अवैध धार्मिक स्थल जिम्मेदार कौन इस सवाल पर हार्दिक हुंडिया का तीखा बयान, नगर पालिका की जिम्मेदारी, धर्म और कानून की सच्चाई जानिए विस्तार से।
अवैध धार्मिक स्थल जिम्मेदार कौन – एक गंभीर सवाल
धर्म स्थलों ग़ैर क़ानूनी बनते है तो ज़िम्मेदार कौन ? नगर पालिका या और कोई ? : हार्दिक हुंडिया ।मंदिरमें अनीति घर में नीति ? ये कैसा , कौनसा धर्म ?कई जगह धार्मिक स्थल पूरा बनने के बाद , कई सालों बाद कोई फ़रियाद करता है की ये धर्म स्थल अवैध है तब वहाँ की नगर पालिका तोड़ने जाती है उस समय धर्म स्थल पर बड़ा हंगामा होता है । धर्म के मुद्दे को राजकीय रंग दिया जाता है ?
धार्मिक स्थलों के निर्माण की हकीकत
अवैध धार्मिक स्थलों को बनने के पीछे जिम्मेदार कौन ये सवाल करते हुये वरिष्ठ समाजसेवी , जैन अग्रणी हार्दिक हुंडिया ने बताया की कोई भी धार्मिक स्थल बनने में बड़ा समय लगता है !
सोचने की बात ये है की किसी के घर में कुछ काम होता है तो नगर पालिका के कुछ कर्मचारी पहोच जाते चाहे वो कानूनी काम है या ग़ैर क़ानूनी ?
हार्दिक हुंडिया का बड़ा सवाल
जब इमारत के फ्लेट में कर्मचारी पहुँच जाते है तो हार्दिक हुंडिया का सवाल है की सूरत के वेशु एरिया के मुख्य राजमार्ग पर एक बहुत बड़ा मंदिर बन रहा है ।जो सुनने में आया है की पूरा अवैध है , लेकिन तकलीफ़ ये है की इनके ख़िलाफ़ फ़रियाद कौन करे ?
नगर पालिका की भूमिका पर सवाल
हार्दिक हुंडिया ने कहा की अब सोचने की बात ये है की इतना बड़ा मंदिर अवैध बनता है तो जिम्मेदार वहाँ के नगर पालिका के कर्मचारी है ?
फरियाद कोई करे या ना करे ? ये जिम्मेदारी नगर पालिका नहीं तो किसकी है ?
एक मंदिर जो अवैध है , जो नगर पालिका की महेरबानी से बना है तो ये बनाने मे नगर पालिका के कर्मचारीओ का तो हाथ नहीं है ?
धर्म बनाम कानून
अवैध मंदिर बनता है तो किसकी महेरबानी ?वैध मंदिर बनाने वाले और बनता देख चुप रहने वाले नगर पालिका के अधिकारी ?
आर्थिक जिम्मेदारी का सवाल
वेशु का मंदिर यदि अवैध है और टूटता है तो जो भी मंदिर बनाने में रूपिया लगा है वो रूपिया नगरपालिका के कर्मचारी और मंदिर बनाने वाले से लेकर वो पैसे से वैध मंदिर बनाना चाहिये ।
ट्रस्टियों से सीधा सवाल
मंदिर बनाने वाले ट्रस्टीओ से हार्दिक हुंडिया का सवाल है की क्या आप जो घर में रहते है वो क्या अवैध है ?जब आप अवैध मकान में रह नहीं सकते तो परमात्मा को अवैध मंदिर में बिराजमान कर के आप का कौनसा धर्म करना चाहते हो ?
धर्म की असली परिभाषा
हार्दिक हुंडिया ने बड़ी तीखी प्रक्रिया देते हुये कहा की मंदिर बना के परमात्मा की प्रतिष्ठा के पीछे बोलिया के नाम पे करोड़ो का व्यापार साधु और उनके भक्तों करना नहीं चाहते है ?यदि मंदिर बनाने वाले धर्म को समझे होते तो अवैध परमात्मा का मंदिर नहीं बनाते ?
प्रशासनिक जवाबदेही
अवैध मंदिर के पीछे जब मैंने कुछ सूरत महानगर पालिका के पदाधिकारियो से बात किया तो एक दूसरे पर आरोप लगा रहे थे ।सूरत महा नगर पालिका से बिनती है की ऐसे अवैध मंदिर भविष्य में कुछ और राजकीय , सामाजिक , धार्मिक रंग लेकर शहर में तनाव पैदा हो इस के पहले इस को अवैध घोषित कर के एक देश में ऐसा वातावरण पैदा करे में कोई भी धर्म के धर्मस्थल हो वो अवैध तो नहीं चलेंगे ।
समाधान क्या है?
- निर्माण शुरू होते ही जांच
- नगर पालिका की जवाबदेही तय हो
- ट्रस्टियों पर कानूनी कार्रवाई
- जनता को जागरूक करना
- धर्म और कानून का संतुलन
निष्कर्ष
हार्दिक हुंडिया ने कहा धर्म नीति में है अनीति से पाप के अलावा कुछ नहीं है ।अवैध धार्मिक स्थल जिम्मेदार कौन — यह सवाल सिर्फ प्रशासन का नहीं, समाज, ट्रस्टियों और नागरिकों सभी का है।

