इंदौर ईवी पॉलिसी के तहत हर 1 किमी पर चार्जिंग पॉइंट बनेंगे। जानें कैसे मॉडल ईवी सिटी बनने की तैयारी से बदल जाएगा आपका ट्रांसपोर्ट सिस्टम।
इंदौर ईवी पॉलिसी: हर 1 किमी पर चार्जिंग पॉइंट, पेट्रोल-डीजल वाहनों पर लगेगा ब्रेक!
MP News: प्रदूषण से जूझ रहे शहरों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। मध्य प्रदेश सरकार ने इंदौर ईवी पॉलिसी के तहत एक महत्वाकांक्षी योजना की शुरुआत की है। अब पेट्रोल-डीजल से छुटकारे की तैयारी जोरों पर है, जहां हर 1 किलोमीटर पर चार्जिंग पॉइंट विकसित किए जाएंगे। यह कदम इंदौर, भोपाल सहित प्रदेश के अन्य बड़े शहरों को मॉडल इलेक्ट्रिक व्हीकल (ईवी) सिटी के रूप में स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है।
सड़क पर उतरेगी क्रांति: हर 1 किमी पर मिलेगी चार्जिंग सुविधा
सरकार की नई रणनीति के तहत, शहरी क्षेत्रों में हर 1 किलोमीटर के ग्रिड में चार्जिंग पॉइंट स्थापित किए जाएंगे। इससे ईवी उपयोगकर्ताओं को कभी भी ‘रेंज एंग्जाइटी’ का सामना नहीं करना पड़ेगा। वहीं, लंबी दूरी की यात्रा करने वालों के लिए राष्ट्रीय राजमार्गों पर 20 से 100 किलोमीटर के अंतराल पर ये सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी।
| क्षेत्र | चार्जिंग पॉइंट का अंतराल | लाभार्थी |
|---|---|---|
| शहरी क्षेत्र (इंदौर, भोपाल) | हर 1 किलोमीटर पर | निजी वाहन स्वामी, टैक्सी सेवाएं, डिलीवरी एजेंसियां |
| प्रमुख हाईवे (राज्यीय/राष्ट्रीय) | 20 से 100 किलोमीटर के अंतराल पर | लंबी दूरी के यात्री, पर्यटक, कमर्शियल ट्रक और बसें |
कैसे बदल जाएगा ट्रांसपोर्ट सिस्टम?
इस योजना का उद्देश्य सिर्फ चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार करना नहीं है, बल्कि पूरे ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदलना है। इंदौर ईवी पॉलिसी के दूसरे चरण में इलेक्ट्रिक वाहनों की संख्या में तेजी से इजाफा करने का लक्ष्य रखा गया है। सरकार ने अगले पांच वर्षों में शहरों में 80 प्रतिशत सरकारी वाहनों को इलेक्ट्रिक में बदलने का लक्ष्य तय किया है।
1. कमर्शियल सेगमेंट पर विशेष फोकस
केवल निजी वाहन ही नहीं, बल्कि कमर्शियल सेगमेंट को भी इस अभियान से जोड़ा जा रहा है। ई-बस, ई-ट्रक, ई-ट्रैक्टर और ई-एम्बुलेंस जैसे भारी वाहनों को बढ़ावा देने की दिशा में काम शुरू हो गया है। यह कदम डीजल पर निर्भरता कम करने के साथ-साथ शहरों की वायु गुणवत्ता में सुधार के लिए अहम साबित होगा।
2. टैक्स में 100% छूट का प्रस्ताव
आम नागरिकों को ईवी अपनाने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु, नई नीति के तहत इलेक्ट्रिक वाहनों पर 100 प्रतिशत टैक्स और पंजीयन शुल्क में छूट देने का प्रस्ताव है। इससे इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और चार पहिया वाहन खरीदना काफी सस्ता हो जाएगा।
दो साल और बढ़ सकती है टैक्स छूट
इलेक्ट्रिक वाहनों (ईवी) को बढ़ावा देने के लिए राज्य सरकार बड़ा कदम उठाने की तैयारी में है। वाहन कर और पंजीयन शुल्क में 100 प्रतिशत छूट को दो साल के लिए और बढ़ाया जा सकता है। इसके लिए प्रस्ताव तैयार किया जा रहा है, जिसे जल्द ही शासन से मंजूरी मिलने की उम्मीद है।
पिछले साल मार्च 2025 में लागू हुई ईवी नीति के तहत इलेक्ट्रिक दोपहिया, तीन पहिया और चार पहिया वाहनों पर एक साल की टैक्स छूट दी गई थी। यह छूट 27 मार्च 2026 को खत्म हो चुकी है। अब सरकार इसे आगे बढ़ाने पर विचार कर रही है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोग ईवी अपनाने के लिए प्रेरित हों।
इंदौर बनेगा देश का अग्रणी ईवी हब
अधिकारियों का मानना है कि यदि यह योजना तय समय पर लागू होती है, तो इंदौर ईवी पॉलिसी देश के लिए एक मिसाल पेश करेगी। यह पहल न सिर्फ ट्रांसपोर्ट सिस्टम को बदल देगी, बल्कि स्वच्छ और टिकाऊ शहरी विकास का नया मॉडल भी प्रस्तुत करेगी।
“इस पॉलिसी से न सिर्फ प्रदूषण कम होगा बल्कि नए रोजगार के अवसर भी पैदा होंगे। चार्जिंग स्टेशनों के निर्माण से स्थानीय स्तर पर रोजगार को बढ़ावा मिलेगा,” – एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया।
ईवी अपनाने के फायदे
-
प्रदूषण मुक्ति: पेट्रोल-डीजल से छुटकारा मिलने से वायु गुणवत्ता में सुधार होगा।
-
आर्थिक बचत: ईवी वाहनों की चार्जिंग लागत, पेट्रोल-डीजल की तुलना में काफी कम है। 100% टैक्स छूट से खरीद पर भी बड़ी बचत।
-
शांत यात्रा: इलेक्ट्रिक वाहन ध्वनि प्रदूषण भी कम करते हैं।
-
सरकारी प्रोत्साहन: चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर और टैक्स में छूट जैसी सुविधाएं इसे आकर्षक बनाती हैं।
