यात्रा का आनंद लेने का निर्णय लिया था, लेकिन किसी को क्या पता था कि यह यात्रा उनकी जिंदगी की आखिरी यात्रा बन जाएगी।

क्रूज पर सवार होकर हुआ हादसा

गुरुवार को परिवार क्रूज में सवार हुआ। शुरुआत में मौसम सामान्य था और पर्यटक आनंद ले रहे थे। लेकिन कुछ ही देर बाद अचानक मौसम ने करवट ले ली। तेज आंधी-तूफान के साथ भारी हवाएं चलने लगीं और पानी में ऊंची-ऊंची लहरें उठने लगीं।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इसी दौरान क्रूज का संतुलन बिगड़ गया और वह अनियंत्रित हो गया। देखते ही देखते नाव में पानी भरने लगा और यात्रियों के बीच अफरा-तफरी मच गई। लोगों को संभलने का मौका भी नहीं मिला।

कुछ लोग लाइफ जैकेट पहनकर पानी में कूदने की कोशिश करने लगे, जबकि कई लोग क्रूज के अंदर ही फंस गए।

पलभर में बदल गया सुकून का सफर

जो सफर परिवार के लिए एक खुशी का पल था, वह कुछ ही मिनटों में मौत के मंजर में बदल गया। तेज हवाओं और ऊंची लहरों ने क्रूज को पूरी तरह असंतुलित कर दिया।

लोग मदद के लिए चीखते-चिल्लाते रहे, लेकिन मौसम की भयावहता के आगे सब बेबस थे। कुछ लोग पानी में बह गए, जबकि कुछ क्रूज के अंदर फंस गए।

रेस्क्यू ऑपरेशन में दर्दनाक दृश्य

शुक्रवार सुबह जब रेस्क्यू टीम ने तलाश अभियान शुरू किया, तो बरगी बांध से एक बेहद भावुक कर देने वाली तस्वीर सामने आई। मरीना मसीह और उनका चार वर्षीय बेटा प्रशांत एक साथ पानी में मृत अवस्था में पाए गए।

सबसे दिल दहला देने वाली बात यह थी कि मां अपने बेटे को सीने से लगाए हुए थी। दोनों एक ही लाइफ जैकेट पहने हुए थे, लेकिन जिंदगी उन्हें बचा नहीं सकी।

रेस्क्यू टीम के सदस्यों ने बताया कि यह दृश्य इतना भावुक था कि कई जवानों की आंखों में आंसू आ गए।

पिता और बेटी बचने में सफल

इस हादसे में परिवार के पिता प्रदीप मसीह और उनकी बेटी सिया किसी तरह अपनी जान बचाने में सफल रहे। हालांकि वे मानसिक और भावनात्मक रूप से पूरी तरह टूट चुके हैं।

बताया जा रहा है कि जैसे ही क्रूज पलटा, कुछ यात्रियों को बाहर निकलने का मौका मिला, लेकिन कई लोग पानी में बह गए।

अन्य यात्रियों का भी दर्दनाक हाल

एक अन्य यात्री सैयद रियाज हुसैन ने बताया कि उनकी पत्नी, समधन और नाती भी अचानक आंखों के सामने लहरों में समा गए और अब तक लापता हैं।

उन्होंने बताया कि हादसा इतना अचानक हुआ कि किसी को संभलने का मौका ही नहीं मिला। कुछ ही पलों में सब कुछ खत्म हो गया।

दो घंटे तक मौत से जूझते रहे यात्री

सैयद रियाज हुसैन ने यह भी बताया कि वह खुद भी पानी में डूबने लगे थे, लेकिन किसी तरह एक जगह फंस गए, जिससे उनका सिर पानी के ऊपर रह गया।

उन्होंने करीब दो घंटे तक उसी हालत में जीवन और मृत्यु के बीच संघर्ष किया। उनके आसपास पानी में कई शव तैर रहे थे, जिससे स्थिति और भी भयावह हो गई थी।

बचाव दल की नजर पड़ने पर उनकी जान बच सकी।

अचानक बदला मौसम बना हादसे की वजह

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हादसे के समय मौसम अचानक बहुत तेजी से बदल गया। तेज हवाओं के साथ भारी बारिश और ऊंची लहरों ने स्थिति को पूरी तरह असंतुलित कर दिया।

स्थानीय लोगों का कहना है कि इस तरह के मौसम में नाव संचालन पहले ही रोक दिया जाना चाहिए था, लेकिन पर्यटकों की भीड़ और संचालन व्यवस्था के कारण क्रूज चलाया जा रहा था।

पर्यटन विभाग पर सवाल

इस दर्दनाक घटना के बाद पर्यटन विभाग और प्रशासन की भूमिका पर भी सवाल उठने लगे हैं। आरोप है कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण यह बड़ा हादसा हुआ।

लोगों का कहना है कि क्रूज संचालन के दौरान मौसम की स्थिति पर पर्याप्त ध्यान नहीं दिया गया, जिससे यह त्रासदी हुई।

लापता लोगों की तलाश जारी

रेस्क्यू टीम लगातार लापता लोगों की तलाश में जुटी हुई है। नावों, गोताखोरों और बचाव दल की मदद से पूरे क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है।

अब तक कई शव बरामद किए जा चुके हैं, जबकि कुछ लोग अभी भी लापता बताए जा रहे हैं।

शोक और मातम का माहौल

इस हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक का माहौल है। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। स्थानीय लोग भी इस घटना से गहरे सदमे में हैं।

बरगी बांध, जो आमतौर पर पर्यटन और मनोरंजन का केंद्र माना जाता है, अब एक दर्दनाक हादसे की जगह बन गया है।

निष्कर्ष

बरगी बांध नाव हादसा एक ऐसी त्रासदी है, जिसने कई परिवारों को उजाड़ दिया है। मां और मासूम बेटे की साथ मिली अंतिम तस्वीर इस घटना को और भी भावुक और दर्दनाक बना देती है।

यह हादसा न केवल एक प्राकृतिक आपदा का परिणाम है, बल्कि सुरक्षा व्यवस्थाओं की गंभीर कमी की ओर भी इशारा करता है। अब आवश्यकता है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सख्त कदम उठाए जाएं और पर्यटन स्थलों पर सुरक्षा मानकों को और मजबूत किया जाए।

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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