भोपाल। मध्यप्रदेश के किसानों के लिए राहत भरी खबर है। राज्य सरकार ने MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 6 दिन बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह अवधि 24 अप्रैल तक निर्धारित थी। सरकार के इस फैसले से उन किसानों को बड़ी राहत मिलेगी, जो अब तक अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं करा पाए थे।
इसके साथ ही सरकार ने MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग की क्षमता भी बढ़ा दी है। अब किसान एक बार में 1000 क्विंटल की जगह 1500 क्विंटल तक गेहूं विक्रय के लिए स्लॉट बुक कर सकेंगे। इससे बड़े किसानों और अधिक उत्पादन करने वालों को सीधा फायदा मिलेगा।
स्लॉट बुकिंग की समय सीमा में बढ़ोतरी
मध्यप्रदेश के किसानों के लिए यह बड़ी राहत है। राज्य सरकार ने MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग की अंतिम तारीख 6 दिन बढ़ाकर अब 30 अप्रैल 2026 कर दी है। पहले यह अवधि 24 अप्रैल तक निर्धारित थी।
खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता संरक्षण मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने बताया कि सरकार का फोकस यह सुनिश्चित करना है कि अधिक से अधिक किसानों को न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) का लाभ समय पर मिल सके।
यह फैसला किसानों की लंबित मांगों को देखते हुए लिया गया है। जो किसान अब तक किसी कारणवश अपनी उपज बेचने के लिए स्लॉट बुक नहीं करा सके थे, उन्हें अब यह सुविधा 30 अप्रैल तक उपलब्ध रहेगी। इससे किसानों को बिना किसी जल्दबाजी के अपनी फसल बेचने का मौका मिलेगा।
स्लॉट बुकिंग क्षमता में हुआ बड़ा बदलाव
किसानों को लंबी कतारों से बचाने और तौल प्रक्रिया को तेज करने के लिए सरकार ने MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग की क्षमता में भी बदलाव किया है।
हर खरीद केंद्र पर गेहूं बेचने के लिए रोजाना स्लॉट-बुकिंग की क्षमता 1,000 क्विंटल से बढ़ाकर 1,500 क्विंटल कर दी गई है। इससे यह पक्का होगा कि तौल का काम केंद्रों की क्षमता के हिसाब से ही हो, जिससे भीड़भाड़ की स्थिति नहीं बनेगी।
मंत्री गोविंद सिंह राजपूत के अनुसार, “इससे केंद्रों पर होने वाली भीड़ कम होगी और अधिक से अधिक किसान बिना देरी के अपनी उपज बेच पाएंगे”।
यह बदलाव विशेष रूप से उन किसानों के लिए फायदेमंद है जिनके पास बड़ी मात्रा में उपज है। अब वे एक ही स्लॉट में 1500 क्विंटल तक गेहूं बेच सकते हैं, जिससे उन्हें कई बार स्लॉट बुक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी।
कितने किसानों ने बेची अपनी फसल?
प्रदेश में न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर गेहूं खरीदी का कार्य तेजी से जारी है। अब तक के आंकड़े बताते हैं:
| विवरण | संख्या |
|---|---|
| लाभान्वित किसान | 1,30,655 |
| खरीदा गया गेहूं | 57,13,640 क्विंटल |
| किसानों के खातों में ट्रांसफर राशि | ₹355 करोड़ 3 लाख |
| स्लॉट बुक करने वाले किसान | 4,22,848 |
| स्लॉट बुकिंग के तहत गेहूं | 1,82,96,810 क्विंटल |
ये आंकड़े बताते हैं कि सरकार की MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया कितनी प्रभावी रही है। लाखों किसान पहले ही इसका लाभ उठा चुके हैं।
किसानों को कितना मिल रहा है दाम?
