Indore आईएसबीटी संचालन: दो कंपनियों ने टेंडर के लिए दावेदारी पेश की
आईएसबीटी संचालन के लिए लंबित प्रक्रिया में तेजी
Indore करीब एक साल से संचालन का इंतजार कर रहे अंतरराज्यीय बस टर्मिनल (आईएसबीटी) के लिए इस बार दो कंपनियों ने दावेदारी पेश की है। बुधवार को आईडीए ने तकनीकी बिड खोलकर कंपनियों के नाम सूचीबद्ध किए। दस्तावेजों की जांच और शर्तों के अनुसार फाइनेंशियल टेंडर खोलने के बाद अंतिम निर्णय लिया जाएगा।
कौन सी कंपनियां कर रही दावेदारी
इस बार पुणे की सेवा प्रदाता कंपनी बीवीजी इंडिया और कामथीन सिक्युरिटी सर्विसेस ने टेंडर भरे हैं। दोनों कंपनियों के दस्तावेजों का तकनीकी परीक्षण शुरू हो चुका है और जल्द ही फाइनेंशियल प्रस्ताव खोले जाएंगे।
संचालन के लिए आईडीए के दो विकल्प
आईडीए के पास संचालन के लिए दो विकल्प थे: नगर निगम को जिम्मेदारी देना या एजेंसी नियुक्त करना। अन्य राज्यों के उदाहरण के आधार पर बोर्ड ने एजेंसी के माध्यम से संचालन करवाने का निर्णय लिया।
टेंडर प्रक्रिया और पिछली कोशिशें
पिछले एक साल में तीन बार टेंडर जारी किए गए, लेकिन कंपनियों के दस्तावेज शर्तों के अनुरूप नहीं होने के कारण खारिज किए गए। चौथी बार जारी टेंडर की प्री-बिड में 4-5 कंपनियां शामिल हुईं, जिनमें से दो कंपनियों के टेंडर अंतिम रूप से आए।
आईएसबीटी का निर्माण और सुविधाएं
आईडीए ने आईएसबीटी का निर्माण शहर के मास्टर प्लान में निर्धारित एमआर-10 क्षेत्र पर 100 करोड़ रुपये की लागत से किया। यह शहर का सबसे बड़ा बस स्टैंड है और एयरपोर्ट जैसी आधुनिक सुविधाओं से लैस है।
- एक समय में 63 बसों की आवाजाही
- 1450 बसों के संचालन की क्षमता
- दोपहिया और चारपहिया वाहनों के लिए पार्किंग
- बस ऑपरेटरों के लिए ऑफिस और सुविधाओं के लिए दुकानें
शहर में ट्रैफिक पर प्रभाव
आईएसबीटी संचालन शुरू होने से शहर में बसों का दबाव कम होगा। नवलखा क्षेत्र और सरवटे क्षेत्र में ट्रैफिक को राहत मिलेगी। पुराने आईएसबीटी की तरह नायता मुंडला में भी आवाजाही शुरू हो चुकी है।
मेट्रो स्टेशन के साथ इंटीग्रेशन
आईएसबीटी को मेट्रो स्टेशन के साथ जोड़ा गया है। यात्री बस और मेट्रो के माध्यम से सीधे आवाजाही कर सकेंगे। एमआर-4 और आरडब्ल्यू-1 के हिस्से का निर्माण लगभग पूरा हो चुका है।
एजेंसी संचालन के फायदे
एजेंसी के माध्यम से संचालन से नगर निगम पर दबाव कम होगा। एजेंसी ट्रैफिक मैनेजमेंट, सुरक्षा और यात्री सेवाओं की पेशेवर निगरानी कर सकेगी।
बीवीजी इंडिया और कामथीन सिक्युरिटी सर्विसेस का अनुभव
बीवीजी इंडिया आईएसबीटी और अन्य परिवहन सुविधाओं के संचालन में अनुभवी है। कामथीन सिक्युरिटी सुरक्षा और निगरानी के क्षेत्र में कार्यरत है।
आईएसबीटी का मास्टर प्लान में महत्व
आईएसबीटी सिंहस्थ मेले और अन्य बड़े आयोजन के दौरान भी काम आएगा। महाराष्ट्र, साउथ राज्यों, उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, राजस्थान और गुजरात से आने वाले यात्रियों के लिए यह उपयोगी रहेगा।
भविष्य की योजना और ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर
Indore आईडीए का मानना है कि आईएसबीटी संचालन से लंबी दूरी की बस सेवाओं में सुविधा होगी। इसे भविष्य में शहर के ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर के रूप में विकसित किया जा सकता है।
