MP Weather Today: चार मौसम सिस्टम से बदला मध्य प्रदेश का मिजाज, 45 जिलों में आंधी-बारिश और ओलों का अलर्ट
MP में मौसम ने एक बार फिर अचानक करवट ले ली है। प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का दौर जारी है। मौसम विभाग के अनुसार इस समय एक साथ चार बड़े मौसम सिस्टम सक्रिय हैं, जिनके संयुक्त प्रभाव से 45 जिलों में अलर्ट जारी किया गया है। यह स्थिति 7 अप्रैल तक बनी रहने की संभावना है, जिसके बाद तापमान में तेजी से बढ़ोतरी देखने को मिल सकती है।
चार मौसम सिस्टम से बिगड़ा संतुलन
मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार प्रदेश इस समय जटिल मौसमीय गतिविधियों की चपेट में है। राज्य के मध्य भाग से एक ट्रफ लाइन गुजर रही है, जबकि ऊपरी स्तर पर दूसरी ट्रफ लाइन सक्रिय है। इसके साथ ही पश्चिमी और उत्तरी हिस्सों में दो साइक्लोनिक सर्कुलेशन बने हुए हैं।
इन चारों सिस्टम के एक साथ सक्रिय होने से प्रदेश में अस्थिर मौसम बना हुआ है। पिछले चार दिनों से कई जिलों में अचानक तेज हवाएं, बारिश और ओले गिरने की घटनाएं सामने आ रही हैं। शुक्रवार को भी 20 से अधिक जिलों में मौसम का यही रूप देखने को मिला।
45 जिलों में अलर्ट जारी
MP मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों के लिए 45 जिलों में आंधी और बारिश का अलर्ट जारी किया है। राजधानी भोपाल और ग्वालियर समेत कई प्रमुख शहर इस अलर्ट के दायरे में हैं।
प्रदेश में लगभग रोजाना 30 से 35 जिलों में मौसम अचानक बदल रहा है। कहीं तेज हवाएं चल रही हैं तो कहीं गरज-चमक के साथ बारिश हो रही है। इससे जनजीवन प्रभावित हो रहा है और किसानों की चिंता भी बढ़ गई है।
इन जिलों में ओलावृष्टि की चेतावनी
MP मौसम विभाग ने शनिवार के लिए कुछ जिलों में विशेष रूप से ओलावृष्टि की चेतावनी दी है। इनमें जबलपुर, कटनी, छतरपुर, पन्ना और दमोह शामिल हैं।
इसके अलावा भोपाल, ग्वालियर, मुरैना, भिंड, शिवपुरी, गुना, अशोकनगर, मंदसौर, राजगढ़, सीहोर, बैतूल, सागर, विदिशा, छिंदवाड़ा, बालाघाट, मंडला, रीवा और सतना समेत कई जिलों में तेज आंधी और बारिश के साथ बिजली गिरने की संभावना जताई गई है।
50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से चलेगी आंधी
मौसम विभाग ने चेतावनी दी है कि प्रदेश के कई हिस्सों में तेज हवाएं चलेंगी। कुछ क्षेत्रों में हवा की गति 50 से 60 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है, जबकि अन्य क्षेत्रों में 30 से 40 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चलेंगी।
तेज हवाओं के कारण पेड़ गिरने, बिजली आपूर्ति बाधित होने और यातायात प्रभावित होने की आशंका बनी हुई है। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह दी गई है।
7 अप्रैल तक जारी रहेगा असर
MP मौसम विभाग के अनुसार, वर्तमान में सक्रिय सिस्टम 7 अप्रैल तक प्रभावी रहेंगे। इस दौरान प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का सिलसिला जारी रह सकता है।
इसके बाद 7 अप्रैल से एक नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस सक्रिय होगा, जिससे 10 अप्रैल तक फिर से मौसम में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। यानी फिलहाल प्रदेशवासियों को मौसम की अनिश्चितता से राहत मिलने के आसार कम हैं।
इसके बाद बढ़ेगी गर्मी
MP मौसम वैज्ञानिकों का कहना है कि जैसे ही ये सिस्टम कमजोर होंगे, प्रदेश में तापमान तेजी से बढ़ने लगेगा। अप्रैल के दूसरे सप्ताह से ही भीषण गर्मी का दौर शुरू होने की संभावना है।
महीने के अंत तक ग्वालियर, धार, खरगोन, बड़वानी और खजुराहो जैसे इलाकों में तापमान 44 से 45 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। खासतौर पर पश्चिमी और दक्षिणी मध्य प्रदेश में गर्म हवाओं का असर ज्यादा देखने को मिलेगा।
किसानों के लिए बढ़ी चिंता
लगातार हो रही बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की चिंता बढ़ गई है। रबी की फसलें पकने की स्थिति में हैं और ऐसे में ओले गिरने से फसलों को भारी नुकसान हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि मौसम का यह अस्थिर दौर ज्यादा दिन तक जारी रहा, तो कृषि उत्पादन पर असर पड़ सकता है।
निष्कर्ष
कुल मिलाकर MP में इस समय मौसम पूरी तरह अस्थिर बना हुआ है। चार सक्रिय मौसम सिस्टम के कारण आंधी, बारिश और ओलावृष्टि का असर पूरे प्रदेश में दिखाई दे रहा है। 7 अप्रैल तक यह स्थिति बनी रहने की संभावना है, जबकि इसके बाद गर्मी तेजी से बढ़ेगी। ऐसे में लोगों को सतर्क रहने और मौसम विभाग की सलाह का पालन करने की आवश्यकता है।
