सामाजिक सरोकारों के संकल्प के साथ सामाजिक संसद महिला प्रकोष्ठ की प्रथम बैठक संपन्न
इंदौर शहर में सामाजिक जागरूकता और महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए सामाजिक संसद महिला प्रकोष्ठ की वर्ष 2026 की प्रथम बैठक उत्साह और सकारात्मक ऊर्जा के साथ संपन्न हुई। इस बैठक ने न केवल आगामी वर्ष की कार्ययोजना को दिशा दी, बल्कि समाज के सर्वांगीण विकास के लिए ठोस संकल्प भी प्रस्तुत किए।
मीडिया एवं जनसंपर्क प्रमुख रुचि चोविश्या जैन द्वारा जारी प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, यह बैठक दिगंबर जैन समाज की अग्रणी महिला इकाई द्वारा आयोजित की गई, जिसमें समाज के विभिन्न संगठनों से जुड़ी प्रबुद्ध एवं सक्रिय महिलाओं ने सहभागिता की। बैठक का उद्देश्य सामाजिक, शैक्षिक और सांस्कृतिक क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी को सशक्त बनाना और समाज के विकास में उनकी भूमिका को और अधिक प्रभावी बनाना था।
परिचय सत्र से हुआ कार्यक्रम का शुभारंभ
कार्यक्रम की शुरुआत एक आत्मीय परिचय सत्र से हुई, जिसमें उपस्थित महिलाओं ने न केवल अपना परिचय दिया, बल्कि अपने अनुभव, विचार और समाज के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी साझा की। इस सत्र ने सभी प्रतिभागियों के बीच आपसी समन्वय और सहयोग की भावना को मजबूत किया।
बैठक में विभिन्न सामाजिक संगठनों का प्रतिनिधित्व करने वाली प्रमुख महिलाएं उपस्थित रहीं। इनमें उमंग महिला परिषद की संस्थापक अध्यक्ष, हुमड़ समाज की प्रतिनिधि, महासमिति की सक्रिय सदस्याएं तथा महिला जागृति मंच की अध्यक्ष सहित कई प्रतिष्ठित हस्तियां शामिल थीं। इन सभी ने अपने-अपने अनुभवों के माध्यम से समाज के विकास के लिए नए विचार प्रस्तुत किए।
समाज के सर्वांगीण विकास पर जोर
महिला प्रकोष्ठ की अध्यक्ष अनामिका बाकलीवाल ने अपने संबोधन में कहा कि संगठन समाज के प्रति अपने दायित्वों को गंभीरता से निभाते हुए शिक्षा, स्वास्थ्य और आजीविका जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर विशेष ध्यान केंद्रित करेगा। उन्होंने बताया कि इन विषयों को प्राथमिकता में रखते हुए विस्तृत कार्ययोजना तैयार की गई है, जिससे समाज के हर वर्ग तक सकारात्मक प्रभाव पहुंचाया जा सके।
इसके साथ ही उन्होंने यह भी कहा कि वर्तमान समय में कई सामाजिक परंपराएं धीरे-धीरे विलुप्त होती जा रही हैं। ऐसे में इन परंपराओं के संरक्षण और पुनः प्रारंभ के लिए संगठन विशेष प्रयास करेगा। यह पहल न केवल सांस्कृतिक धरोहर को सहेजने में मदद करेगी, बल्कि नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने का कार्य भी करेगी।

वर्ष 2026 के लिए तैयार हुई कार्ययोजना
बैठक का एक महत्वपूर्ण हिस्सा वर्ष 2026 के लिए प्रस्तावित कार्यक्रमों की रूपरेखा तय करना रहा। इस दौरान वर्षभर आयोजित किए जाने वाले विभिन्न रचनात्मक, सामाजिक और सांस्कृतिक कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा की गई।
इन कार्यक्रमों में महिला सशक्तिकरण, स्वास्थ्य जागरूकता अभियान, शिक्षा प्रोत्साहन, स्वरोजगार प्रशिक्षण, सांस्कृतिक आयोजन और समाज सेवा से जुड़े विभिन्न आयाम शामिल होंगे। उद्देश्य यह है कि संगठन केवल विचारों तक सीमित न रहकर जमीनी स्तर पर प्रभावी कार्य कर सके।
वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान
बैठक के दौरान संगठन के वरिष्ठ पदाधिकारियों का सम्मान भी किया गया। इस अवसर पर उनकी सेवाओं, नेतृत्व और समाज के प्रति समर्पण को सराहा गया।
कार्यक्रम में मुख्य रूप से विनय बाकलीवाल (अध्यक्ष), देवेंद्र सोगानी (महामंत्री), कैलाश वेद (पूर्व अध्यक्ष), पिंकेश टोंग्या (कोषाध्यक्ष), जेनेश झांझरी (संगठन मंत्री), मनीष अजमेरा (प्रवक्ता), सुरेंद्र बाकलीवाल, नकुल पाटोदी, मनोज बाकलीवाल, संजय जैन, ऋषभ पाटनी एवं महावीर जैन (युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष) सहित अन्य गणमान्य पदाधिकारी उपस्थित रहे।
महिला कार्यकारिणी की सक्रिय भागीदारी
महिला प्रकोष्ठ की कार्यकारिणी सदस्याओं की उपस्थिति ने बैठक को और अधिक प्रभावशाली बनाया। इस दौरान पूजा कासलीवाल, मनाली तलाटी, प्रीति जैन, आंचल जैन, विनीता बाकलीवाल, माधुरी जैन, हेमलता गोधा, मोनिका अजमेरा, नीता जैन, रश्मि बाकिवाला, दीपिका अजमेरा, पिंकी पाटोदी, ऋतु काला, इति बघेरवाल, प्रीति गांधी, पूजा बाकलीवाल, सुनीता अजमेरा, श्वेता काला, सरिता काला, संजना जैन, दीपाली कासलीवाल, वर्षा मोदी, आभा गंगवाल, प्रतिभा पंचोलिया एवं सुषमा सरैया सहित सभी सदस्याएं उपस्थित रहीं।
इन सभी ने संगठन की गतिविधियों को सफल बनाने और समाज के लिए प्रभावी कार्य करने का संकल्प लिया।
Read Also : 10 वर्षों बाद Indore में आचार्यश्री का भव्य आगमन, नीलकंठ कॉलोनी में मंगल प्रवेश आज
आभार प्रदर्शन के साथ कार्यक्रम का समापन
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभा जैन (महामंत्री) द्वारा सभी उपस्थित सदस्यों एवं पदाधिकारियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। उन्होंने सभी के सहयोग और सहभागिता को संगठन की शक्ति बताते हुए भविष्य में भी इसी प्रकार सक्रिय बने रहने की अपील की।
निष्कर्ष
यह बैठक केवल एक औपचारिक आयोजन नहीं थी, बल्कि यह समाज के प्रति जिम्मेदारी, सहयोग और समर्पण का प्रतीक बनी। सामाजिक संसद महिला प्रकोष्ठ द्वारा लिए गए संकल्प और तैयार की गई कार्ययोजना आने वाले समय में समाज के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
इंदौर में आयोजित यह पहल न केवल महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक मजबूत कदम है, बल्कि यह पूरे समाज को एक सकारात्मक दिशा में आगे बढ़ाने का प्रयास भी है।
