—Advertisement—

4 साल में सबसे बड़ी उपलब्धि: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों पर की पुष्प वर्षा, नामांकन में 19.6% की ऐतिहासिक बढ़ोतरी

Author Picture
Published On: 1 April 2026
2026 4image 13 01 08684414117

—Advertisement—

भोपाल में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ‘स्कूल चलें हम’ प्रवेशोत्सव का शुभारंभ किया। हजारों बच्चों ने लिया प्रवेश, सीएम ने की पुष्प वर्षा। जानें ड्रॉप आउट और नामांकन के नए आंकड़े।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने बच्चों पर की पुष्प वर्षा, हजारों बच्चों ने प्रदेश के स्कूलों में लिया प्रवेश

भोपाल | मध्यप्रदेश के शैक्षिक इतिहास में 1 अप्रैल 2026 का दिन एक महत्वपूर्ण मील का पत्थर साबित हुआ। राज्य के लाखों बच्चों के लिए यह दिन नई उम्मीदों और संभावनाओं का द्वार लेकर आया। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने राजधानी भोपाल स्थित मॉडल उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में ‘स्कूल चलें हम’ राज्य स्तरीय प्रवेशोत्सव कार्यक्रम-2026 का शुभारंभ किया। इस भव्य आयोजन में न केवल हजारों बच्चों ने स्कूलों में प्रवेश लिया, बल्कि मुख्यमंत्री ने बच्चों पर पुष्प वर्षा कर उनका उत्साहवर्धन भी किया।

Read Also :महंगाई का झटका: 1 अप्रैल से प्रीमियम पेट्रोल-डीजल के दाम बढ़े, देखें आपके शहर का ताजा रेट लिस्ट

स्कूल चलें हम कार्यक्रम: एक राष्ट्रीय स्तरीय आयोजन

मध्यप्रदेश सरकार द्वारा आयोजित यह प्रवेशोत्सव केवल एक औपचारिकता नहीं थी, बल्कि यह राज्य में शिक्षा के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता का प्रतीक था। कार्यक्रम की शुरुआत मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने दीप प्रज्ज्वलन कर की। इसके बाद उन्होंने बच्चों द्वारा लगाई गई विज्ञान, कला और सामाजिक जागरूकता से जुड़ी प्रदर्शनी का अवलोकन किया। प्रदर्शनी में बच्चों ने अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे मुख्यमंत्री काफी प्रभावित हुए।

कार्यक्रम के दौरान सबसे आकर्षक क्षण वह रहा जब सीएम डॉ. मोहन यादव ने विद्यार्थियों पर पुष्प वर्षा की। यह दृश्य न केवल हृदयस्पर्शी था, बल्कि यह संदेश भी देता था कि सरकार बच्चों को शिक्षा के फूलों से सींचना चाहती है। उन्होंने दोबारा स्कूल जाने का निर्णय लेने वाले बच्चों को किताबें भेंट कीं और उनके माता-पिता का अभिनंदन किया, जिन्होंने अपने बच्चों को शिक्षित करने का संकल्प लिया।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का संबोधन: समय बदल रहा है

अपने संबोधन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज का दिन अद्भुत है। उन्होंने कहा, “एक साथ हजारों बच्चे स्कूल में प्रवेश कर रहे हैं। जिनका स्कूल दूर है, उन्हें साइकिल मिल रही है। आज समय बदल रहा है।” उन्होंने पिछली सरकारों पर निशाना साधते हुए कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में ऐसी योजनाओं का लाभ बच्चों तक नहीं पहुंच पाता था।

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की सराहना करते हुए कहा कि केंद्र सरकार की प्रेरणा से ही राज्य में शिक्षा के क्षेत्र में इतने बड़े बदलाव संभव हो पा रहे हैं। उन्होंने कहा, “आप भाग्यशाली हैं कि आपको किताबें मिल रही हैं, साइकिल मिल रही है, यूनिफॉर्म के लिए राशि मिल रही है। हमारी सरकार प्रधानमंत्री के साथ कदम से कदम मिलाकर चल रही है।”

ea04764c 2861 41ff ac22 4bea9a3be9e7

नामांकन में ऐतिहासिक वृद्धि

मुख्यमंत्री ने अपने भाषण में एक महत्वपूर्ण उपलब्धि का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि उनकी सरकार और शिक्षा विभाग ने माता-पिता का दिल जीत लिया है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने गर्व से कहा, “आज ड्रॉप आउट जीरो हो गया है। यह बहुत बड़ी बात है। आज हम गर्व से कह सकते हैं कि नामांकन में 19.6 फीसदी की वृद्धि हुई है। यह छोटी बात नहीं। शासकीय विद्यालयों में बच्चों की प्रगति 32.4 फीसदी से हुई है।”

यह वृद्धि सरकारी स्कूलों पर बढ़ते विश्वास को दर्शाती है। उन्होंने बताया कि सांदीपनि स्कूलों और पीएम श्री स्कूलों में बच्चों के लिए सभी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध हैं। इतना ही नहीं, बच्चे इन सरकारी स्कूलों में पढ़ने के लिए प्राइवेट स्कूल भी छोड़ रहे हैं। उन्होंने राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का जिक्र करते हुए बताया कि आदिवासी क्षेत्रों में बच्चों को उनकी स्थानीय भाषाओं में पाठ्यपुस्तकें वितरित की जा रही हैं।

