MP महिला hockey अकादमी को दो साल बाद मिलेगा चीफ कोच, खेल विभाग ने निकाली बड़ी भर्ती प्रक्रिया
ग्वालियर की प्रतिष्ठित अकादमी में नए युग की शुरुआत
MP की ग्वालियर स्थित राज्य महिला hockey अकादमी, जो देश की प्रमुख खेल अकादमियों में शुमार है, को लगभग दो साल बाद आखिरकार चीफ कोच मिलने जा रहा है। लंबे समय से यह महत्वपूर्ण पद रिक्त पड़ा हुआ था, जिससे खिलाड़ियों के प्रशिक्षण और प्रदर्शन पर भी असर पड़ रहा था। अब मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग द्वारा शुरू की गई नई भर्ती प्रक्रिया से अकादमी में एक बार फिर नई ऊर्जा और उम्मीद का संचार हुआ है।
खेल विभाग ने 8 अकादमियों के लिए निकाली कोच भर्ती
राज्य खेल एवं युवा कल्याण विभाग ने महिला हॉकी अकादमी सहित कुल 8 खेल अकादमियों में A से लेकर E कैटेगरी तक के कोचों की भर्ती निकाली है। इस भर्ती का उद्देश्य राज्य की खेल संरचना को मजबूत करना और खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय प्रशिक्षण उपलब्ध कराना है।
इन नियुक्तियों के जरिए विभिन्न खेलों में विशेषज्ञ प्रशिक्षकों की कमी को पूरा किया जाएगा, जिससे मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं को बेहतर मार्गदर्शन मिल सकेगा।
कोचों के लिए आकर्षक वेतनमान तय
इस भर्ती प्रक्रिया में कोचों के लिए अलग-अलग कैटेगरी के अनुसार वेतन संरचना तय की गई है।
- A कैटेगरी कोच को लगभग 2.25 लाख रुपये प्रतिमाह वेतन और भत्ते दिए जाएंगे।
- जबकि E कैटेगरी कोच को 50 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय एवं भत्ता प्रदान किया जाएगा।
यह वेतनमान अनुभवी और अंतरराष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षकों को आकर्षित करने के उद्देश्य से तय किया गया है, जिससे खिलाड़ियों को उच्च गुणवत्ता का प्रशिक्षण मिल सके।
महिला hockey अकादमी में लंबे समय से थी कोच की कमी
ग्वालियर की राज्य महिला हॉकी अकादमी में पिछले करीब दो वर्षों से चीफ कोच का पद खाली था। इस वजह से खिलाड़ियों को नियमित और विशेषज्ञ प्रशिक्षण में कई चुनौतियों का सामना करना पड़ रहा था।
अब इस पद पर भर्ती प्रक्रिया शुरू होने से अकादमी में प्रशिक्षण व्यवस्था के मजबूत होने की उम्मीद बढ़ गई है। यह कदम महिला खिलाड़ियों के भविष्य के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
खिलाड़ियों और अभिभावकों में खुशी की लहर
चीफ कोच की नियुक्ति की खबर सामने आते ही अकादमी की महिला खिलाड़ियों में उत्साह का माहौल बन गया है। खिलाड़ियों का मानना है कि अनुभवी कोच के आने से उनके खेल कौशल में सुधार होगा और उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर बेहतर प्रदर्शन करने का अवसर मिलेगा।
वहीं अभिभावकों ने भी इस निर्णय का स्वागत किया है। उनका कहना है कि लंबे समय से प्रशिक्षण व्यवस्था प्रभावित हो रही थी, लेकिन अब नई नियुक्ति से सुधार की उम्मीद है।
11 कोच और 3 स्पोर्ट्स साइंस एक्सपर्ट की भी होगी भर्ती
खेल विभाग केवल हॉकी ही नहीं बल्कि अन्य खेलों के विकास पर भी ध्यान दे रहा है। इस भर्ती अभियान के तहत कुल 11 कोच और 3 स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञों की नियुक्ति की जाएगी।
इन विशेषज्ञों की नियुक्ति से खिलाड़ियों की फिटनेस, तकनीकी प्रशिक्षण और प्रदर्शन विश्लेषण को वैज्ञानिक आधार मिलेगा, जिससे खेलों का स्तर और ऊंचा होगा।
विभिन्न खेल अकादमियों में नियुक्तियां तय
नई भर्ती प्रक्रिया के तहत अलग-अलग खेल अकादमियों में कोचों की तैनाती की जाएगी—
- एथलेटिक्स अकादमी में 3 कोच
- फेंसिंग अकादमी में 2 कोच
- बैडमिंटन अकादमी (ग्वालियर) में 1 कोच
- महिला हॉकी अकादमी (ग्वालियर) में 1 कोच
- सेलिंग अकादमी (भोपाल) में 1 कोच
- रोइंग अकादमी (भोपाल) में 1 कोच
- घुड़सवारी अकादमी (भोपाल) में 1 कोच
- महिला क्रिकेट अकादमी (शिवपुरी) में 1 कोच
इसके अलावा 3 स्पोर्ट्स साइंस विशेषज्ञ भी नियुक्त किए जाएंगे, जो खिलाड़ियों की शारीरिक और मानसिक क्षमता बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
ऑनलाइन और ऑफलाइन आवेदन की सुविधा
इस भर्ती प्रक्रिया के लिए उम्मीदवारों को ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से आवेदन करने की सुविधा दी गई है।
- ऑनलाइन आवेदन ईमेल [email protected] पर भेजा जा सकता है।
- आवेदन के साथ शैक्षणिक योग्यता, अनुभव प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेज संलग्न करना अनिवार्य है।
विभाग ने स्पष्ट किया है कि केवल सीवी भेजने या अधूरे आवेदन पर विचार नहीं किया जाएगा।
आधिकारिक वेबसाइट पर उपलब्ध पूरी जानकारी
भर्ती से संबंधित विस्तृत जानकारी और दिशा-निर्देश मध्य प्रदेश खेल एवं युवा कल्याण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट www.dsywmp.gov.in पर उपलब्ध हैं। उम्मीदवारों को सलाह दी गई है कि आवेदन करने से पहले सभी नियमों को ध्यानपूर्वक पढ़ें।
निष्कर्ष
मध्य प्रदेश महिला हॉकी अकादमी में चीफ कोच की नियुक्ति और अन्य खेल अकादमियों में कोचों की भर्ती राज्य के खेल विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम है। इससे खिलाड़ियों को बेहतर प्रशिक्षण, आधुनिक तकनीक और विशेषज्ञ मार्गदर्शन मिलेगा।
यह पहल न केवल ग्वालियर की हॉकी अकादमी के लिए बल्कि पूरे मध्य प्रदेश की खेल प्रतिभाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सकारात्मक परिवर्तन साबित होगी।
