Indore के बिचौली मर्दाना में शराब के नशे में पुलिस से हुई मारपीट
Indore के बिचौली मर्दाना में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई, जिसमें शराब के नशे में धुत दो युवकों ने पुलिसकर्मियों के साथ जमकर अभद्रता की। घटना कनाड़िया थाना क्षेत्र के के-2 ढाबे के पास हुई। आरोपियों ने न केवल सड़क पर सिपाही को तमाचा जड़ दिया बल्कि थाने के भीतर संतरी पर भी हाथ उठाया।
मामले में पुलिस का कहना है कि दोनों आरोपियों में कानून का खौफ बिल्कुल खत्म हो चुका था और उन्हें रसूखदार होने का अहंकार था। इस कारण पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया और सख्त कार्रवाई की।
कार सवारों का नशे में अभद्र व्यवहार
घटना की शुरुआत उस समय हुई जब पुलिस लाइन से आई टीम के-2 ढाबे के पास वाहनों की चेकिंग कर रही थी। उसी समय यशवर्धन रोहित खंडेलवाल और करण नामक दो युवकों की कार (MP 09 WM 2288) रुकी। पुलिस ने उन्हें रोककर ब्रेथ एनालाइजर से जांच की, जिसमें शराब की पुष्टि हुई।
जैसे ही सिपाही ने उन्हें कार साइड में लगाने को कहा, यशवर्धन भड़क गया और उसने सिपाही को चांटा जड़ दिया। प्रधान आरक्षक पुनित चौबे ने बीच-बचाव करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उनकी वर्दी पकड़ने की भी कोशिश की। इस दौरान आरोपियों का आचरण पूरी तरह से असभ्य और खतरनाक रहा।
थाने में भी आरोपियों का हंगामा
पुलिस जब दोनों आरोपियों को पकड़कर कनाड़िया थाने ले गई, तो वहां भी उनका हंगामा कम नहीं हुआ। जब संतरी नारायण जाट ने उनका नाम और पता पूछने की कोशिश की, तो आरोपियों ने वहां भी चांटा मार दिया।
इसके बाद थाने में कई रसूखदारों के फोन आए, जो आरोपियों को छुड़वाने का दबाव डाल रहे थे। लेकिन पुलिस ने कड़ा रुख अपनाया और कानूनी कार्रवाई में कोई ढील नहीं दी। वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वर्दी पर हाथ उठाना कानून का खुला उल्लंघन है और इसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
कानूनी कार्रवाई और धाराएं
पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कई धाराओं में मामला दर्ज किया। इनमें शामिल हैं:
- शासकीय कार्य में बाधा पहुंचाने (धारा 353)
- ड्रिंक एंड ड्राइव (शराब के नशे में वाहन चलाना)
- अन्य प्रतिबंधात्मक धाराएं
जांच में आरोपियों के शरीर में शराब की मात्रा 265.9 मिली, जो निर्धारित कानूनी सीमा से कहीं अधिक है। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपियों को एसीपी कुंदन मंडलोई की कोर्ट में पेश किया।
शराब और सड़क सुरक्षा की चिंता
इंदौर में इस तरह की घटनाएं यह स्पष्ट करती हैं कि शराब के नशे में वाहन चलाना कितना खतरनाक और कानून के खिलाफ है। ऐसे लोगों के कारण सड़क पर न केवल उनकी अपनी जान खतरे में होती है, बल्कि आम जनता और पुलिसकर्मी भी जोखिम में रहते हैं।
सर्वोच्च स्तर पर भी यह माना जाता है कि शराब पीकर वाहन चलाना गंभीर अपराध है और इसके लिए सख्त दंड का प्रावधान है। यह घटना एक बार फिर चेतावनी देती है कि पुलिस को सहयोग देना और कानून का पालन करना हर नागरिक का कर्तव्य है।
रसूखदार दबाव पर पुलिस का रुख
जांच के दौरान कई रसूखदारों के थाने फोन करने और दबाव डालने के बावजूद पुलिस ने सख्त रुख अपनाया। वरिष्ठ अधिकारी ने कहा कि कानून का पालन हर किसी के लिए बराबर है और किसी का रसूख कानूनी प्रक्रिया पर असर नहीं डाल सकता।
यह कदम जनता के बीच यह संदेश देने के लिए महत्वपूर्ण है कि अपराध और कानून तोड़ने वालों के खिलाफ पुलिस पूरी कार्रवाई करेगी, चाहे वे किसी भी स्थिति में हों।
चेतावनी और जागरूकता
इस घटना ने इंदौर में शराब और सड़क सुरक्षा को लेकर एक बार फिर चेतावनी दी है। पुलिस ने कहा कि शराब के नशे में वाहन चलाना सिर्फ व्यक्ति विशेष के लिए नहीं बल्कि समाज के लिए खतरा है।
साथ ही अधिकारियों ने आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की अनियमितता या पुलिस के साथ अभद्र व्यवहार करने की कोशिश न करें। ऐसा करने वाले लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
निष्कर्ष
इंदौर के बिचौली मर्दाना की यह घटना यह दर्शाती है कि शराब के नशे में वाहन चलाने वाले और रसूख का अहंकार रखने वाले व्यक्ति कानून की सीमा को पार कर सकते हैं। लेकिन पुलिस ने सख्त रुख अपनाकर यह साबित कर दिया कि कानून का पालन हर किसी के लिए जरूरी है।
आगे भी ऐसे मामलों में सख्त कार्रवाई और जागरूकता अभियान की आवश्यकता है ताकि सड़क सुरक्षा सुनिश्चित हो और नागरिकों का जीवन सुरक्षित रह सके।