हर वर्ग का कल्याण: सरकार की प्राथमिकता

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि आज हर बच्चा स्कूल जाने के लिए उत्साहित है। उन्होंने अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए सरकार द्वारा किए जा रहे कार्यों को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि प्रदेश में 95 हजार क्षमता वाले 1,913 छात्रावासों का संचालन किया जा रहा है। अनुसूचित कार्य विभाग के 25 हजार से अधिक विद्यालयों में 20 लाख विद्यार्थी शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं।

उन्होंने शिक्षा की बुनियादी सुविधाओं को आसान बनाने की दिशा में सरकार के प्रयासों का उल्लेख किया:

  • कक्षा 1, 6 और 9 में एडमिशन की प्रक्रिया को सरल बनाया गया है।
  • लगभग एक लाख प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को लैपटॉप वितरित किए गए हैं। इसके लिए बजट में ढाई सौ करोड़ रुपये का प्रावधान किया गया है।
  • 55 लाख विद्यार्थियों को यूनिफॉर्म दी जा चुकी है।
  • 76 हजार से अधिक शिक्षकों की नियुक्ति की गई है, जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात बेहतर हुआ है।

स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह का आत्मविश्वास

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि आज का दिन स्कूली शिक्षा विभाग के लिए दीपावली के समान है। उन्होंने बताया, “मुझे बताते हुए खुशी हो रही है कि आज हमने एक करोड़ बच्चों को इनरॉल किया है। हमारा पूरा विभाग ड्रॉप आउट को रोकने का प्रयास कर रहा है।”उन्होंने आगे बताया कि सरकार का प्रयास है कि विकासखंड स्तर पर बुक फेयर लगाए जाएं, जहां सरकारी और निजी स्कूलों के बच्चों को भी पाठ्यपुस्तक निगम की सस्ती किताबों का लाभ मिल सके। उन्होंने सभी बच्चों को स्कूल प्रवेशोत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि विभाग बच्चों का भविष्य सुनहरा बनाने के लिए संकल्पित है।

जनजातीय कल्याण मंत्री का बयान

जनजातीय कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने इस अवसर पर कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में प्रदेश की शिक्षा व्यवस्था मजबूत हुई है। उन्होंने कहा कि आज शासकीय स्कूलों में बच्चों को मध्यान भोजन, नि:शुल्क पाठ्यपुस्तकें, साइकिलें, स्कूटी और लैपटॉप तक वितरित किए जा रहे हैं। यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि किसी भी बच्चे को आर्थिक तंगी के कारण शिक्षा से वंचित न रहना पड़े।

सरकारी स्कूलों में बढ़ता विश्वास: एक विश्लेषण

मध्यप्रदेश में शिक्षा के क्षेत्र में यह बदलाव केवल आंकड़ों तक सीमित नहीं है। यह सरकारी तंत्र में विश्वास की बहाली का प्रतीक है। प्रदेश सरकार ने पिछले कुछ वर्षों में शिक्षा के बुनियादी ढांचे पर विशेष ध्यान दिया है। ‘स्कूल चलें हम’ अभियान के तहत न केवल नामांकन बढ़ाने पर जोर दिया गया, बल्कि ड्रॉपआउट छात्रों को वापस मुख्यधारा में लाने के लिए भी ठोस कदम उठाए गए।

योजना का नाम लाभार्थी प्रभाव
निःशुल्क साइकिल योजना कक्षा 9वीं की छात्राएं एवं अनुसूचित जाति/जनजाति के छात्र ड्रॉपआउट दर में कमी, स्कूल आवागमन सुगम
निःशुल्क पाठ्यपुस्तक एवं यूनिफॉर्म सभी सरकारी स्कूली छात्र आर्थिक बोझ कम, नामांकन में वृद्धि
सांदीपनि एवं पीएम श्री स्कूल चयनित सरकारी स्कूल बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा
लैपटॉप वितरण योजना मेधावी विद्यार्थी डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा

शिक्षा नीति 2020 और स्थानीय भाषाओं पर जोर

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने अपने भाषण में राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 का विशेष उल्लेख किया। इस नीति के तहत आदिवासी बहुल क्षेत्रों में बच्चों को उनकी मातृभाषा में किताबें उपलब्ध कराना एक क्रांतिकारी कदम है। इससे न केवल बच्चों को पढ़ाई समझने में आसानी होगी, बल्कि उनकी सांस्कृतिक पहचान भी मजबूत होगी। यह कदम प्रदेश के दूरदराज के इलाकों में शिक्षा की पहुंच को और आसान बनाएगा।

निष्कर्ष: शिक्षित प्रदेश, विकसित प्रदेश

‘स्कूल चलें हम’ प्रवेशोत्सव कार्यक्रम सिर्फ एक सरकारी आयोजन नहीं था, बल्कि यह मध्यप्रदेश के भविष्य को संवारने का एक सामूहिक प्रयास था। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की पुष्प वर्षा और बच्चों के साथ सेल्फी ने इस आयोजन को एक जन-आंदोलन का रूप दे दिया। सरकारी स्कूलों में बढ़ता नामांकन, ड्रॉपआउट का शून्य होना, और शिक्षा के बुनियादी ढांचे में हो रहे सुधार यह साबित करते हैं कि मध्यप्रदेश शिक्षा के क्षेत्र में एक नई इबारत लिख रहा है।

मुख्यमंत्री के नेतृत्व में यह सुनिश्चित किया जा रहा है कि “हर बच्चा स्कूल जाए, पढ़े और आगे बढ़े।” 1 अप्रैल 2026 का दिन प्रदेश के शैक्षिक इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय के रूप में याद किया जाएगा।

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp