LPG Allocation Increased 50%: केंद्र सरकार ने एलपीजी आपूर्ति में बड़ा सुधार किया, होटल और फूड सेक्टर को प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने 23 मार्च 2026 से लागू होने वाले एक महत्वपूर्ण फैसले के तहत एलपीजी (LPG) आवंटन में 50 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह कदम पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस मंत्रालय (Ministry of Petroleum and Natural Gas) द्वारा उठाया गया है, जिसका उद्देश्य आवश्यक क्षेत्रों को पर्याप्त गैस सप्लाई सुनिश्चित करना और देश में भोजन व होटल सेक्टर की संचालन क्षमता को बनाए रखना है।
पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से जारी पत्र में यह स्पष्ट किया गया है कि अतिरिक्त गैस सप्लाई में प्राथमिकता उन क्षेत्रों को दी जाएगी, जो सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से संवेदनशील हैं। इसमें होटल, ढाबे, रेस्तरां, इंडस्ट्रियल कैंटीन, फूड प्रोसेसिंग यूनिट और डेयरी सेक्टर शामिल हैं। इसके साथ ही सरकार ने राज्य और स्थानीय निकायों द्वारा चलाए जाने वाले सब्सिडी वाले कैंटीन, कम्युनिटी किचन और प्रवासी मजदूरों के लिए संचालित 5 किलो FTL योजना को भी प्राथमिकता देने का निर्देश दिया है।
सरकार का उद्देश्य और नीति का मकसद
पेट्रोलियम सचिव नीरज मित्तल ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को लिखे पत्र में बताया कि यह कदम उन सेक्टरों को राहत देने के लिए उठाया गया है, जिनमें गैस की आवश्यकता अधिक होती है। पत्र में यह भी कहा गया कि कुल गैस आवंटन संकट से पहले के स्तर के मुकाबले अब 50 प्रतिशत तक पहुंचा दिया गया है।
इस निर्णय से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि खाद्य और आतिथ्य उद्योग प्रभावित न हों और देश में व्यवसाय सुचारू रूप से चल सके। साथ ही यह कदम सामाजिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है क्योंकि प्रवासी मजदूरों और कम आय वर्ग के लोगों तक पर्याप्त खाना पहुँचाने वाली योजनाओं को भी प्राथमिकता दी गई है।
पहले के आवंटन और नई व्यवस्था
इससे पहले 18 मार्च 2026 को जारी पत्र के माध्यम से राज्यों को 10 प्रतिशत अतिरिक्त गैस आवंटन दिया गया था। यह अतिरिक्त आवंटन मुख्य रूप से PNG (Piped Natural Gas) विस्तार और Ease of Doing Business सुधारों के आधार पर किया गया था। अब, 23 मार्च से लागू नए फैसले के बाद यह अतिरिक्त गैस सप्लाई बढ़कर 50 प्रतिशत तक पहुँच जाएगी।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि इस अतिरिक्त आवंटन के दौरान किसी प्रकार का डायवर्जन नहीं होना चाहिए। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश को यह सुनिश्चित करना होगा कि गैस केवल निर्दिष्ट प्राथमिकता क्षेत्रों और उपभोक्ताओं तक पहुंचे। इसके लिए रजिस्ट्रेशन और PNG आवेदन अनिवार्य किया गया है।
प्राथमिकता वाले सेक्टर और लाभार्थी
सरकार ने विशेष रूप से उन सेक्टरों को प्राथमिकता देने का निर्णय लिया है, जिनकी संचालन क्षमता और आपूर्ति चेन पर गैस की उपलब्धता का सीधा असर पड़ता है। इनमें शामिल हैं:
- होटल और रेस्तरां – देश के आतिथ्य उद्योग को राहत देने के लिए अतिरिक्त गैस आवंटित की जाएगी।
- ढाबे और इंडस्ट्रियल कैंटीन – लंबी दूरी की यात्रा और औद्योगिक क्षेत्रों में कर्मचारियों के भोजन की आपूर्ति सुनिश्चित होगी।
- फूड प्रोसेसिंग यूनिट – खाद्य उत्पादन और प्रसंस्करण गतिविधियों में बाधा नहीं आएगी।
- डेयरी सेक्टर – दूध और डेयरी उत्पादों की नियमित आपूर्ति बनी रहे।
- कम्युनिटी किचन और सब्सिडी वाले कैंटीन – गरीब और प्रवासी मजदूरों को भोजन उपलब्ध कराने वाली योजनाओं को प्राथमिकता दी जाएगी।
इसके अलावा 5 किलो FTL योजना के तहत प्रवासी मजदूरों को नियमित गैस सप्लाई सुनिश्चित की जाएगी।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को निर्देश
नीरज मित्तल ने पत्र में यह भी निर्देशित किया कि राज्यों को यह सुनिश्चित करना होगा कि:
- अतिरिक्त आवंटन केवल निर्दिष्ट प्राथमिकता क्षेत्रों तक पहुंचे।
- किसी भी प्रकार का डायवर्जन न हो।
- उपभोक्ताओं का रजिस्ट्रेशन और PNG आवेदन अपडेटेड हो।
- वितरण प्रणाली में पारदर्शिता और निगरानी बनी रहे।
इस कदम से यह सुनिश्चित किया जाएगा कि पेट्रोलियम और गैस उत्पाद सही जगह पर पहुंचे और देश में आपूर्ति चेन बाधित न हो।
सरकार का व्यापक दृष्टिकोण
केंद्र सरकार की यह पहल न केवल आपूर्ति बढ़ाने का प्रयास है, बल्कि सामाजिक और आर्थिक दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। गर्मी के महीनों में होटल, फूड प्रोसेसिंग और ढाबे जैसे सेक्टरों की मांग बढ़ जाती है। अतिरिक्त गैस आवंटन से व्यवसाय सुचारू रूप से चल सकेंगे और रोजगार प्रभावित नहीं होंगे।
साथ ही यह निर्णय कम आय वर्ग के लोगों और प्रवासी मजदूरों के लिए भोजन की आपूर्ति को भी सुनिश्चित करता है। कम्युनिटी किचन और सब्सिडी वाले कैंटीन में गैस की नियमित उपलब्धता से सामाजिक सुरक्षा और खाद्य सुरक्षा में मदद मिलेगी।
समग्र प्रभाव
इस निर्णय से यह स्पष्ट होता है कि सरकार आपूर्ति श्रृंखला और व्यवसाय संचालन दोनों पर ध्यान दे रही है। अतिरिक्त 20 प्रतिशत गैस सप्लाई होटल, फूड सेक्टर और कम्युनिटी किचन को प्राथमिकता देते हुए कुल आवंटन को 50 प्रतिशत तक बढ़ाना आर्थिक और सामाजिक दोनों दृष्टियों से लाभकारी है।
साथ ही, इस नीति से राज्य और केंद्र शासित प्रदेशों में गैस आपूर्ति में पारदर्शिता, निगरानी और वितरण का बेहतर नियंत्रण सुनिश्चित होगा। उपभोक्ताओं को रजिस्ट्रेशन और PNG आवेदन के माध्यम से यह सुविधा सुनिश्चित होगी कि गैस सही समय पर और सही मात्रा में उनके पास पहुंचे।
कुल मिलाकर, यह निर्णय देश में पेट्रोलियम और गैस आपूर्ति को सुदृढ़ करने, व्यवसायों और सामाजिक सेक्टर को राहत देने और आपूर्ति श्रृंखला की स्थिरता बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
