प्रकाशनार्थ
श्री अलर्ट ग्रुप गोडीजी पाईधुनी द्वारा भीषण गर्मी में “काला खट्टा” शरबत सेवा, हजारों श्रद्धालुओं एवं नागरिकों को मिली राहत
Mumbai (निप्र)। “ना पूछा नाम, ना लिया दाम, ना पूछा धर्म, ना पूछी जाति”—इसी सेवा भावना को चरितार्थ करते हुए श्री अलर्ट ग्रुप गोडीजी पाईधुनी द्वारा दागीना बाजार क्षेत्र में भीषण गर्मी के बीच एक विशाल शरबत सेवा शिविर का आयोजन किया गया। इस दौरान “काला खट्टा” शरबत वितरित कर हजारों लोगों को राहत प्रदान की गई।
गर्मी के तीव्र प्रकोप के बीच आयोजित यह सेवा कार्य न केवल आम नागरिकों के लिए राहतकारी सिद्ध हुआ, बल्कि इसने मानवता, सेवा और सामाजिक एकता का उत्कृष्ट उदाहरण भी प्रस्तुत किया।
सेवा कार्य का शुभारंभ लाभार्थी परिवार द्वारा
इस सेवा शिविर का शुभारंभ लाभार्थी परिवार रेखा बेन गोडीजी (बिल्डिंग) के कर-कमलों द्वारा किया गया। इस अवसर पर श्री अलर्ट ग्रुप गोडीजी पाईधुनी के सदस्यों द्वारा लाभार्थी परिवार का पारंपरिक रूप से तिलक, माला एवं श्रीफल भेंट कर भव्य बहुमान किया गया।
शुभारंभ के समय वातावरण पूर्णतः धार्मिक, सेवाभावी एवं उत्साहपूर्ण रहा। उपस्थित सभी सदस्यों ने इस सेवा कार्य को मानव कल्याण का माध्यम बताया।
दागीना बाजार में भीषण गर्मी के बीच राहत
मुंबई के दागीना बाजार क्षेत्र में इन दिनों तापमान में लगातार वृद्धि के कारण आमजन को अत्यधिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। ऐसे समय में आयोजित इस शरबत सेवा ने राहगीरों, श्रद्धालुओं, व्यापारियों एवं स्थानीय नागरिकों को बड़ी राहत प्रदान की।
सेवा शिविर में हजारों लोगों ने “काला खट्टा” शरबत ग्रहण किया और आयोजकों के इस प्रयास की सराहना की। लोगों ने कहा कि इस प्रकार के सेवा कार्य गर्मी में एक “संजीवनी” के समान होते हैं।

सेवा का उद्देश्य: मानवता सर्वोपरि
श्री अलर्ट ग्रुप के सदस्यों ने स्पष्ट किया कि इस सेवा कार्य का उद्देश्य किसी प्रकार का प्रचार या पहचान नहीं, बल्कि केवल और केवल मानव सेवा है। ग्रुप के सदस्य गोतम भाई ने बताया कि—
“हमारी सेवा में न नाम देखा जाता है, न काम, न जाति और न ही कोई भेदभाव। सेवा ही हमारा धर्म है और मानवता ही हमारा उद्देश्य है।”
उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन समाज में आपसी भाईचारे और सहयोग की भावना को मजबूत करते हैं।
मुम्बादेवी मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं की विशेष सेवा
श्री अलर्ट ग्रुप के मुख्य सदस्य वसंत भाई ने बताया कि रविवार के दिन मुम्बादेवी मंदिर में देशभर से हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। ऐसे में यह सेवा शिविर विशेष रूप से उन श्रद्धालुओं को ध्यान में रखकर भी आयोजित किया गया।
उन्होंने कहा कि भीषण गर्मी में शीतल शरबत का वितरण श्रद्धालुओं के लिए अत्यंत लाभकारी सिद्ध हुआ। यह सेवा हर वर्ष आयोजित की जाती है और समूह इसे अपना सौभाग्य मानता है।
लाभार्थी परिवार का सम्मान
सेवा कार्य के दौरान लाभार्थी परिवार रेखा बेन गोडीजी (बिल्डिंग) का श्री अलर्ट ग्रुप द्वारा विशेष सम्मान किया गया। उन्हें तिलक, माला एवं श्रीफल भेंट कर आभार व्यक्त किया गया।
ग्रुप के सदस्यों ने कहा कि ऐसे सेवा कार्यों में लाभार्थी परिवारों का सहयोग अत्यंत महत्वपूर्ण होता है, जो समाज में सेवा की परंपरा को आगे बढ़ाता है।
उपस्थित गणमान्य सदस्य एवं कार्यकर्ता
इस अवसर पर श्री अलर्ट ग्रुप गोडीजी पाईधुनी के अनेक सदस्य सक्रिय रूप से उपस्थित रहे और सेवा कार्य में योगदान दिया।
उपस्थित सदस्यों में प्रमुख रूप से—
गोतम भाई, कुनाल भाई, महेंद्र भाई कोठारी, धर्मेन्द्र भाई, महेंद्रजी, राजू भाई, वसंत भाई, प्रकाश भाई, प्रविण भाई, केतन भाई, आगम भाई, तनुजी, निमेश भाई, विक्रम, कुशलराजजी, छत्रिया बोहरा, सुराणा एवं अन्य कार्यकर्ता शामिल रहे।
सभी सदस्यों ने मिलकर शरबत वितरण को सुव्यवस्थित रूप से संचालित किया और निरंतर सेवा प्रदान की।

सेवा शिविर में उमड़ा जनसैलाब
शिविर के दौरान दागीना बाजार क्षेत्र में लोगों की भारी भीड़ देखने को मिली। राहगीरों, दुकानदारों, मजदूरों एवं श्रद्धालुओं ने इस सेवा का लाभ उठाया। गर्मी से परेशान लोगों के चेहरों पर शीतल शरबत पीने के बाद राहत और संतोष स्पष्ट दिखाई दिया।
कई लोगों ने आयोजकों को आशीर्वाद देते हुए कहा कि ऐसे कार्य समाज में सकारात्मक ऊर्जा और मानवता की भावना को जीवित रखते हैं।
मानवता और सेवा का संदेश
यह सेवा शिविर केवल एक वितरण कार्यक्रम नहीं था, बल्कि यह मानवता के उस संदेश का प्रतीक था, जिसमें बिना किसी भेदभाव के सभी को समान रूप से सेवा प्रदान की गई।
आयोजकों ने कहा कि समाज में जब भी जरूरतमंदों के लिए ऐसे कार्य किए जाते हैं, तो वह केवल राहत ही नहीं देते बल्कि सामाजिक एकता को भी मजबूत करते हैं।
निष्कर्ष
श्री अलर्ट ग्रुप गोडीजी पाईधुनी द्वारा आयोजित यह “काला खट्टा” शरबत सेवा शिविर एक अत्यंत सफल, प्रेरणादायक एवं मानवता से परिपूर्ण आयोजन सिद्ध हुआ। भीषण गर्मी के बीच हजारों लोगों को मिली राहत इस बात का प्रमाण है कि सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।
ऐसे आयोजन न केवल समाज में सहयोग और भाईचारे को बढ़ाते हैं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों को भी यह संदेश देते हैं कि निस्वार्थ सेवा ही सच्चा जीवन मूल्य है।
