Indore मन की शक्ति से हासिल करें जीवन के जटिल लक्ष्य” ब्रह्माकुमार जगबीर सिंह, माउंट आबू
Indore , 30 अप्रैल। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय के खेल प्रभाग द्वारा ज्ञानशिखर ओमशांति भवन, न्यू पलासिया में आयोजित एक दिवसीय ‘माइंड पावर ट्रेनिंग’ सत्र ने प्रतिभागियों को मानसिक ताकत और लक्ष्य प्राप्ति की अद्भुत तकनीकों से रूबरू कराया। इस सत्र में माउंट आबू से खेल प्रभाग के राष्ट्रीय समन्वयक ब्रह्माकुमार जगबीर सिंह और ब्रह्माकुमार विजय भाई इंदौर आए, और उन्होंने करीब 100 भाई-बहनों को माइंड पावर डेवलपमेंट के गुर सिखाए।
मन और मस्तिष्क का परिचय
सत्र के दौरान ब्रह्माकुमार जगबीर सिंह ने बताया कि हमारा मन और मस्तिष्क कैसे कार्य करता है। उन्होंने कहा कि मन एक सॉफ्टवेयर की तरह है, जिसे हम देख नहीं सकते, जबकि मस्तिष्क हार्डवेयर की तरह है, जो दिखाई देता है। उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति खेल या जीवन के किसी क्षेत्र में सफल होना चाहता है, तो पर्याप्त नींद, नियमित शारीरिक व्यायाम और सही आहार बेहद महत्वपूर्ण हैं।
जगबीर भाई ने यह भी समझाया कि जब हम अपने अंदर नकारात्मक भावनाएं जैसे क्रोध, लोभ, मोह, अहंकार, आलस और डर को बढ़ावा देते हैं, तो हमारी मानसिक शक्ति कम होने लगती है। इसके विपरीत, जब हम राजयोग के अभ्यास के माध्यम से परमात्मा से जुड़ते हैं और शांति, प्रेम, आनंद, सुख, ज्ञान और शक्ति को बढ़ाते हैं, तो हमारी मानसिक ऊर्जा बढ़ती है और कठिन से कठिन लक्ष्य भी सरल प्रतीत होने लगते हैं।

माइंड पावर बढ़ाने के व्यावहारिक अभ्यास
ब्रह्माकुमार जगबीर ने प्रतिभागियों को मानसिक शक्ति बढ़ाने के कुछ सरल लेकिन प्रभावशाली अभ्यास बताए। उन्होंने कहा कि नियमित अभ्यास से मन और मस्तिष्क की कार्यक्षमता कई गुना बढ़ाई जा सकती है। कुछ प्रमुख टिप्स इस प्रकार हैं:
- राजयोग का अभ्यास: परम शक्ति से जुड़कर आंतरिक शांति और आत्मबल को बढ़ाना।
- भविष्य लक्ष्य का मानसिक चित्रण: अपने लक्ष्यों की मानसिक रूपरेखा बार-बार कल्पना में देखना और महसूस करना।
- श्रेष्ठ विचार और आत्म-सम्मान देना: स्वयं को सकारात्मक और श्रेष्ठ विचार देना।
- स्वयं से सकारात्मक बातचीत: आत्म-मूल्यांकन और सकारात्मक संवाद को दिनचर्या में शामिल करना।
- हर घंटे में 1 मिनट ध्यान: एकाग्रता और मानसिक शांति के लिए नियमित रूप से छोटे समय के लिए ध्यान करना।
जगबीर भाई ने कहा कि ये अभ्यास मानसिक शक्ति को कई गुना बढ़ा सकते हैं और व्यक्ति को जीवन में किसी भी चुनौती का सामना करने में सक्षम बना सकते हैं।
खेल और मानसिक शक्ति का संबंध
उन्होंने यह भी समझाया कि खेल जगत में सफलता सिर्फ शारीरिक कौशल पर निर्भर नहीं करती, बल्कि माइंड पावर और मानसिक एकाग्रता भी उतनी ही महत्वपूर्ण है। अगर खिलाड़ी अपने मन और मस्तिष्क को सही दिशा में प्रशिक्षित करे, तो वह कठिन प्रतिस्पर्धा में भी सफलता प्राप्त कर सकता है।
सत्र में विशेष अतिथि और अनुभव साझा करना
इस अवसर पर इंदौर जोन की क्षेत्रीय निदेशिका ब्रह्माकुमारी हेमलता दीदी ने सभी प्रतिभागियों का स्वागत किया और आशीर्वचन दिए। साथ ही, मध्य प्रदेश की पहली महिला बॉडीबिल्डर और गोल्ड मेडलिस्ट वंदना ठाकुर ने अपने अनुभव साझा किए।
वंदना ठाकुर ने बताया कि मेडिटेशन और मानसिक एकाग्रता ने उन्हें खेल जगत में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने में मदद की। उनकी कोच, एथलीट गीतांजलि विश्वकर्मा, ने भी प्रतिभागियों को बताया कि मानसिक शक्ति और ध्यान का नियमित अभ्यास खेल और जीवन दोनों क्षेत्रों में सफलता की कुंजी है।
माइंड पावर और जीवन लक्ष्य
जगबीर सिंह ने बताया कि जीवन में किसी भी जटिल लक्ष्य को हासिल करने के लिए मानसिक शक्ति का होना आवश्यक है। उन्होंने कहा, “मन की शक्ति को बढ़ाकर जीवन के जटिल से जटिल लक्ष्य को हासिल करना संभव है।” उन्होंने उदाहरण देकर समझाया कि जब हम सकारात्मक ऊर्जा और अनुशासन के साथ अपने मानसिक संसाधनों का सही उपयोग करते हैं, तो सफलता की राह सरल और तेज हो जाती है।
उन्होंने बताया कि छोटे-छोटे अभ्यास, जैसे ध्यान, सकारात्मक सोच, लक्ष्य की मानसिक रूपरेखा, और आत्म-संवाद, न केवल खेल के क्षेत्र में बल्कि शिक्षा, व्यवसाय और व्यक्तिगत जीवन में भी अत्यंत लाभकारी हैं।
सत्र का समापन और संदेश
इस दिवसीय ट्रेनिंग सत्र ने प्रतिभागियों को मानसिक शक्ति, आत्म-विश्वास और लक्ष्य की प्राप्ति के महत्व को स्पष्ट रूप से समझाया। ब्रह्माकुमार जगबीर सिंह ने सभी को यह संदेश दिया कि राजयोग और मानसिक अनुशासन का अभ्यास जीवन में हर मुश्किल चुनौती को आसान बनाने में सक्षम है।
सत्र के अंत में प्रतिभागियों ने महसूस किया कि मन और मस्तिष्क की शक्ति को पहचानना और उसे सकारात्मक दिशा में केंद्रित करना उनके जीवन में नए अवसर और सफलता के दरवाजे खोल सकता है।
निष्कर्ष:
Indore प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्व विद्यालय का यह सत्र यह स्पष्ट करता है कि खेल और जीवन में सफलता केवल शारीरिक क्षमता पर निर्भर नहीं करती। मन की शक्ति और मानसिक अनुशासन ही असली कुंजी हैं। ब्रह्माकुमार जगबीर सिंह द्वारा साझा किए गए अभ्यास और तकनीकें प्रतिभागियों के लिए जीवन के हर क्षेत्र में उपयोगी साबित हो सकती हैं।
