PM Modi: टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करना होगा, देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा मुख्यमंत्रियों के साथ वर्चुअल बैठक में बड़े फैसले
PM नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ एक महत्वपूर्ण वर्चुअल बैठक की। इस बैठक में केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और रक्षा मंत्री भी मौजूद थे। बैठक का मुख्य उद्देश्य मध्य पूर्व में चल रहे तनाव के बीच भारत में ईंधन आपूर्ति, महंगाई और लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं को लेकर रणनीति तय करना था। प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के बाद बड़ी घोषणा करते हुए कहा कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और सभी को टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करना होगा।
मध्य पूर्व संकट के बीच बैठक की अहमियत
मध्य पूर्व के देशों में युद्ध और तनाव के कारण विश्व स्तर पर ऊर्जा संकट पैदा हो गया है। प्रधानमंत्री मोदी ने बताया कि इस युद्ध का असर पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति पर पड़ रहा है। यही कारण है कि उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों के साथ बैठक कर इस संकट से निपटने की रणनीति तय करने का निर्णय लिया।
बैठक में प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि जिस तरह कोविड महामारी के समय देश ने मिलकर काम किया था, उसी तरह अब सभी को टीम इंडिया की तरह काम करना होगा। उन्होंने मुख्यमंत्रियों से अपील की कि आम आदमी की आवश्यक वस्तुएं और सेवाएं बाधित न हों और प्रदेश में व्यवस्थाओं को दुरुस्त रखा जाए।
चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्री नहीं हुए शामिल
बैठक में चुनावी राज्यों के मुख्यमंत्रियों की अनुपस्थिति रही, क्योंकि वहां चुनाव आचार संहिता लागू है। इसके बावजूद अन्य राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने इस बैठक में हिस्सा लेकर रणनीति पर चर्चा की। यह बैठक लगभग दो घंटे तक चली और इसमें ईंधन आपूर्ति, महंगाई नियंत्रण और लॉजिस्टिक्स व्यवस्थाओं पर विशेष फोकस रहा।
लॉकडाउन पर बड़ा फैसला
PM मोदी ने बैठक के बाद स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा। उन्होंने कहा कि यह अफवाहें पूरी तरह निराधार हैं। इसके साथ ही उन्होंने राज्यों से अपील की कि किसी भी परिस्थिति में आम आदमी की जरूरतों की चीजों की आपूर्ति बाधित न हो।
PM ने कहा, “हम सभी को मिलकर काम करना होगा और टीम इंडिया की तरह इस संकट से निपटना होगा। हम कोविड महामारी के समय भी इसी तरह काम कर चुके हैं और अब फिर से हमें एकजुट होकर काम करना होगा।”
ऊर्जा संकट और वैश्विक असर
PM ने तीन दिन पहले राज्यसभा में भी मिडिल ईस्ट संकट पर चिंता जताई थी। उन्होंने कहा कि खाड़ी देशों में युद्ध के कारण दुनियाभर में ऊर्जा का गंभीर संकट पैदा हुआ है। इससे भारत में पेट्रोल, डीजल, गैस और उर्वरक की आपूर्ति प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री मोदी ने यह भी बताया कि उन्होंने वेस्ट एशिया के ज्यादातर देशों के हेड्स ऑफ स्टेट्स से बात की है। इसके अलावा उन्होंने ईरान, इजराइल और अमेरिका के साथ भी इस मुद्दे पर बातचीत की है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि भारत में ईंधन और अन्य आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति निरंतर बनी रहे।
लॉजिस्टिक्स और महंगाई पर चर्चा
बैठक में खासतौर पर महंगाई और लॉजिस्टिक्स पर चर्चा की गई। प्रधानमंत्री मोदी ने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि उन्हें अपने-अपने प्रदेश में यह व्यवस्था सुनिश्चित करनी होगी कि आपूर्ति चैनल बाधित न हों। किसी भी परिस्थिति में आम आदमी के लिए जरूरी वस्तुएं उपलब्ध रहनी चाहिए।
उन्होंने यह भी कहा कि राज्यों को अपने कार्यबल और प्रशासनिक संसाधनों का सही उपयोग करना चाहिए ताकि संकट के समय भी नागरिकों को राहत मिल सके।
टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करने का आह्वान
PM ने बैठक में सभी मुख्यमंत्रियों से अपील की कि इस वैश्विक संकट के समय हमें टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करना होगा। उन्होंने कहा कि देश की एकजुटता और प्रशासनिक कुशलता ही इस समय सबसे बड़ी ताकत है।
उन्होंने यह भी उदाहरण दिया कि कोविड महामारी के दौरान देश ने कैसे मिलकर काम किया और जनता के हितों की रक्षा की। उन्होंने कहा कि अब भी वही जिम्मेदारी सभी के कंधों पर है।
भविष्य की तैयारी और सतर्कता
PM मोदी ने बैठक में यह स्पष्ट किया कि भारत में लॉकडाउन की जरूरत नहीं है, लेकिन सभी को सतर्क रहना होगा। उन्होंने राज्यों के मुख्यमंत्रियों से कहा कि जनता की रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करना प्राथमिकता हो।
इसके अलावा, उन्होंने कहा कि ईंधन आपूर्ति, महंगाई और लॉजिस्टिक्स के सभी मुद्दों पर राज्य सरकारों के साथ नियमित संवाद बनाए रखना होगा। इससे किसी भी आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई संभव हो सकेगी।
निष्कर्ष
मिडिल ईस्ट संकट के बीच प्रधानमंत्री मोदी की यह बैठक समय पर हुई और इससे राज्यों को दिशा और रणनीति मिली है। उन्होंने स्पष्ट किया कि देश में लॉकडाउन नहीं लगेगा और सभी को टीम इंडिया की तरह मिलकर काम करना होगा।
PM ने राज्यों से अपील की कि आम आदमी की आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति बनी रहे और जनता को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े। साथ ही, वैश्विक ऊर्जा संकट के मद्देनजर भारत की तैयारियों को मजबूत करना भी जरूरी है।
इस बैठक से यह संदेश गया कि देश के नेतृत्व और राज्यों की एकजुटता से कोई भी वैश्विक संकट, चाहे वह ईंधन या आपूर्ति से जुड़ा हो, समय रहते नियंत्रित किया जा सकता है।
