MP में फैमिली कोर्ट में तलाक के मामलों में वृद्धि, 100 ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर शुरू किए जाएंगे
इंदौर, MP – पिछले कुछ वर्षों में मध्यप्रदेश में पारिवारिक विवाद और तलाक के मामलों में लगातार वृद्धि देखी जा रही है। राज्य के फैमिली कोर्ट में दर्ज नए मामलों के आंकड़े बताते हैं कि विवाह, भरण-पोषण और बच्चों की संरक्षा से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से इंदौर शहर में तलाक और पारिवारिक विवादों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। विशेषज्ञों का मानना है कि सामाजिक परिवर्तनों, आधुनिक जीवनशैली, बढ़ती आर्थिक एवं व्यक्तिगत अपेक्षाओं और सामाजिक मीडिया के प्रभाव से पारिवारिक संबंधों पर दबाव बढ़ा है।
इस स्थिति को देखते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने एक सकारात्मक पहल की घोषणा की है। इसका उद्देश्य है विवाह से पहले जोड़ों को आवश्यक ज्ञान, समझ और संवाद की कला प्रदान करना, ताकि भविष्य में विवाद और तलाक की संभावना कम हो। इस पहल के तहत ‘तेरे मेरे सपने’ नाम से 100 प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर पूरे मध्यप्रदेश में खोले जाएंगे।
MP में बढ़ते तलाक के मामले
फैमिली कोर्ट के आंकड़े बताते हैं कि राज्य में तलाक, विवाह विच्छेद और परिवारिक संपत्ति से जुड़े मामले तेजी से बढ़ रहे हैं। हाल के वर्षों में यह देखा गया है कि लगभग 40% नए केस आर्थिक विवाद, दहेज, पारिवारिक हस्तक्षेप और जीवनशैली से जुड़े मतभेदों को लेकर हैं।
शहरी क्षेत्रों के साथ-साथ अर्द्ध-शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी तलाक और पारिवारिक विवाद की संख्या बढ़ी है। विशेषज्ञों का कहना है कि आधुनिक जीवनशैली, करियर संबंधी अपेक्षाएं, सामाजिक मीडिया और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती समझ के कारण जोड़े शादी के दौरान या बाद में अपेक्षाओं में असहमति का सामना करते हैं।
इसके अलावा, समाज में महिलाओं और पुरुषों में कानूनी अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ने से लोग घरेलू समस्याओं के समाधान के लिए कोर्ट का रूख कर रहे हैं। हालांकि यह बदलाव सकारात्मक है, लेकिन इससे फैमिली कोर्ट पर भी दबाव बढ़ गया है क्योंकि अदालतें अक्सर अधिभारित और अपर्याप्त संसाधनों से संचालित होती हैं।
प्री-मैरिटल काउंसलिंग की आवश्यकता
तलाक और पारिवारिक विवादों को रोकने के लिए प्री-मैरिटल काउंसलिंग महत्वपूर्ण मानी जा रही है। प्री-मैरिटल काउंसलिंग का उद्देश्य जोड़ों को विवाह से पहले संवाद, समझ और साझेदारी की कला सिखाना है। इस प्रक्रिया में वित्तीय प्रबंधन, करियर की योजनाएं, पारिवारिक जिम्मेदारियां और विवाद समाधान के उपायों पर चर्चा की जाती है।
‘तेरे मेरे सपने’ सेंटर की स्थापना का उद्देश्य यह है कि जोड़े अपने मतभेदों को समझ सकें और भविष्य में विवादों से बचने के लिए तैयार रहें। यहां जोड़ों को भावनात्मक समझ, सहयोग और समस्या समाधान के कौशल विकसित करने का अवसर मिलेगा।
विशेषज्ञों का मानना है कि प्री-मैरिटल काउंसलिंग मानसिक स्वास्थ्य के लिए भी लाभकारी है। यह जोड़ों को अपने विचारों को खुले तरीके से साझा करने, एक-दूसरे के दृष्टिकोण को समझने और तनावपूर्ण परिस्थितियों का सामना करने की क्षमता विकसित करने में मदद करती है। इसके अलावा, यह कार्यक्रम जोड़ों को पारिवारिक जिम्मेदारियों, सांस्कृतिक या धार्मिक अंतर और भविष्य की योजना बनाने जैसी संवेदनशील विषयों पर चर्चा करने के लिए सुरक्षित मंच प्रदान करता है।
‘तेरे मेरे सपने’ सेंटर की रूपरेखा
पहली बैच के सेंटर इंदौर, भोपाल, ग्वालियर, जबलपुर और उज्जैन जैसे प्रमुख शहरों में स्थापित किए जाएंगे। प्रत्येक सेंटर में प्रशिक्षित काउंसलर और सामाजिक कार्यकर्ता होंगे, जिन्हें वैवाहिक मार्गदर्शन और विवाद समाधान में विशेष प्रशिक्षण प्राप्त होगा।
