हार्दिक हुंडिया ने दादा के भक्तों से विनती की है कि वे चंदनबाला जैन मंदिर (वालकेश्वर) को तोड़ने की साजिश से बचाएं। 85 वर्षीय प्रेमलता बहन की तपस्या देखें और जागरूक बनें।
हार्दिक हुंडिया का हार्दिक आग्रह – दादा के भक्तों के नाम
“देश के सभी धर्मप्रेमियों से विनती – यदि आप दादा का जिनालय नहीं बना सकते, तो कोई बात नहीं, लेकिन 50 साल पुराने मंदिर को टूटने से बचाने के लिए जागरूक बनें।”
यह कहना है हार्दिक हुंडिया दादा मंदिर बचाओ अभियान के प्रणेता का। उन्होंने पूरे जैन समाज और सभी धर्मप्रेमियों से दो हाथ जोड़कर अपील की है कि हम सबकी यह नैतिक जिम्मेदारी बनती है कि हम अपने धार्मिक स्थलों की रक्षा करें।जब एक तरफ हम करोड़ों वंदन करते हैं, तो दूसरी तरफ कुछ लोग उसी मंदिर को गिराने की साजिश रच रहे हैं। यह विडंबना ही है।
कौन है प्रेमलता बहन? 85 वर्ष की तपस्या का उदाहरण
85 वर्ष की श्राविका श्रीमती प्रेमलता बहन अगर भुलेश्वर से वालकेश्वर आकर दादा के मंदिर का ध्यान रखती हैं, तो क्या हम युवा भक्तों की कोई जिम्मेदारी नहीं है?वह बिना किसी अपेक्षा के, प्रतिदिन यात्रा करती हैं, मंदिर की सफाई करती हैं, पूजा-अर्चना करवाती हैं। उनकी यह भक्ति हम सबके लिए प्रेरणा है।
क्या हो रहा है? मुंबई महानगरपालिका में मंदिर तोड़ने की अर्जी
बहुत ही दुखद समाचार है कि जिस दादा के मंदिर में प्रतिदिन पूजा, प्रवचन, भक्ति और अन्य धार्मिक क्रियाएँ होती हैं, उसी मंदिर को तोड़ने के लिए कुछ जैन भाइयों ने ही मुंबई महानगरपालिका (BMC) में आवेदन दिया है।यह कितनी पीड़ा की बात है कि अपने ही धर्म के लोग मंदिर को गिराने के लिए अर्जी दे रहे हैं। यह हमारे तीर्थंकरों के संदेश के पूर्णतः विपरीत है।
चंदनबाला जैन मंदिर – वालकेश्वर का गौरव
वालकेश्वर (Mumbai) में स्थित चंदनबाला जैन मंदिर विश्व प्रसिद्ध है। यह कोई साधारण मंदिर नहीं, बल्कि दादा (जिनेंद्र भगवान) का भव्य जिनालय है।
“दादा के इस भव्य मंदिर को देखकर हम करोड़ों-करोड़ों वंदन करते हैं और इस मंदिर का निर्माण करने वाले दादा के भक्तों के परिवार को भी नमन करते हैं।”
यह मंदिर पिछले 50 वर्षों से भक्तों की आस्था का केंद्र रहा है। यहाँ प्रतिदिन प्रवचन, भक्ति, सामायिक, पौषध और प्रतिक्रमण होते हैं। इस मंदिर को तोड़ने का मतलब हमारी सांस्कृतिक विरासत पर आघात करना है।
हार्दिक हुंडिया दादा मंदिर बचाओ – कैसे बनें भागीदार?
हार्दिक हुंडिया स्पष्ट कहते हैं – “यदि आप मंदिर नहीं बना सकते तो कोई बात नहीं, लेकिन 50 साल पुराने दादा का मंदिर न टूटे, बल्कि उसे बचाने में भागीदार बनें।”
आप निम्न तरीकों से जुड़ सकते हैं:
- जागरूकता फैलाएं – यह खबर हर जैन और धर्मप्रेमी तक पहुँचाएं।
- हार्दिक हुंडिया का वीडियो शेयर करें – उनकी अपील को सोशल मीडिया पर वायरल करें।
- BMC में निवेदन दें – मंदिर तोड़ने की अर्जी को तुरंत रद्द करवाने के लिए शिकायत दर्ज कराएं।
- कानूनी सहायता जुटाएं – यदि आवश्यक हो तो कोर्ट में याचिका दायर करें।
धर्मप्रेमियों से अपील – अब जाग जाइए
“मेरे दादा का मंदिर न टूटे, न टूटे और कभी न टूटे”
यह सिर्फ एक नारा नहीं, यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। हर धर्मप्रेमी का उत्तर यही होना चाहिए: हार्दिक हुंडिया (अर्थात – हार्दिक सहयोग)।हमें उन लोगों के खिलाफ आवाज उठानी होगी जो चाहते हैं कि यह मंदिर गिर जाए। यह समय मौन तोड़ने का है।
निष्कर्ष – हार्दिक हुंडिया आपका कल्याणी मित्र
प्रिय दादा के भक्तों, हार्दिक हुंडिया ने यह पूरी मुहीम आपकी श्रद्धा और आपके भविष्य के लिए शुरू की है। वह कहते हैं:
“हार्दिक हुंडिया, आपका कल्याणी मित्र – यही भावना लेकर हम सब अब से जागरूक बनें।”
अब देर न करें। आज ही यह लेख शेयर करें, मंदिर की सुरक्षा के लिए BMC को ईमेल करें, और हर जैन परिवार तक यह खबर पहुँचाएँ।जय जिनेंद्र। दादा का मंदिर अमर रहे।
