—Advertisement—

महाकाल होटल और भस्म आरती पास की ऑनलाइन बुकिंग में फर्जी Website से ठगी, पुलिस मामले की जांच में जुटी

Author Picture
Published On: 16 March 2026
website

—Advertisement—

महाकाल दर्शन और होटल बुकिंग के नाम पर ऑनलाइन ठगी: Ujjain में फर्जी Website का जाल

Ujjain । उज्जैन में श्री महाकालेश्वर मंदिर के पास एक बार फिर ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। इस बार ठगी महाकाल होटल और भस्म आरती पास के नाम पर की गई। पीड़ितों ने अपनी बुकिंग के लिए मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग से मिलती-जुलती फर्जी Website का उपयोग किया, जिससे उन्हें हजारों रुपये का नुकसान हुआ। यह मामला डिजिटल ठगी का नया उदाहरण है, जो दर्शाता है कि धार्मिक स्थलों पर ऑनलाइन बुकिंग के दौरान भी सतर्क रहने की आवश्यकता है।

ठगी का तरीका और घटना का विवरण

जानकारी के अनुसार, टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग के सेवानिवृत्त अधिकारी संजय मिश्रा के परिचित बिहार से उज्जैन आने वाले थे। उनके ठहरने की व्यवस्था के लिए उन्होंने ऑनलाइन सम्राट विक्रमादित्य होटल में कमरा बुक किया। बुकिंग के दौरान लगभग 9,500 रुपये जमा किए गए। इसके साथ ही महाकाल मंदिर में भस्म आरती में शामिल होने के लिए लगभग 7,500 रुपये अतिरिक्त भुगतान करवाए गए।

जब मेहमान उज्जैन पहुंचे और होटल से संपर्क किया, तो कर्मचारियों ने स्पष्ट किया कि उनके नाम से कोई बुकिंग दर्ज नहीं है। इसके बाद पूरे मामले में धोखाधड़ी की आशंका पुख्ता हो गई। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई कि जिस वेबसाइट के माध्यम से बुकिंग की गई थी, वह मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से मिलती-जुलती फर्जी साइट थी।

बुकिंग के दौरान दिए गए बारकोड की जांच करने पर एक बलराम गुर्जर नाम सामने आया, जो अब पुलिस जांच में संदिग्ध व्यक्ति के रूप में शामिल है।

फर्जी Website और ठगी का तरीका

फर्जी वेबसाइट का डिजाइन और नाम मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की आधिकारिक वेबसाइट से बहुत मिलता-जुलता था। इस तरह की वेबसाइटें आम तौर पर श्रद्धालुओं और यात्रियों को भ्रमित करती हैं। यूजर वेबसाइट पर भरोसा कर बुकिंग करते हैं, लेकिन वास्तव में भुगतान उनके खाते में सीधे नहीं पहुंचता और न ही होटल या भस्म आरती पास की बुकिंग होती है।

धोखाधड़ी में आम तौर पर यह तरीका अपनाया जाता है:

  1. आधिकारिक विभाग की वेबसाइट जैसा डिज़ाइन तैयार करना।
  2. बुकिंग या पास के नाम पर ऑनलाइन पेमेंट करवाना।
  3. भुगतान करने के बाद बुकिंग की पुष्टि नहीं करना।
  4. पीड़ितों के संपर्क करने पर वेब पेज या सर्वर बंद करना।

उज्जैन में हुए इस मामले में भी यही तरीका अपनाया गया। पीड़ितों ने ऑनलाइन भुगतान किया, लेकिन होटल में पहुंचने पर कोई बुकिंग दर्ज नहीं थी।

पुलिस की कार्रवाई और शिकायत

पीड़ितों ने महाकाल थाना में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस फर्जी वेबसाइट और संदिग्ध व्यक्ति के संबंध में जांच कर रही है। इस प्रकार के मामलों में डिजिटल फॉरेंसिक और बैंक ट्रांजेक्शन की जांच के माध्यम से अपराधियों तक पहुंचने की कोशिश की जाती है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि फर्जी वेबसाइट बनाने वालों और वास्तविक पर्यटन विभाग के बीच कोई संबंध तो नहीं है। प्रारंभिक जांच में यह साफ हो गया है कि यह एक व्यवस्थित साइबर क्राइम है।

धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर डिजिटल ठगी का खतरा

धार्मिक स्थलों पर ऑनलाइन बुकिंग बढ़ती जा रही है। मंदिर दर्शन, होटल बुकिंग और भस्म आरती पास के लिए लोग डिजिटल माध्यम का इस्तेमाल कर रहे हैं। इसके चलते ठग भी सक्रिय हो गए हैं। उज्जैन के महाकालेश्वर मंदिर के आसपास यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कुछ श्रद्धालुओं ने ऑनलाइन धोखाधड़ी का सामना किया है।

