Raja रघुवंशी हत्याकांड: सोनम की जमानत के खिलाफ हाईकोर्ट जाने की तैयारी, परिवार ने शुरू की कानूनी लड़ाई
इंदौर के चर्चित Raja रघुवंशी हत्याकांड ने एक बार फिर नया मोड़ ले लिया है। इस मामले में आरोपी सोनम रघुवंशी को हाल ही में जमानत मिलने के बाद अब राजा रघुवंशी का परिवार इसे चुनौती देने की तैयारी में जुट गया है। परिवार ने स्पष्ट किया है कि वे इस फैसले को स्वीकार नहीं करेंगे और जमानत रद्द कराने के लिए हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।
परिवार ने शुरू की कानूनी प्रक्रिया
Raja रघुवंशी के भाई विपिन रघुवंशी ने बताया कि उन्होंने इस मामले में शिलॉन्ग के वकील से संपर्क किया है और हाईकोर्ट में जमानत रद्द कराने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। वकील की ओर से आवश्यक दस्तावेज परिवार को भेज दिए गए हैं, जिन्हें हस्ताक्षर कर वापस भेजा जाएगा।
विपिन ने बताया कि सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी करने के बाद एक सप्ताह के भीतर अपील दायर की जाएगी। उनका कहना है कि परिवार इस फैसले से संतुष्ट नहीं है और न्याय पाने के लिए हर संभव कानूनी कदम उठाया जाएगा।
जमानत के बाद परिवार में नाराजगी
सोनम रघुवंशी को जमानत मिलने के बाद परिवार में गहरा आक्रोश है। राजा की मां उमा रघुवंशी ने भावुक होकर कहा कि यदि सोनम इंदौर आती है तो वह उससे सीधा सवाल करेंगी कि आखिर उसने उनके बेटे राजा को क्यों मारा और उसका क्या दोष था।
परिवार का कहना है कि उन्हें अदालत के फैसले पर विश्वास नहीं हो रहा है और वे इसे न्याय के खिलाफ मानते हैं।
मामले में पहले भी मिल चुकी है राहत
इस हत्याकांड में इससे पहले भी तीन अन्य आरोपियों को जमानत मिल चुकी है। बाद में सबूतों के अभाव में उन्हें राहत दी गई थी। अब सोनम को भी जमानत मिलने के बाद मामला फिर से चर्चा में आ गया है।
क्या है पूरा मामला?
यह मामला उस समय सामने आया जब इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी 11 मई 2025 को सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ ही दिनों बाद 21 मई को दोनों हनीमून के लिए मेघालय के शिलॉन्ग गए थे।
23 मई को दोनों अचानक लापता हो गए, जिससे परिवार में हड़कंप मच गया। इसके बाद पुलिस ने तलाश अभियान शुरू किया और करीब 10 दिन बाद एक खाई से राजा रघुवंशी का शव बरामद किया गया। शव पर धारदार हथियार से कई गंभीर चोटों के निशान पाए गए थे।
जांच में सामने आई साजिश
जांच के दौरान पुलिस को शक हुआ कि यह एक सुनियोजित हत्या का मामला है। बाद में सोनम रघुवंशी पर आरोप लगा कि उसने अपने कुछ साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने इस मामले में सोनम सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया था, जबकि तीन अन्य लोगों को सबूत नष्ट करने के आरोप में पकड़ा गया था।
जांच के दौरान यह भी सामने आया कि वारदात में दो धारदार हथियारों का इस्तेमाल किया गया था। इनमें से एक हथियार बाद में जंगल से बरामद किया गया।
आत्मसमर्पण और गिरफ्तारी
घटना के बाद सोनम रघुवंशी फरार हो गई थी। बाद में उसने उत्तर प्रदेश में पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण किया था। इसके बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल सभी आरोपी जेल में बंद थे, जिनमें से कुछ को पहले ही जमानत मिल चुकी है।
परिवार की आगे की रणनीति
Raja रघुवंशी का परिवार अब पूरी तरह कानूनी लड़ाई के मूड में है। उनका कहना है कि वे किसी भी हाल में इस मामले को कमजोर नहीं पड़ने देंगे और न्याय की लड़ाई को आगे बढ़ाएंगे।
परिवार का दावा है कि उनके पास कई ऐसे सवाल हैं जिनका जवाब अभी तक नहीं मिला है, और वे अदालत से निष्पक्ष जांच और सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे।
निष्कर्ष
Raja रघुवंशी हत्याकांड एक बार फिर सुर्खियों में आ गया है। सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के बाद मामला अब हाईकोर्ट तक पहुंचने की तैयारी में है। एक ओर जहां आरोपी पक्ष को राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर पीड़ित परिवार न्याय की उम्मीद में कानूनी लड़ाई को आगे बढ़ा रहा है। आने वाले समय में यह मामला और भी महत्वपूर्ण मोड़ ले सकता है।
