भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट ने गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग को लेकर शुरू किया जनअभियान
भिंड (मध्यप्रदेश): भारतीय मानव अधिकार सहकार Trust के तत्वावधान में गौ माता को “राष्ट्रमाता” घोषित किए जाने की मांग को लेकर प्रदेश स्तर पर व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के माध्यम से समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़कर इस विषय पर जनसमर्थन जुटाने का प्रयास किया जा रहा है।
इस पहल का नेतृत्व ट्रस्ट की प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री सुमन चतुर्वेदी द्वारा किया जा रहा है, जबकि प्रदेश अध्यक्ष श्रीमती मधु शर्मा के मार्गदर्शन में इसे संगठित रूप दिया जा रहा है। ट्रस्ट के पदाधिकारियों का कहना है कि यह अभियान केवल एक मांग नहीं बल्कि समाज की भावनाओं और सांस्कृतिक आस्थाओं से जुड़ा एक व्यापक जनआंदोलन है।
गौ माता भारतीय संस्कृति और अर्थव्यवस्था का आधार
प्रदेश उपाध्यक्ष सुश्री सुमन चतुर्वेदी ने कहा कि गौ माता भारतीय संस्कृति, धार्मिक आस्था और ग्रामीण अर्थव्यवस्था का महत्वपूर्ण आधार रही हैं। उनके अनुसार, गौ माता न केवल परंपरा का हिस्सा हैं, बल्कि कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संरक्षण में भी उनकी महत्वपूर्ण भूमिका है।
उन्होंने कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता का दर्जा दिलाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं और इस अभियान को जन-जन तक पहुंचाने के लिए पूरी निष्ठा से कार्य कर रही हैं। उनका कहना है कि समाज के सभी वर्गों के सहयोग से यह मांग निश्चित रूप से पूरी होगी।

राष्ट्रीय अध्यक्ष का संदेश
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट के राष्ट्रीय अध्यक्ष श्री सुनील सिंह यादव ने इस अवसर पर संदेश जारी करते हुए कहा कि गौ माता का संरक्षण और संवर्धन समय की आवश्यकता है। उन्होंने कहा कि—
“गौ माता केवल आस्था का विषय नहीं हैं, बल्कि यह पर्यावरण, कृषि और मानव जीवन के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। समाज को इनके संरक्षण के लिए एकजुट होकर कार्य करना चाहिए।”
उन्होंने यह भी कहा कि ट्रस्ट इस मांग को राष्ट्रीय स्तर तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयास करेगा और इसके लिए हर संभव कदम उठाए जाएंगे।
Trust पदाधिकारियों की संयुक्त अपील
इस अभियान में शामिल पदाधिकारियों—शिवम तिवारी, कृष्णा यादव, डॉ. प्रेम कुमार वैद्य, रामवेश सिंह राजावत, युवराज सिंह राठौर, मनीष गुप्ता एवं जीवनलाल जैन (चाय वाले)—ने संयुक्त रूप से कहा कि गौ माता को राष्ट्रमाता घोषित करने की मांग समाज की भावनाओं से गहराई से जुड़ी हुई है।
उन्होंने बताया कि सभी पदाधिकारी इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभा रहे हैं और इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को जोड़कर जनजागरूकता फैलाना है।

आगामी कार्यक्रम और अभियान
ट्रस्ट ने जानकारी दी है कि आने वाले दिनों में विभिन्न जिलों में जनजागरूकता कार्यक्रम, जनसभाएं और संबंधित अधिकारियों को ज्ञापन सौंपने जैसे कई अभियान आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों का मुख्य उद्देश्य गौ संरक्षण के प्रति समाज में जागरूकता बढ़ाना और इस मांग को व्यापक जनसमर्थन दिलाना है। ट्रस्ट का मानना है कि जब तक समाज के सभी वर्ग इस विषय से नहीं जुड़ते, तब तक अपेक्षित परिणाम संभव नहीं हैं। इसलिए इन अभियानों के माध्यम से लोगों को जोड़ने और उन्हें इस मुद्दे के महत्व से अवगत कराने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। संगठन का यह भी कहना है कि इन प्रयासों से न केवल स्थानीय स्तर पर बल्कि राष्ट्रीय स्तर पर भी इस विषय पर सकारात्मक चर्चा को बढ़ावा मिलेगा। ट्रस्ट को उम्मीद है कि यह अभियान समाज में एक नई सोच और व्यापक जनभागीदारी को जन्म देगा, जिससे गौ संरक्षण की दिशा में ठोस परि
निष्कर्ष
भारतीय मानव अधिकार सहकार ट्रस्ट द्वारा चलाया जा रहा यह अभियान गौ माता के संरक्षण, संवर्धन और उनके प्रति समाज में सम्मान की भावना को और अधिक मजबूत करने की दिशा में एक संगठित प्रयास है। संगठन का मानना है कि गौ माता भारतीय संस्कृति, ग्रामीण जीवन, कृषि व्यवस्था और पर्यावरण संतुलन से गहराई से जुड़ी हुई हैं, इसलिए उनके संरक्षण को लेकर समाज में व्यापक जागरूकता आवश्यक है। ट्रस्ट का उद्देश्य इस विषय पर लोगों को एकजुट करना और इसे जनआंदोलन का रूप देना है, ताकि इस मांग को राष्ट्रीय स्तर पर प्रभावी तरीके से प्रस्तुत किया जा सके। पदाधिकारियों का कहना है कि जनसहभागिता और निरंतर प्रयासों से ही किसी भी सामाजिक पहल को सफल बनाया जा सकता है। आने वाले समय में ट्रस्ट विभिन्न जिलों में जनजागरूकता कार्यक्रम, संवाद और ज्ञापन जैसे अभियान चलाकर इस मुद्दे को और व्यापक स्तर पर आगे बढ़ाने की योजना पर कार्य करेगा।