विशेषज्ञों का कहना है कि श्रद्धालुओं को हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या केवल प्रमाणित एजेंसियों के माध्यम से बुकिंग करनी चाहिए। सोशल मीडिया या अन्य संदिग्ध लिंक के माध्यम से कभी भी ऑनलाइन पेमेंट नहीं करना चाहिए।

क्यों होती है ऑनलाइन ठगी

  1. आधिकारिक वेबसाइट जैसी दिखने वाली फर्जी साइटों पर लोग आसानी से भरोसा कर लेते हैं।
  2. धार्मिक स्थलों की लोकप्रियता और तीर्थयात्रियों की संख्या अधिक होने के कारण ठग सक्रिय रहते हैं।
  3. पेमेंट गेटवे और बुकिंग पोर्टल की सुरक्षा का अभाव भी ठगी को आसान बनाता है।
  4. लोग समय की कमी और यात्रा की तात्कालिकता के कारण सतर्क नहीं रहते।

पीड़ितों का अनुभव

इस घटना के पीड़ित संजय मिश्रा के परिचित बताते हैं कि उन्होंने सोचा कि वेबसाइट वैध है क्योंकि इसका डिज़ाइन और नाम आधिकारिक विभाग से मिलता-जुलता था। बुकिंग के लिए ऑनलाइन पेमेंट करने के बाद उन्हें कोई कन्फ़र्मेशन नहीं मिला। जब होटल पहुंचे तो उन्हें पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं है। इसने उनकी यात्रा को काफी प्रभावित किया और वित्तीय नुकसान भी हुआ।

सावधानियां और सुझाव

विशेषज्ञ इस तरह की ठगी से बचने के लिए निम्नलिखित सुझाव देते हैं:

  1. हमेशा आधिकारिक वेबसाइट या प्रमाणित पर्यटन एजेंसियों से ही बुकिंग करें।
  2. किसी भी लिंक पर क्लिक करने से पहले उसकी सत्यता जाँच लें।
  3. ऑनलाइन पेमेंट करने से पहले वेबसाइट की URL और SSL सुरक्षा प्रमाण पत्र देखें।
  4. बैंक और पेमेंट गेटवे के आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही भुगतान करें।
  5. संदेहास्पद वेबसाइट या लिंक के मामले में तुरंत पुलिस को सूचित करें।
  6. मंदिरों और धार्मिक स्थलों के सोशल मीडिया पेज पर फॉलो करें और केवल आधिकारिक सूचना पर भरोसा करें।

मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग की भूमिका

मध्य प्रदेश पर्यटन विभाग ने पिछले कुछ वर्षों में डिजिटल बुकिंग और ऑनलाइन पास की सुविधा बढ़ाई है। हालांकि, इस मामले ने यह दिखा दिया है कि फर्जी वेबसाइटों से लोग धोखाधड़ी का शिकार हो सकते हैं। विभाग ने हमेशा आगाह किया है कि लोग केवल आधिकारिक वेबसाइट और मान्यता प्राप्त एजेंसियों के माध्यम से ही बुकिंग करें।

निष्कर्ष

उज्जैन में महाकाल होटल और भस्म आरती पास के नाम पर हुई ऑनलाइन ठगी इस बात की चेतावनी है कि धार्मिक स्थलों पर भी डिजिटल सुरक्षा और सतर्कता आवश्यक है। फर्जी वेबसाइटों के जाल में आने से न केवल वित्तीय नुकसान होता है बल्कि तीर्थयात्रा का अनुभव भी प्रभावित होता है।

पुलिस और डिजिटल क्राइम विशेषज्ञों की जांच अभी जारी है। ऐसे मामलों से बचने के लिए श्रद्धालुओं को सतर्क रहने और आधिकारिक चैनलों के माध्यम से ही बुकिंग करने की सलाह दी जा रही है।

इस घटना ने यह भी स्पष्ट कर दिया है कि डिजिटल युग में यात्रियों और श्रद्धालुओं को ऑनलाइन सुरक्षा के प्रति सचेत रहना बेहद जरूरी है।


यदि आप चाहो तो मैं इसके लिए 20 शब्दों में हेडलाइन और सोशल मीडिया टैग्स भी तुरंत बना दूँ।

क्या मैं वह कर दूँ?

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

Related News
Breaking News हमेशा आपके पास

SwarajVani App Install करें

Latest India News & Breaking Updates — सीधे Home Screen पर

Offline पढ़ें Breaking Alerts बिल्कुल Free
SwarajVani को iPhone पर install करें:
📤 Share बटन दबाएं → "Add to Home Screen" select करें
Home
Web Stories
Instagram
WhatsApp