काउंसलिंग सत्र व्यक्तिगत और समूह दोनों रूपों में होंगे। इन सत्रों में भावनात्मक बुद्धिमत्ता, वित्तीय योजना, बच्चों की परवरिश, संचार कौशल और जीवन साथी के साथ समझ बनाने पर जोर दिया जाएगा।
सेंटरों में जोड़े पंजीकरण के समय एक प्रारंभिक मूल्यांकन प्रक्रिया से गुजरेंगे, जिसमें उनकी पृष्ठभूमि, अपेक्षाएं और संभावित विवाद के क्षेत्र पहचाने जाएंगे। इसके बाद फॉलो-अप सत्रों में जोड़ों को व्यावहारिक समाधान और रोल-प्ले अभ्यास के माध्यम से जीवन की वास्तविक चुनौतियों का सामना करने के उपाय बताए जाएंगे।
सभी सेवाएं न्यूनतम शुल्क या निःशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इसके साथ ही, ऑनलाइन और टेलीफोनिक सहायता भी प्रदान की जाएगी, जिससे छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों के जोड़े भी इसका लाभ उठा सकें।
सामाजिक और सामुदायिक प्रभाव
प्री-मैरिटल काउंसलिंग केवल तलाक के मामलों को कम नहीं करेगी, बल्कि स्वस्थ वैवाहिक संबंधों और मजबूत परिवारिक ढांचे को भी बढ़ावा देगी। मजबूत वैवाहिक संबंध सामाजिक स्थिरता, मानसिक स्वास्थ्य और बच्चों के बेहतर विकास में योगदान करते हैं।
यह पहल महिलाओं के सशक्तिकरण और लैंगिक समानता को भी बढ़ावा देती है। जोड़ों को विवाह से पहले जानकारी और मार्गदर्शन प्रदान कर, महिलाएं आत्मनिर्भर, जागरूक और समझदार बनेंगी। पुरुष भी अपने कर्तव्यों और साझा निर्णय लेने के महत्व को समझेंगे।
स्थानीय संगठन, एनजीओ और शिक्षण संस्थान इस पहल का समर्थन कर रहे हैं। जागरूकता अभियान चलाकर युवाओं और परिवारों को इस कार्यक्रम से लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
केस स्टडी और वास्तविक जीवन में प्रभाव
इंदौर के कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, तलाक के अधिकतर मामले टाले जा सकते थे। अक्सर विवाद वित्त, परिवारिक हस्तक्षेप, करियर या बच्चों की परवरिश को लेकर बढ़ते हैं। प्री-मैरिटल काउंसलिंग जोड़ों को ये उपकरण प्रदान करती है कि वे इन मुद्दों को संभाल सकें और मानसिक तनाव कम करें।
एक प्रशिक्षक का कहना है, “कई जोड़े विवाह में आदर्श अपेक्षाओं के साथ आते हैं। वे साझा वित्तीय जिम्मेदारियों, बच्चों की परवरिश और पेशेवर जीवन के दबाव के लिए तैयार नहीं होते। हमारे सत्र उनका मार्गदर्शन करते हैं और उन्हें वास्तविक जीवन के लिए तैयार करते हैं।”
भविष्य में विस्तार और निगरानी
NCW और राज्य सरकार सेंटरों की सफलता को नियमित मूल्यांकन के माध्यम से मापेंगे। जोड़ों से प्रतिक्रिया लेकर काउंसलिंग पद्धतियों में सुधार किया जाएगा।
भविष्य में इस कार्यक्रम को पोस्ट-मैरिटल काउंसलिंग, पारिवारिक मध्यस्थता और कानूनी जागरूकता कार्यशालाओं तक भी विस्तारित किया जा सकता है। इससे जोड़ों को समग्र सहायता और मार्गदर्शन मिलेगा और यह अन्य राज्यों के लिए मॉडल बन सकता है।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश में तलाक के मामलों में वृद्धि ने परिवारिक संबंधों को मजबूत करने और विवादों को कम करने के लिए सक्रिय कदम उठाने की आवश्यकता को स्पष्ट कर दिया है। ‘तेरे मेरे सपने’ प्री-मैरिटल काउंसलिंग सेंटर इस दिशा में एक सकारात्मक पहल है।
इन सेंटरों के माध्यम से जोड़ों को शादी के पहले संवाद, समझ और साझेदारी की कला सिखाई जाएगी, जिससे स्वस्थ और टिकाऊ वैवाहिक संबंध बनेंगे। यह पहल केवल तलाक के मामलों को कम करने तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज में सेवा, सहयोग और स्वस्थ परिवारिक मूल्य भी स्थापित करेगी।
राज्य में खुलने वाले 100 सेंटरों के साथ उम्मीद की जा रही है कि युवा जोड़े इस अवसर का लाभ उठाकर विवाह में अधिक समझदारी, संवाद और स्थायित्व प्राप्त करेंगे।
