—Advertisement—

5 अंदरूनी कारण: कम खाने के बाद भी क्यों बढ़ता है वजन? ये गंभीर समस्या आपकी वेट लॉस जर्नी कर सकती है बर्बाद

Author Picture
Published On: 3 April 2026
Why Obesity Increases Even After Eating Less main

—Advertisement—

कम खाने के बाद भी वजन बढ़ना हार्मोनल असंतुलन और इंसुलिन रेजिस्टेंस जैसे 5 अंदरूनी कारणों से होता है। जानें कैसे ये आपका मेटाबॉलिज्म स्लो कर देते हैं।

लाइफस्टाइल डेस्क। क्या आप भी इस बात से परेशान हैं कि डाइट कंट्रोल और कम खाने के बावजूद आपका वजन लगातार बढ़ रहा है? अक्सर लोग बढ़ते वजन के लिए केवल ‘ज्यादा खाने’ को दोष देते हैं, लेकिन चिकित्सा विज्ञान के अनुसार, अचानक और बिना कारण कम खाने के बाद भी वजन बढ़ना शरीर के भीतर पनप रही गंभीर समस्याओं का संकेत हो सकता है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जब शरीर का आंतरिक संतुलन बिगड़ता है, तो कैलोरी बर्न करने की क्षमता प्रभावित होती है। आइए जानते हैं वे 5 अंदरूनी कारण, जो आपकी ‘वेट लॉस जर्नी’ में रोड़ा बन सकते हैं।

हार्मोनल असंतुलन (Hormonal Imbalance)

कम खाने के बाद भी वजन बढ़ना काफी हद तक हमारे हार्मोन्स पर निर्भर करता है। विशेषकर महिलाओं में थायरॉइड (Hypothyroidism), PCOS या मेनोपॉज के दौरान मेटाबॉलिज्म सुस्त पड़ जाता है। जब थायरॉइड ग्लैंड पर्याप्त हार्मोन नहीं बनाता, तो शरीर की ऊर्जा खर्च करने की गति धीमी हो जाती है, जिससे फैट जमा होने लगता है। यदि आपके थायरॉइड हार्मोन (T3, T4) का स्तर गड़बड़ है, तो संभव है कि आप बहुत कम कैलोरी ले रही हैं, फिर भी आपका मेटाबॉलिज्म उसे जला नहीं पा रहा।

इंसुलिन रेजिस्टेंस (Insulin Resistance)

इंसुलिन का मुख्य कार्य शरीर में शुगर को ऊर्जा में बदलना है। लेकिन जब शरीर की कोशिकाएं इंसुलिन को सही प्रतिक्रिया देना बंद कर देती हैं (इंसुलिन रेजिस्टेंस), तो शरीर अतिरिक्त शुगर को फैट (चर्बी) के रूप में स्टोर करने लगता है। यह स्थिति न केवल वजन बढ़ाती है बल्कि टाइप-2 डायबिटीज का खतरा भी पैदा करती है। यही कारण है कि मीठा कम करने के बाद भी पेट की चर्बी नहीं घटती।

नींद की कमी और इनसोम्निया (Lack of Sleep)

नींद और वजन का गहरा वैज्ञानिक संबंध है। नींद पूरी न होने पर शरीर में कोर्टिसोल (स्ट्रेस हार्मोन) का स्तर बढ़ जाता है। साथ ही, भूख बढ़ाने वाले हार्मोन (Ghrelin) सक्रिय हो जाते हैं और पेट भरने का संकेत देने वाले हार्मोन (Leptin) कम हो जाते हैं। इससे शरीर तनाव में रहता है और खासकर पेट के आसपास चर्बी जमा होने लगती है। यदि आप रात में 5 घंटे से कम सोते हैं, तो कम खाने के बाद भी वजन बढ़ना लाजिमी है।

बढ़ती उम्र और धीमा मेटाबॉलिज्म

उम्र बढ़ने के साथ शरीर की मांसपेशियों (Muscles) में प्राकृतिक रूप से कमी आने लगती है। मांसपेशियां कैलोरी जलाने में मदद करती हैं, इसलिए उनकी कमी का मतलब है धीमा मेटाबॉलिक रेट। यही कारण है कि 30 या 40 की उम्र के बाद, समान डाइट रखने पर भी वजन जवानी के मुकाबले तेजी से बढ़ता है। मांसपेशियों की कमी को पूरा करने के लिए स्ट्रेंथ ट्रेनिंग जरूरी है।

दवाओं के साइड इफेक्ट्स

कई बार हम किसी बीमारी के इलाज के लिए जो दवाएं लेते हैं, वे वजन बढ़ाने का कारण बनती हैं:

  • एंटी-डिप्रेसेंट्स (तनाव की दवाएं)
  • स्टेरॉयड्स
  • हाई ब्लड प्रेशर की कुछ दवाएं
    ये दवाएं शरीर में ‘वॉटर रिटेंशन’ बढ़ा सकती हैं या भूख को उत्तेजित कर सकती हैं। यदि आप कोई दवा ले रहे हैं और कम खाने के बाद भी वजन बढ़ना देख रहे हैं, तो अपने डॉक्टर से इसके विकल्प के बारे में पूछें।

विशेषज्ञ की सलाह (Doctor’s Advice)

यदि आपको लगता है कि आपकी जीवनशैली और खान-पान सही है, फिर भी वजन अनियंत्रित हो रहा है, तो इसे नजरअंदाज न करें।

‘अचानक वजन बढ़ना केवल कॉस्मेटिक समस्या नहीं है, यह एक मेडिकल संकेत हो सकता है। ऐसे में डॉक्टर से परामर्श कर ब्लड टेस्ट और हार्मोन प्रोफाइल चेक कराना जरूरी है।’

नोट: अगर आपको पसीना आना, कब्ज, बाल झड़ना या थकान जैसे लक्षण हैं, तो तुरंत थायरॉइड और शुगर की जांच करवाएं।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp