MP कैबिनेट के अहम फैसले: स्वामित्व योजना, यंग इंटर्नशिप और एमएसपी में बढ़ोतरी
MP सरकार ने मंगलवार, 10 मार्च 2026 को आयोजित कैबिनेट बैठक में कई महत्वपूर्ण और जनता-केंद्रित फैसले लिए। ये फैसले राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति, युवाओं के विकास और कृषि क्षेत्र को मजबूती देने के लिए किए गए हैं। बैठक में एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि कैबिनेट ने मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम और गेहूं पर एमएसपी बढ़ोतरी सहित अन्य प्रमुख योजनाओं को मंजूरी दी है।
मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना: 46 लाख प्रॉपर्टियों की फ्री रजिस्ट्री
कैबिनेट में सबसे बड़ा निर्णय मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना से संबंधित था। इस योजना के तहत मध्यप्रदेश की लगभग 46 लाख प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्री नि:शुल्क की जाएगी। सरकार ने इस काम के लिए लगभग 3,000 करोड़ रुपए स्टाम्प शुल्क के रूप में खर्च करने का निर्णय लिया है।
इस योजना का मुख्य उद्देश्य नागरिकों को उनके नाम पर संपत्ति का कानूनी अधिकार सुनिश्चित करना है। स्वामित्व योजना के तहत, जिन प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्री नहीं हुई है या अनियमितताएं रही हैं, उन्हें नियमित किया जाएगा। नि:शुल्क रजिस्ट्री से लोगों का कानूनी अधिकार सुरक्षित होगा और भविष्य में संपत्ति विवाद से बचाव होगा।
इस योजना का फायदा विशेष रूप से ग्रामीण और मध्यमवर्गीय परिवारों को मिलेगा, जहां संपत्ति के कागजात पूरे नहीं होते। इसके साथ ही यह योजना भूमि संबंधी विवादों को कम करने और राजस्व संग्रह बढ़ाने में भी मददगार साबित होगी।
मुख्यमंत्री यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम: युवाओं को मिलेगा अनुभव और मानदेय
कैबिनेट ने राज्य के युवाओं के लिए मुख्यमंत्री यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम को भी मंजूरी दी है। इस प्रोग्राम के तहत मध्यप्रदेश के 4,165 युवाओं को राज्य सरकार के विभिन्न विभागों में इंटर्नशिप करने का अवसर मिलेगा।
प्रत्येक युवा इंटर्न को मासिक 10,000 रुपए का मानदेय दिया जाएगा। इस प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को सरकार की योजनाओं और उनके कार्यान्वयन की वास्तविक चुनौतियों को समझने का मौका देना है। युवा इंटर्न सरकारी कार्यप्रणाली में प्रशिक्षित होंगे और साथ ही नागरिकों की जरूरतों और सरकारी योजनाओं के प्रभाव का मूल्यांकन करेंगे।
इसके अलावा, हर ब्लॉक से 15 युवा इंटर्न शामिल किए जाएंगे। यह योजना अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से संचालित की जाएगी, जिससे इंटर्नशिप का मॉनिटरिंग और प्रशिक्षण कुशलतापूर्वक किया जा सके।
युवा इंटर्नशिप प्रोग्राम राज्य सरकार की योजना है कि यह केवल अनुभव देने तक सीमित न रहे, बल्कि युवाओं के कौशल विकास और भविष्य में रोजगार की संभावनाओं को भी बढ़ावा दे। इस पहल से युवाओं को सरकारी कार्यप्रणाली का गहन अनुभव मिलेगा और वे राज्य की नीतियों और योजनाओं में अपनी भागीदारी सुनिश्चित कर सकेंगे।
गेहूं पर एमएसपी बढ़ोतरी: किसानों को अतिरिक्त लाभ
कृषि क्षेत्र के लिए कैबिनेट ने गेहूं की खरीदी पर नई न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) तय की है। केंद्रीय MSP के तहत गेहूं की खरीदी 2,585 रुपए प्रति क्विंटल है। मध्यप्रदेश सरकार ने इस पर 40 रुपए का बोनस जोड़ते हुए MSP को 2,625 रुपए प्रति क्विंटल कर दिया है।