सरकार वर्ष 2026-27 में किसानों को बंपर कीमत पर गेहूं खरीद रही है:
- केंद्र सरकार का MSP: ₹2585 प्रति क्विंटल
- राज्य सरकार का बोनस: ₹40 प्रति क्विंटल
- कुल भुगतान दर: ₹2625 प्रति क्विंटल
यह दर पिछले वर्ष की तुलना में काफी अधिक है। केंद्र सरकार ने 2026-27 के लिए गेहूं का MSP ₹160 प्रति क्विंटल बढ़ाया है, जो किसानों के लिए एक बड़ी राहत है।
मध्यप्रदेश सरकार ने इसके ऊपर अतिरिक्त ₹40 प्रति क्विंटल का बोनस देकर किसानों को और अधिक लाभ पहुंचाया है। इस तरह प्रदेश के किसानों को कुल ₹2625 प्रति क्विंटल का भाव मिल रहा है, जो देश के अन्य राज्यों की तुलना में काफी प्रतिस्पर्धी है।
उपार्जन केंद्रों पर उपलब्ध सुविधाएं
किसानों की सुविधा के लिए प्रदेशभर में 3171 उपार्जन केंद्र बनाए गए हैं। इन केंद्रों पर किसानों के लिए सभी जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं:
- छायादार बैठने की व्यवस्था – किसानों को धूप से बचाने के लिए
- पेयजल की समुचित व्यवस्था
- बारदाने (गोनी बैग) की पर्याप्त उपलब्धता
- तौल कांटे और सिलाई मशीन
- कंप्यूटर और इंटरनेट कनेक्टिविटी
- गुणवत्ता जांच उपकरण
- उपज की सफाई के लिए पंखा और छनना
सीएम मोहन यादव ने सभी कलेक्टरों को निर्देश दिए हैं कि खरीदी केंद्रों पर हेल्प डेस्क स्थापित की जाएं और जिला स्तर पर कंट्रोल रूम बनाए जाएं।
उपार्जन के लिए जूट बारदानों के साथ पीपी (पॉलीप्रोपाइलीन) और एचडीपीई बैग की भी पर्याप्त व्यवस्था की गई है। सरकार ने पर्याप्त मात्रा में बारदानों की उपलब्धता सुनिश्चित की है ताकि किसानों को किसी प्रकार की परेशानी न हो।
किसानों का रिकॉर्ड पंजीयन
इस वर्ष MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग के लिए किसानों का रिकॉर्ड पंजीयन हुआ है:
- 19,04,000 किसानों ने पंजीयन कराया है
- यह पिछले साल की तुलना में 3,60,000 अधिक है
- पंजीकृत क्षेत्र: 41.58 लाख हेक्टेयर
खाद्य मंत्री गोविंद सिंह राजपूत ने कहा, “प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद, सरकार ने इस वर्ष 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य रखा है, जो किसानों के हितों की रक्षा के लिए है”।यह पंजीयन में वृद्धि दर्शाती है कि किसान सरकार की MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग प्रक्रिया पर भरोसा जता रहे हैं। पिछले वर्ष लगभग 77 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदा गया था, जबकि इस बार सरकार ने 78 लाख मीट्रिक टन उपार्जन का लक्ष्य रखा है।
सरकार का उपार्जन लक्ष्य
मध्यप्रदेश सरकार ने इस वर्ष MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग के तहत महत्वाकांक्षी लक्ष्य निर्धारित किए हैं:
- 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं खरीदने का लक्ष्य
- पिछले वर्ष 77 लाख मीट्रिक टन खरीदा गया था
- प्रदेश में 2.5 करोड़ टन से अधिक भंडारण क्षमता
बता दें कि केंद्र सरकार ने राज्य को 78 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य दिया है。 हालांकि, सरकारी सूत्रों के अनुसार इस वर्ष केंद्र के लक्ष्य से अधिक गेहूं खरीदे जाने की संभावना है।प्रदेश में खरीदी प्रक्रिया चरणबद्ध तरीके से शुरू की गई। 9 अप्रैल 2026 को इंदौर, उज्जैन, भोपाल और नर्मदापुरम संभागों में खरीदी शुरू हुई, जबकि 15 अप्रैल से शेष संभागों में खरीदी प्रारंभ हो गई।
भुगतान प्रक्रिया और डिजिटल सिस्टम
सरकार ने MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग की पूरी प्रक्रिया को डिजिटल बना दिया है। इसके तहत:
- सभी भुगतान सीधे किसानों के आधार-लिंक्ड बैंक खातों में ट्रांसफर किए जा रहे हैं
- अब तक ₹355 करोड़ 3 लाख से अधिक की राशि किसानों के खातों में जमा की जा चुकी है
- ई-उपार्जन पोर्टल पर किसान ऑनलाइन स्लॉट बुक कर सकते हैं
किसानों को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा। स्लॉट बुकिंग के बाद किसान निर्धारित तारीख और समय पर ही खरीद केंद्र पर अपनी उपज लेकर पहुंचेंगे, जिससे इंतजार और अव्यवस्था की स्थिति नहीं बनेगी।सरकार ने सैटेलाइट-आधारित सत्यापन प्रणाली भी लागू की है, जिससे भूमि रिकॉर्ड में विसंगतियों का पता लगाया जा सके।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश सरकार का MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग से जुड़ा यह फैसला किसानों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है। स्लॉट बुकिंग की तारीख 30 अप्रैल तक बढ़ाने और क्षमता 1500 क्विंटल करने से किसानों को अपनी उपज बेचने में आसानी होगी।
सरकार ने ₹2625 प्रति क्विंटल की दर से गेहूं खरीदने का ऐलान किया है, जो किसानों के लिए बंपर कीमत है। 19 लाख से अधिक किसानों के पंजीयन और 57 लाख क्विंटल से अधिक गेहूं की खरीद यह साबित करती है कि सरकार की योजना सफल रही है।
मध्यप्रदेश के किसान भाइयों से अपील है कि वे जल्द से जल्द MP गेहूं उपार्जन 2026 स्लॉट बुकिंग करा लें और इस सुनहरे अवसर का लाभ उठाएं। अधिक जानकारी के लिए ई-उपार्जन पोर्टल पर विजिट करें या नजदीकी उपार्जन केंद्र पर संपर्क करें।
