विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा में अनंतश्री पौधारोपण एवं सामाजिक समिति द्वारा प्रकृति पूजन, जल संरक्षण पर चर्चा और जनजागरूकता का आयोजन किया गया।
विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा कार्यक्रम
विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा में अतिथियों का मार्गदर्शन
इस कार्यक्रम में प्रमुख अतिथि के रूप में अशोक जी गौर, हरचरण सिंह चावला और फॉरेस्ट ऑफिसर संजय कुमार झा उपस्थित रहे। इनके आतिथ्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया।अतिथियों ने अपने संबोधन में जल के महत्व को समझाते हुए कहा कि जल ही जीवन का आधार है और इसके संरक्षण के लिए हर व्यक्ति को जिम्मेदारी निभानी चाहिए।
जल संरक्षण पर विशेष चर्चा
कार्यक्रम के दौरान विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा के अंतर्गत जल संरक्षण और जल संवर्द्धन पर विस्तृत चर्चा की गई।
मुख्य बिंदु:
- जल अपव्यय को रोकना
- वर्षा जल संचयन को बढ़ावा देना
- दैनिक जीवन में पानी बचाने की आदत डालना
- समाज में जागरूकता फैलाना
समिति ने यह निर्णय लिया कि आने वाले समय में जल संरक्षण को लेकर जन-जागरूकता अभियान चलाया जाएगा।
काव्य पाठ और सांस्कृतिक संदेश
कार्यक्रम को और भी प्रेरणादायक बनाने के लिए अतिथियों द्वारा जल पर आधारित सुंदर काव्य पाठ प्रस्तुत किया गया।इन कविताओं के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि:
“जल है तो कल है”
काव्य पाठ ने उपस्थित लोगों के मन में जल संरक्षण के प्रति भावनात्मक जुड़ाव उत्पन्न किया।
समिति के सदस्य एवं सहभागिता
इस अवसर पर उपस्थित प्रमुख सदस्य:
- समिति अध्यक्ष प्रवीण पाल
- सचिव बजरंग सिंह चौहान
- अरुण जी गार्गव
- अशोक जी गौर
- हरचरण सिंह जी चावला
- राजेश कुमार जी इंद्र
- संजय कुमार जी झा
- चंपालाल जी शेर
- दीपांशु जी शर्मा
- छींतरनाथ जी शेर
- मदन लाल जी बागरानी
- यशेष वशिष्ठ जी
- जया जी वशिष्ठ
- पुष्पा देवी परिहार
- सुशीला जी जयपाल
- मुकेश जी जयपाल
- देवेंद्र कुमार जी नागर
- कन्हैयालाल जी शर्मा
- अनिरुद्ध सिंह चौहान
- रणविजय सिंह चौहान
- सिध्दा वसिष्ठ
जल संरक्षण का महत्व
विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा से मिला संदेश
आज के समय में जल संकट एक गंभीर समस्या बनता जा रहा है। ऐसे में विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा जैसे आयोजन समाज को जागरूक करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
हमें क्या करना चाहिए?
- नल खुला न छोड़ें
- पानी का सीमित उपयोग करें
- पेड़-पौधे लगाएं
- वर्षा जल संचयन करें
निष्कर्ष
विश्व जल दिवस प्रकृति पूजन नागदा कार्यक्रम ने यह सिद्ध कर दिया कि सामूहिक प्रयास से पर्यावरण और जल संरक्षण की दिशा में सकारात्मक बदलाव लाया जा सकता है।इस आयोजन के माध्यम से समाज को यह संदेश मिला कि यदि आज जल बचाया जाएगा, तभी आने वाली पीढ़ियों का भविष्य सुरक्षित रहेगा।
नागदा से जीवनलाल जैन की रिपोर्ट।


