णमोकार महामंत्र सामूहिक जाप विश्व शांति: 9 अप्रैल को इंदौर से वैश्विक संदेश
राजेश जैन दद्दू
इंदौर।
णमोकार महामंत्र सामूहिक जाप विश्व शांति के उद्देश्य से 9 अप्रैल 2026 को एक ऐतिहासिक आयोजन होने जा रहा है, जिसमें भारत सहित 108 देशों में एक साथ जैन समाज द्वारा शांति और सद्भावना का संदेश दिया जाएगा। यह आयोजन जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाईजेशन (JITO), विश्व जैन संगठन एवं राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ के संयुक्त प्रयास से किया जा रहा है।
वैश्विक अशांति के बीच अनूठी पहल
णमोकार महामंत्र सामूहिक जाप विश्व शांति की यह पहल ऐसे समय में की जा रही है जब पूरी दुनिया में अस्थिरता का माहौल बना हुआ है। युद्ध, आतंकी हमले और सामाजिक अशांति ने लाखों लोगों को प्रभावित किया है।
राजेश जैन दद्दू (इंदौर) ने बताया कि वर्तमान समय में पूरी दुनिया में उथल-पुथल मची हुई है, जिससे अनेक परिवार उजड़ गए हैं और लोग भय तथा असुरक्षा के माहौल में जी रहे हैं।
आयोजन का मुख्य उद्देश्य
इस सामूहिक जाप का मुख्य उद्देश्य है:
- विश्व में शांति और सद्भावना स्थापित करना
- हिंसा और अशांति के वातावरण को समाप्त करना
- मानवता के लिए सकारात्मक ऊर्जा का संचार करना
- जैन धर्म के अहिंसा सिद्धांत को वैश्विक स्तर पर फैलाना
आयोजन का समय, स्थान और निर्देश
- तिथि: 9 अप्रैल 2026 (गुरुवार)
- समय: प्रातः 8:15 से 9:15 बजे
- स्थान: नेहरू स्टेडियम, इंदौर
विशेष निर्देश:
- महिलाएं लाल चुनरी साड़ी में उपस्थित हों
- पुरुष श्वेत वस्त्र धारण करें
- सभी समाजजन समय पर उपस्थित होकर जाप में सहभागी बनें
प्रमुख संगठनों की भूमिका
इस भव्य आयोजन में कई प्रतिष्ठित जैन संगठन शामिल हैं:
- जैन इंटरनेशनल ट्रेड ऑर्गनाईजेशन (JITO)
- विश्व जैन संगठन
- राष्ट्रीय जिन शासन एकता संघ
- दिगंबर जैन सोशल ग्रुप फेडरेशन
- महावीर ट्रस्ट महिला परिषद
इन सभी संगठनों ने मिलकर इसे एक वैश्विक अभियान का रूप दिया है।
समाज के प्रमुख व्यक्तियों की अपील
इस आयोजन को सफल बनाने हेतु समाज के कई प्रमुख व्यक्तियों ने अपील की है:
- हंसमुख गांधी
- मयंक जैन
- राजेश जैन दद्दू
- अमित कासलीवाल (महावीर ट्रस्ट अध्यक्ष)
- मनोहर झांझरी (राष्ट्रीय अध्यक्ष, फेडरेशन)
- राकेश विनायका
- आनंद नवीन गोधा
- टीके वेद
- डॉ. जैनेन्द्र जैन
- सुशील पांड्या
- भूपेंद्र जैन
- अशोक मेहता
- कातीलाल बम
- श्रीमती पुष्पा कासलीवाल
- श्रीमती मुक्ता जैन
- श्रीमती रेखा जैन
इन सभी ने समाज से अधिकाधिक संख्या में उपस्थित होकर आयोजन को सफल बनाने का आग्रह किया है।
णमोकार महामंत्र का आध्यात्मिक महत्व
णमोकार महामंत्र जैन धर्म का सबसे पवित्र और शक्तिशाली मंत्र है।
इसका जाप करने से:
- मानसिक शांति प्राप्त होती है
- नकारात्मक ऊर्जा समाप्त होती है
- आत्मिक शक्ति बढ़ती है
- जीवन में सकारात्मकता आती है
यह मंत्र किसी व्यक्ति विशेष नहीं बल्कि पंच परमेष्ठी को नमस्कार करता है, जिससे यह सार्वभौमिक और सर्वधर्म स्वीकार्य बन जाता है।
वैश्विक स्तर पर प्रभाव
णमोकार महामंत्र सामूहिक जाप विश्व शांति का यह आयोजन केवल भारत तक सीमित नहीं है, बल्कि 108 देशों में एक साथ आयोजित किया जाएगा।
इससे:
- वैश्विक स्तर पर एकता का संदेश जाएगा
- विभिन्न देशों के लोग एक साथ जुड़ेंगे
- शांति और अहिंसा की भावना मजबूत होगी
सामाजिक एकता और आध्यात्मिक शक्ति
यह आयोजन केवल धार्मिक नहीं बल्कि सामाजिक एकता का भी प्रतीक है।
सभी वर्गों के लोग इसमें भाग लेकर यह संदेश देंगे कि:
“शांति ही सबसे बड़ा समाधान है”अहिंसा, करुणा और प्रेम के सिद्धांतों के माध्यम से ही विश्व को बेहतर बनाया जा सकता है।
