Indore : माँ अहिल्या की पावन नगरी इंदौर एक बार फिर धर्म, आस्था और आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर हो उठी, जब शहर में गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद्विजय हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. आदि ठाणा का भव्य मंगल प्रवेश अत्यंत श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ सम्पन्न हुआ। यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि जैन समाज की आस्था, एकता और परंपराओं का जीवंत उत्सव बनकर सामने आया।
तिलक नगर क्षेत्र में 2 से 4 मई तक आयोजित होने वाले भव्य प्रतिष्ठा महोत्सव की कड़ी में मंगलवार, 29 अप्रैल को आयोजित इस मंगल प्रवेश ने पूरे शहर के वातावरण को आध्यात्मिक बना दिया। सुबह से ही श्रद्धालुओं में उत्साह देखने को मिला और बड़ी संख्या में समाजजन इस ऐतिहासिक आयोजन के साक्षी बने।
मंगल प्रवेश का शुभारंभ: श्रद्धा और उत्साह का संगम
कार्यक्रम की शुरुआत प्रातः 9 बजे सौभाग्य विला, 335 साकेत नगर से हुई, जहां से मंगल प्रवेश, प्रतिमा प्रतिष्ठा चल समारोह एवं जाजम वरघोड़ा का शुभारंभ हुआ। जैसे ही शोभायात्रा प्रारंभ हुई, वातावरण में जयघोष, मंगल ध्वनि और भक्ति गीतों की गूंज सुनाई देने लगी।
श्रद्धालु पारंपरिक वेशभूषा में सजे हुए थे और सभी के चेहरों पर भक्ति और उत्साह स्पष्ट रूप से झलक रहा था। शोभायात्रा में सुसज्जित रथ, ध्वज, बैंड और भक्ति संगीत ने आयोजन को और भी भव्य बना दिया।
आचार्य, मुनि एवं श्रमणीवृंद की गरिमामयी उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में गच्छाधिपति आचार्य श्रीमद्विजय हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के साथ अनेक पूज्य मुनिराज और साध्वीवृंद की पावन उपस्थिति रही।
आचार्य श्री, जो प.पू. आचार्यदेव श्रीमद्विजय ऋषभचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. के पट्टधर हैं, उनके सान्निध्य में यह आयोजन और भी महत्वपूर्ण हो गया। उनके साथ ज्योतिषरत्न मुनिराज श्री दिव्यचन्द्रविजयजी म.सा., ज्ञानप्रेमी मुनिराज श्री पुष्पेंद्रविजयजी म.सा., सेवाभावी मुनिराज श्री रूपेन्द्रविजयजी म.सा. और सरलमना मुनिराज श्री वैराग्ययशविजयजी म.सा. विराजमान रहे।
श्रमणीवृंद में साध्वी श्री किरणप्रभाश्रीजी म.सा., साध्वी श्री तत्वलोचनाश्रीजी म.सा., साध्वी श्री सौम्यदर्शिताश्रीजी म.सा., साध्वी श्री रश्मिरेखाश्रीजी म.सा. एवं साध्वी श्री विरागयशाश्रीजी म.सा. की उपस्थिति ने कार्यक्रम को आध्यात्मिक ऊंचाइयों तक पहुंचाया।
समाजजनों ने सभी आचार्य, मुनि एवं साध्वीवृंद की अगवानी कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया और स्वयं को धन्य महसूस किया।

