Gurugram University ETHES 2026 सम्मेलन में डॉ अर्पित जैन ने होम्योपैथी के प्रभावी उपचार, पर्यावरण असंतुलन और स्वास्थ्य पर वैज्ञानिक प्रस्तुतीकरण दिया।
Gurugram University ETHES 2026: होम्योपैथी और स्वास्थ्य पर महत्वपूर्ण चर्चा
Gurugram University ETHES 2026 में 21-22 मार्च 2026 को आयोजित अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन ने स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास जैसे अहम विषयों पर गहन विचार-विमर्श का मंच प्रदान किया। इस भव्य आयोजन में देश-विदेश के वैज्ञानिक, चिकित्सक और शिक्षाविदों ने भाग लिया और अपने शोध एवं अनुभव साझा किए।
Gurugram University ETHES 2026: सम्मेलन का परिचय
Gurugram University ETHES 2026 एक अंतर्राष्ट्रीय सम्मेलन था, जिसका विषय था Emerging Trends in Health, Environment and Sustainability। इसका उद्देश्य आधुनिक चुनौतियों के समाधान हेतु वैज्ञानिक और चिकित्सा दृष्टिकोण को बढ़ावा देना था।
इस सम्मेलन ने स्वास्थ्य और पर्यावरण के बीच के संबंध को समझने के लिए एक मजबूत प्लेटफॉर्म प्रदान किया।
प्रमुख अतिथि और भागीदारी
- कुलपति Prof. Sanjay Kaushik
- महापौर Raj Rani Malhotra
- औषधि नियंत्रक Lalit Kumar Goel
- ICMR एवं CCRUM के वरिष्ठ अधिकारी
इन सभी ने सम्मेलन की गरिमा को बढ़ाया और महत्वपूर्ण विचार प्रस्तुत किए।
Gurugram University ETHES 2026 के तकनीकी सत्र
सम्मेलन में विभिन्न तकनीकी सत्र आयोजित किए गए, जिनमें स्वास्थ्य, पर्यावरण और सतत विकास से जुड़े विषयों पर चर्चा हुई।
तकनीकी सत्र VIII विशेष रूप से उल्लेखनीय रहा, जिसमें इंदौर के वरिष्ठ होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. अर्पित चोपड़ा जैन ने अपना व्याख्यान प्रस्तुत किया।
डॉ. अर्पित जैन का प्रभावशाली व्याख्यान
Gurugram University ETHES 2026 में डॉ. अर्पित जैन का व्याख्यान सम्मेलन का मुख्य आकर्षण रहा।
उनकी प्रमुख उपलब्धियां:
- BRICS Homoeopathic Representative
- USA से Doctorate Degree
- HAMI इंदौर के प्रांतीय संगठन मंत्री
उन्होंने अपने संबोधन में वैज्ञानिक दृष्टिकोण के साथ होम्योपैथी की प्रभावशीलता को प्रस्तुत किया।
पर्यावरण असंतुलन और स्वास्थ्य प्रभाव
डॉ. जैन ने बताया कि Environmental Imbalance आज मानव स्वास्थ्य के लिए गंभीर खतरा बन चुका है।
इसके प्रमुख प्रभाव:
- कैंसर के मामलों में वृद्धि
- किडनी फेल्योर
- ऑटो-इम्यून रोग
- अन्य गंभीर बीमारियां
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरणीय बदलाव सीधे मानव शरीर को प्रभावित कर रहे हैं।
Gurugram University ETHES 2026 में होम्योपैथी की भूमिका
डॉ. जैन ने अपने प्रस्तुतीकरण में बताया कि होम्योपैथी:
- प्राकृतिक उपचार पद्धति है
- सुरक्षित और साइड-इफेक्ट मुक्त है
- क्रिटिकल और सर्जिकल मामलों में भी प्रभावी हो सकती है
उन्होंने मरीजों की Pre और Post Treatment Reports प्रस्तुत कर यह दिखाया कि होम्योपैथी में उच्च क्योर रेट संभव है।
वैज्ञानिक प्रमाण और प्रस्तुति
डॉ. जैन की प्रस्तुति में:
- शोध आधारित डेटा
- वास्तविक केस स्टडी
- प्रमाणिक परिणाम
इन सभी ने दर्शकों और विशेषज्ञों का विश्वास जीत लिया।
निष्कर्ष
Gurugram University ETHES 2026 ने यह सिद्ध किया कि स्वास्थ्य, पर्यावरण और चिकित्सा के बीच गहरा संबंध है।डॉ. अर्पित जैन का व्याख्यान इस सम्मेलन का सबसे प्रभावशाली हिस्सा रहा, जिसमें उन्होंने यह स्पष्ट किया कि होम्योपैथी एक सशक्त और वैज्ञानिक चिकित्सा पद्धति बन सकती है।यह सम्मेलन भविष्य के लिए नई दिशा और समाधान प्रदान करता है, जो मानव स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए लाभकारी है।
