Damoh में शादी के नाम पर बड़ा फर्जीवाड़ा, हजारों लोगों से 1100-1100 रुपये लेकर आयोजक फरार
Damoh, मध्य प्रदेश – मार्च 2026: मध्य प्रदेश के Damoh जिले में विवाह कराने के नाम पर हजारों लोगों के साथ धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। यहां एक संस्था ने “सर्व समाज परिचय सम्मेलन” आयोजित करने का दावा करते हुए युवाओं और युवतियों को शादी कराने का लालच दिया। हर प्रतिभागी से 1100 रुपये की रजिस्ट्रेशन फीस वसूली गई, लेकिन तय दिन कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर लोग धोखे का शिकार हुए।
धोखाधड़ी का तरीका और आयोजन का ढोंग
स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह संस्था पिछले लगभग एक महीने से गांव-गांव जाकर कार्यक्रम का प्रचार कर रही थी। जगह-जगह पंपलेट बांटे गए और लोगों को यह बताया गया कि 1100 रुपये जमा करने पर उन्हें एक बड़े वैवाहिक मिलन समारोह में शामिल किया जाएगा, जिसमें युवक-युवतियों का परिचय कराया जाएगा और विवाह संबंध तय करने में मदद की जाएगी।
इस झांसे में आने वाले लगभग 8 से 10 हजार लोग आवेदन कर चुके थे। युवाओं और उनके परिवारों ने इसे जीवनसाथी खोजने का अवसर मानते हुए उत्साह के साथ रजिस्ट्रेशन कराया।
मैरिज गार्डन में भीड़ और अफरा-तफरी
निर्धारित दिन पर दमोह के एक निजी मैरिज गार्डन में लोग सुबह से ही जुटने लगे। धीरे-धीरे भीड़ हजारों में पहुंच गई। इसमें केवल दमोह जिले के ही नहीं, बल्कि आसपास के जिलों और गांवों से भी लोग शामिल हुए।
लोग अपने लिए या अपने रिश्तेदारों के लिए विवाह संबंध तलाशने की उम्मीद लेकर पहुंचे थे। लेकिन जैसे ही परिचय सम्मेलन शुरू होना था, वहां किसी भी तरह की ठोस व्यवस्था न होने का पता चला।
भीड़ में अफरा-तफरी मच गई और गुस्साए लोग सड़क पर उतरकर प्रदर्शन करने लगे। कुछ समय के लिए यातायात बाधित हो गया।
1100 रुपये लेकर दिया शादी का झांसा
पीड़ितों ने बताया कि आयोजकों ने बड़े स्तर पर प्रचार किया और हर व्यक्ति से 1100 रुपये वसूले।
“हमें विश्वास था कि यह कार्यक्रम हमारे जीवनसाथी खोजने में मदद करेगा। पर जब हम पहुंचे, तो कोई आयोजन ही नहीं था। हमें झांसा दिया गया और पैसे ले लिए गए,” – एक पीड़ित ने बताया।
जैसे ही लोगों को पता चला कि यह धोखाधड़ी है, नाराज भीड़ ने आयोजकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग शुरू कर दी।
आयोजक मौके से फरार
हंगामे की स्थिति बनते ही मुख्य आयोजक मौके से फरार हो गया। वहां केवल एक युवक और एक युवती उपस्थित मिले, जो कथित तौर पर आयोजक के रिश्तेदार बताए जा रहे हैं।
स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और लोगों को शांत करने का प्रयास किया। काफी समझाइश के बाद प्रदर्शन कर रहे लोग शांत हुए, लेकिन उन्होंने आयोजकों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग जारी रखी।
पुलिस जांच और कानूनी कार्रवाई
दमोह पुलिस का कहना है कि इस संस्था ने बड़े स्तर पर प्रचार कर हजारों लोगों से पैसे वसूले और उन्हें भ्रमित किया।
“हम मामले की हर पहलू से जांच कर रहे हैं। दोषियों के खिलाफ जल्द ही कानूनी कार्रवाई की जाएगी,” – थाना प्रभारी ने बताया।
पुलिस ने क्षेत्र में निगरानी बढ़ा दी है और उन लोगों की पहचान करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं, जो इस फर्जी संस्था से जुड़े हैं।
पीड़ितों का गुस्सा और समाजिक प्रतिक्रिया
स्थानीय लोगों और पीड़ितों का कहना है कि यह धोखाधड़ी केवल आर्थिक हानि तक सीमित नहीं है, बल्कि भावनात्मक और सामाजिक नुकसान भी पहुंचाता है। कई युवा इस आशा में कार्यक्रम में शामिल हुए थे कि उन्हें जीवनसाथी मिलेगा, लेकिन उनका विश्वास टूट गया।
समाजसेवी और स्थानीय नेताओं ने भी इस मामले की निंदा की और प्रशासन से दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
सोशल मीडिया और चेतावनी
घटना के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने आयोजकों की पहचान साझा की और क्षेत्रवासियों को सतर्क रहने की चेतावनी दी।
विशेषज्ञों का कहना है कि ऐसे फर्जीवाड़े अक्सर भावनाओं और उम्मीदों का फायदा उठाकर किए जाते हैं। उन्होंने लोगों को सलाह दी कि किसी भी परिचय या विवाह कार्यक्रम में शामिल होने से पहले पूरी जानकारी और वैधता की जांच करें।
निष्कर्ष
दमोह में हुई यह शादी की फर्जीवाड़ा घटना एक चेतावनी है कि लोगों को लालच और विश्वास में लेने वाले आयोजनों से सतर्क रहना चाहिए। प्रशासन और पुलिस ने मामले की गंभीरता से जांच शुरू कर दी है।
यह घटना यह भी दिखाती है कि समाज में विश्वासघात और धोखाधड़ी की घटनाओं के खिलाफ जागरूकता बढ़ाने की आवश्यकता है। लोगों को किसी भी बड़े कार्यक्रम में शामिल होने से पहले सत्यापन और प्रमाणिकता सुनिश्चित करनी चाहिए।