नवकारसी आयोजन: सेवा और श्रद्धा का प्रतीक
मंगल प्रवेश से पूर्व प्रातः 8 बजे साकेत क्लब, साकेत नगर में नवकारसी का आयोजन किया गया। यह आयोजन भी अत्यंत श्रद्धा और अनुशासन के साथ सम्पन्न हुआ।
इस नवकारसी का लाभ स्वर्गीय श्री मानमलजी एवं स्वर्गीय श्रीमती कमलाजी की स्मृति में श्री संजयजी, प्रीतिजी और हार्दिकजी मोदी परिवार द्वारा लिया गया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भाग लिया और सामूहिक रूप से धर्मलाभ प्राप्त किया।
भव्य शोभायात्रा: आस्था का जीवंत दृश्य
मंगल प्रवेश शोभायात्रा विभिन्न मार्गों से होती हुई आगे बढ़ी। रास्ते में जगह-जगह श्रद्धालुओं ने पुष्प वर्षा कर आचार्य श्री और मुनिवृंद का स्वागत किया।
शोभायात्रा में शामिल श्रद्धालुओं ने भक्ति गीतों, जयकारों और धार्मिक नारों के माध्यम से वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया। महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सजी थीं, जबकि पुरुष भी पारंपरिक वेशभूषा में नजर आए।
यह शोभायात्रा अंततः श्री राजेंद्रसूरी आराधना भवन, तिलक नगर पहुंची, जहां आगे के धार्मिक कार्यक्रम सम्पन्न हुए।
प्रवचन और जाजम बिछाने का आयोजन
आराधना भवन पहुंचने के बाद आचार्य श्री के पावन प्रवचन का आयोजन किया गया। उनके प्रवचनों ने उपस्थित श्रद्धालुओं को जीवन के नैतिक मूल्यों, संयम और धर्म के महत्व के बारे में गहराई से सोचने के लिए प्रेरित किया।
इसके पश्चात जाजम बिछाने का चढ़ावा सम्पन्न हुआ, जो प्रतिष्ठा महोत्सव का एक महत्वपूर्ण हिस्सा है। इस धार्मिक परंपरा का पालन बड़े उत्साह और श्रद्धा के साथ किया गया।
जाजम वरघोड़ा: परंपरा और भक्ति का संगम
सायंकाल 5:30 बजे जाजम का वरघोड़ा लाभार्थी परिवार के निवास से प्रारंभ हुआ। यह वरघोड़ा श्री तिलकेश्वर पार्श्वनाथ मंदिर होते हुए सायं 6:30 बजे वाराणसी नगरी पहुंचा।
इस दौरान भी भक्ति और उत्साह का वही माहौल बना रहा, जो सुबह के मंगल प्रवेश में देखने को मिला था। श्रद्धालुओं ने पूरे उत्साह के साथ इस आयोजन में भाग लिया।

भजन संध्या और चढ़ावा कार्यक्रम
वाराणसी नगरी में जाजम पर प्रतिष्ठा महोत्सव चढ़ावे का कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसे प्रसिद्ध भजन गायक श्री दीपक करनपुरिया (प्रतापगढ़) द्वारा सम्पन्न कराया गया।
भजन संध्या के दौरान प्रस्तुत किए गए भजनों ने वातावरण को पूरी तरह भक्तिमय बना दिया और श्रद्धालु भक्ति में लीन हो गए।
समाज के प्रमुख लोगों की उपस्थिति
इस भव्य आयोजन में समाज के अनेक प्रतिष्ठित व्यक्तियों की उपस्थिति रही।
इनमें सुजानमल सेठ (मैनेजिंग ट्रस्टी), वरिष्ठ भाजपा नेता मेघराज जैन, श्रेणिक लूनावत, संतोष पुराणी, महोत्सव समिति अध्यक्ष संजय मोदी, प्रेम कमल वागरेचा, सौरभ चोपड़ा, अजित गूगलिया, राकेश जैन (पार्श्वनाथ), राकेश बरड़िया एवं प्रदीप जैन सहित कई गणमान्य व्यक्ति शामिल रहे।
सामाजिक और धार्मिक एकता का संदेश
यह आयोजन केवल एक धार्मिक कार्यक्रम नहीं था, बल्कि इसने समाज में एकता, सहयोग और सांस्कृतिक मूल्यों को भी मजबूत किया।
इस प्रकार के आयोजन समाज को जोड़ने का कार्य करते हैं और नई पीढ़ी को अपनी परंपराओं और संस्कृति से परिचित कराते हैं।

प्रतिष्ठा महोत्सव की तैयारियां
2 से 4 मई तक आयोजित होने वाले प्रतिष्ठा महोत्सव को लेकर तैयारियां जोर-शोर से चल रही हैं।
इस महोत्सव में विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान, प्रवचन, भजन संध्या और अन्य कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, जिनमें देशभर से श्रद्धालु भाग लेंगे।
निष्कर्ष
इंदौर में आयोजित गच्छाधिपति आचार्य श्री हितेशचन्द्रसूरीश्वरजी म.सा. का मंगल प्रवेश और उससे जुड़ी शोभायात्रा ने पूरे शहर को भक्ति और आध्यात्मिक ऊर्जा से भर दिया।
यह आयोजन न केवल जैन समाज के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि इसने पूरे शहर में धर्म, आस्था और एकता का संदेश भी दिया।
आगामी प्रतिष्ठा महोत्सव से इस आध्यात्मिक वातावरण को और भी नई ऊंचाइयां मिलने की उम्मीद है।
