आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव में अधिशासी अभियंता का भव्य सम्मान, जानें उनकी प्रेरणादायक यात्रा, परिवार और उपलब्धियों की पूरी कहानी।
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव एक ऐसा प्रेरणादायक अवसर बना, जहां धर्म, समाज और प्रतिभा का अद्भुत संगम देखने को मिला। मध्यप्रदेश के सिंगोली में आयोजित इस भव्य आयोजन में जैन समाज के गौरवशाली व्यक्तित्व श्री आशीष जैन (अधिशासी अभियंता) का भावभीना सम्मान किया गया।
यह आयोजन केवल एक सम्मान समारोह नहीं था, बल्कि यह समाज के उन मूल्यों का प्रतीक था, जो प्रतिभा, संस्कार और सेवा भावना को सर्वोपरि मानते हैं।
पंचकल्याणक महोत्सव का महत्व
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव के दौरान आयोजित पंचकल्याणक महोत्सव जैन धर्म के पांच प्रमुख कल्याणकारी घटनाओं का प्रतीक है—
- गर्भ कल्याणक
- जन्म कल्याणक
- तप कल्याणक
- ज्ञान कल्याणक
- मोक्ष कल्याणक
यह महोत्सव आत्मा की शुद्धि और जीवन के आध्यात्मिक उत्थान का संदेश देता है। मुनि श्री 108 प्रणम्य सागर जी महाराज के सानिध्य में यह आयोजन अत्यंत गरिमामय और प्रेरणादायक बन गया।
सिंगोली में भव्य आयोजन
मध्यप्रदेश के सिंगोली में आयोजित यह महोत्सव पूरे क्षेत्र के लिए एक ऐतिहासिक अवसर बन गया। यहां धर्म, श्रद्धा और उत्साह का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।
इस अवसर पर कई गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति ने कार्यक्रम की गरिमा को और बढ़ाया, जिनमें—
- ऊर्जा मंत्री, राजस्थान सरकार श्री हीरा लाल नागर
- विधायक श्री वीरेंद्र जी (नीमच)
- अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भगवत सिंह हिंगड
जैसे प्रमुख नाम शामिल रहे।
आशीष जैन का सम्मान समारोह
वे वर्तमान में राणा प्रताप सागर जल विद्युत परियोजना (RPS Hydel Power Station) में अधिशासी अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उनकी कार्यकुशलता, ईमानदारी और समर्पण भावना ने उन्हें समाज में एक विशिष्ट पहचान दिलाई है।यह सम्मान उनके व्यक्तिगत और व्यावसायिक योगदान का प्रतीक है।
पारिवारिक पृष्ठभूमि और उपलब्धियां
श्री आशीष जैन एक संस्कारित और शिक्षित परिवार से आते हैं—
- पिता: श्री विमल चंद जैन (सेवानिवृत्त, सेंट्रल बैंक)
- माता: श्रीमती कमलेश जैन (वरिष्ठ अध्यापिका, सेवानिवृत्त)
पत्नी:
- डॉ. निधि जैन – अस्पताल अधीक्षक एवं स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ, राजस्थान परमाणु बिजलीघर
संतान:
- हार्दिक जैन – MBBS, AIIMS जोधपुर
- डॉ. प्रेक्षा जैन – PG, महात्मा गांधी मेडिकल कॉलेज, इंदौर
यह परिवार शिक्षा, सेवा और संस्कारों का आदर्श उदाहरण है।
जैन संस्कृति और संगीत परंपरा
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव की एक विशेष बात यह भी है कि श्री आशीष जैन की प्रारंभिक शिक्षा उनके नाना, जैन संगीत सम्राट स्वर्गीय श्री नमजी जैन बकानी के सानिध्य में हुई।
उन्होंने लगभग 5000 जैन भजनों की रचना की, जिनमें प्रमुख हैं—
- पारस प्यारा लागो जी
- चवलेश्वर प्यारा लागो
- चांदखेड़ी म्हाने उजाली लागे
ये भजन आज भी पूरे भारत के जैन समाज में लोकप्रिय हैं।
समाज के लिए प्रेरणा
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं, बल्कि यह समाज के लिए एक संदेश है—
शिक्षा और संस्कार का मेल सफलता की कुंजी है
परिवार का सहयोग व्यक्ति को ऊंचाइयों तक पहुंचाता है
धर्म और कर्म का संतुलन जीवन को श्रेष्ठ बनाता है
राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी पारस जैन “पार्श्वमणि” ने इस अवसर पर बताया कि ऐसे व्यक्तित्व समाज को नई दिशा देते हैं।
निष्कर्ष
आशीष जैन अभिनंदन सिंगोली पंचकल्याणक महोत्सव एक ऐसा आयोजन रहा जिसने यह सिद्ध कर दिया कि जब समाज अपने प्रतिभाशाली सदस्यों को सम्मान देता है, तो वह नई पीढ़ी के लिए प्रेरणा का स्रोत बनता है।यह समारोह धर्म, संस्कृति और आधुनिक उपलब्धियों का संगम था, जिसने जैन समाज की गौरवशाली परंपरा को और मजबूत किया।