उड़द की खरीदी पर भी राज्य सरकार ने बोनस के रूप में 600 रुपए प्रति क्विंटल की दर तय की है। यह कदम किसानों को बेहतर कीमत और आर्थिक सुरक्षा प्रदान करेगा। राज्य सरकार का लक्ष्य किसानों को उनकी उपज के लिए न्यायपूर्ण मूल्य सुनिश्चित करना है, ताकि वे आर्थिक रूप से सशक्त बनें।
एमएसपी बढ़ोतरी से न केवल किसानों की आय बढ़ेगी, बल्कि राज्य में कृषि उत्पादन को भी प्रोत्साहन मिलेगा। इस निर्णय से किसानों को बिचौलियों और अनियमित बाजार दरों से होने वाले नुकसान से राहत मिलेगी।
पचमढ़ी को ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफिकेशन
कैबिनेट बैठक में पर्यटन क्षेत्र के लिए भी महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि जर्मनी की संस्था ने मध्यप्रदेश की हिल स्टेशन पचमढ़ी को ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफाइड किया है।
इस सर्टिफिकेशन के तहत पचमढ़ी को पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाएगा। राज्य सरकार ने इस दिशा में कदम बढ़ाते हुए पचमढ़ी के बुनियादी ढांचे, स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण के लिए विशेष योजना बनाने का निर्णय लिया है।
ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफिकेशन से पर्यटन क्षेत्र में पचमढ़ी का महत्व बढ़ेगा। इससे पर्यटकों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिलेगा, और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आर्थिक विकास के अवसर पैदा होंगे।
अन्य अहम निर्णय और प्रभाव
कैबिनेट बैठक में लिए गए अन्य निर्णय भी राज्य की सामाजिक और आर्थिक प्रगति को ध्यान में रखकर लिए गए। इन निर्णयों में सरकारी योजनाओं के प्रभावशीलता मूल्यांकन, युवाओं के कौशल विकास, कृषि क्षेत्र की मजबूती और पर्यटन के संवर्धन को प्राथमिकता दी गई।
मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना, यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम और एमएसपी में बढ़ोतरी सीधे तौर पर राज्य के नागरिकों और किसानों के हित में हैं। ये निर्णय मध्यप्रदेश की सरकार की नीति को दर्शाते हैं कि समान अवसर, युवा सशक्तिकरण और आर्थिक सुरक्षा राज्य प्रशासन के प्रमुख उद्देश्य हैं।
निष्कर्ष
मध्यप्रदेश की कैबिनेट ने 10 मार्च 2026 को कई ऐतिहासिक और जनता-केंद्रित फैसले लिए।
- मुख्यमंत्री स्वामित्व योजना: 46 लाख प्रॉपर्टियों की रजिस्ट्री नि:शुल्क, 3,000 करोड़ रुपए स्टाम्प शुल्क सरकार उठाएगी।
- यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम: 4,165 युवाओं को मासिक 10,000 रुपए मानदेय, हर ब्लॉक से 15 युवा इंटर्न।
- गेहूं और उड़द पर MSP बढ़ोतरी: गेहूं 2,625 रुपए/क्विंटल, उड़द पर 600 रुपए बोनस।
- पचमढ़ी को ग्रीन डिस्टीनेशन सर्टिफिकेशन: पर्यावरण अनुकूल पर्यटन स्थल के रूप में विकसित।
इन फैसलों से राज्य की विकास दर, नागरिक कल्याण और पर्यटन क्षेत्र में सुधार होगा। युवाओं को सरकारी योजनाओं और प्रशासनिक प्रक्रियाओं में वास्तविक अनुभव मिलेगा। किसानों को बेहतर मूल्य और आर्थिक सुरक्षा सुनिश्चित होगी। और पचमढ़ी जैसे पर्यटन स्थल पर्यावरण के अनुकूल और सुरक्षित तरीके से विकसित होंगे।
मध्यप्रदेश सरकार का यह कदम स्पष्ट रूप से दिखाता है कि राज्य प्रशासन समान अवसर, विकास और सशक्त नागरिकों के निर्माण के लिए प्रतिबद्ध है।

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