एमपी कैबिनेट ने युवाओं के लिए शुरू की नई योजना: CM यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम में मिलेगा 10 हजार मासिक मानदेय
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने 10 मार्च 2026 को कैबिनेट बैठक में CM यंग इंटर्न्स फॉर गुड गवर्नेंस नामक नई योजना की घोषणा की। यह पहल राज्य के युवाओं को सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन और प्रशासन में प्रत्यक्ष अनुभव देने के उद्देश्य से शुरू की गई है। इस योजना के तहत चयनित युवाओं को हर महीने 10,000 रुपए का मानदेय दिया जाएगा। इस प्रोग्राम को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के माध्यम से संचालित किया जाएगा।
योजना का उद्देश्य
इस इंटर्नशिप प्रोग्राम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को ब्लॉक स्तर पर सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन में शामिल करना है। युवाओं को जमीन स्तर पर सरकारी योजनाओं के प्रभाव और उनकी कार्यवाही में आने वाली कठिनाइयों को समझने का अवसर मिलेगा। इससे न केवल नीति निर्माण और कार्यान्वयन के बीच का अंतर स्पष्ट होगा, बल्कि प्रशासनिक प्रक्रिया में युवाओं की भागीदारी भी बढ़ेगी।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने बताया कि यह योजना पारदर्शिता और दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ युवाओं को शासन और प्रशासन की वास्तविक समझ प्रदान करेगी। इस पहल से युवा प्रशासनिक अनुभव के साथ-साथ नीति निर्माण, डेटा विश्लेषण और रिपोर्टिंग के क्षेत्र में भी दक्ष होंगे।
कार्यक्रम की संरचना
इस योजना के तहत 4,165 युवा इंटर्न चुने जाएंगे। मध्यप्रदेश के हर ब्लॉक से 15 युवाओं को शामिल किया जाएगा, जिससे राज्य के सभी क्षेत्रों, विशेषकर ग्रामीण और दूरदराज के हिस्सों में युवा प्रतिनिधित्व सुनिश्चित हो सके।
इंटर्न्स को सरकारी योजनाओं, डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग पद्धतियों की जानकारी देने के लिए प्रशिक्षण और ओरिएंटेशन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे।
इंटर्न्स की मुख्य जिम्मेदारियाँ होंगी:
- राज्य सरकार की योजनाओं के कार्यान्वयन की निगरानी करना।
- लाभार्थियों और सेवाओं से संबंधित डेटा एकत्र करना।
- जिला अधिकारियों और अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान को रिपोर्ट देना।
- सरकारी योजनाओं के कार्यान्वयन को सुधारने के लिए सुझाव देना।
मासिक मानदेय और प्रोत्साहन
प्रत्येक चयनित इंटर्न को मासिक ₹10,000 का मानदेय दिया जाएगा। यह वित्तीय सहायता युवाओं को योजना में भाग लेने के लिए प्रोत्साहित करेगी और आर्थिक बाधाओं के बावजूद उन्हें सक्रिय भागीदारी का अवसर प्रदान करेगी।
अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान की भूमिका
संस्थान इंटर्नशिप प्रोग्राम के सभी कार्यों को संचालित करेगा। इसमें चयन प्रक्रिया, प्रशिक्षण सत्र, नियमित मूल्यांकन और प्रोग्राम पूरा होने पर प्रमाणपत्र वितरण शामिल है। इसके अलावा संस्थान इंटर्न्स और सरकारी विभागों के बीच समन्वय स्थापित करेगा।
संस्थान इंटर्न्स को निम्नलिखित क्षेत्रों में प्रशिक्षण देगा:
- राज्य सरकार की योजनाओं और उनके उद्देश्यों की जानकारी।
- डेटा संग्रहण, विश्लेषण और रिपोर्टिंग।
- अधिकारियों और नागरिकों से प्रभावी संवाद।
- प्रशासनिक चुनौतियों के समाधान और सुझाव।
अपेक्षित प्रभाव
इस कार्यक्रम से युवाओं और शासन व्यवस्था दोनों पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा:
युवाओं के लिए:
- प्रशासन और नीति निर्माण का व्यावहारिक अनुभव।
- रोजगार क्षमता में वृद्धि और प्रशासनिक कौशल का विकास।
- सरकारी अधिकारियों और पेशेवरों के साथ नेटवर्किंग।
- वित्तीय प्रोत्साहन के साथ समाज सेवा में योगदान।
शासन के लिए:
- योजनाओं के कार्यान्वयन में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
- समस्याओं का समय पर पता चलकर सुधारात्मक कदम उठाए जा सकेंगे।
- डेटा आधारित निर्णय लेने में मदद।
- सेवाओं की गुणवत्ता और नागरिक संतुष्टि में वृद्धि।
चयन प्रक्रिया
योजना के लिए उम्मीदवारों का चयन पारदर्शी और निष्पक्ष तरीके से किया जाएगा। इच्छुक युवा अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान के आधिकारिक पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। चयन शैक्षणिक योग्यता, प्रशासन में रुचि और सामाजिक कार्यों के अनुभव पर आधारित होगा।
चयनित इंटर्न्स को प्रशिक्षण कार्यक्रम में भाग लेना होगा, जिसमें केस स्टडी, डेटा संग्रहण और रिपोर्टिंग अभ्यास शामिल होंगे।
क्षेत्रीय कार्य और अनुभव
इंटर्न्स को ब्लॉक स्तर पर तैनात किया जाएगा। उनकी जिम्मेदारी होगी स्थानीय समुदायों के साथ सीधे संपर्क करना, सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों से जानकारी लेना और योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं का दस्तावेजीकरण करना।
इंटर्न्स मुख्य रूप से निम्नलिखित क्षेत्रों में कार्य करेंगे:
- स्वास्थ्य और पोषण संबंधी कार्यक्रम।
- शिक्षा योजनाएं।
- ग्रामीण बुनियादी ढांचे और रोजगार योजना।
- सामाजिक कल्याण और कृषि योजनाएं।
क्षेत्रीय अनुभव इंटर्न्स को शासन की वास्तविक चुनौतियों और नागरिकों की आवश्यकताओं को समझने का अवसर देगा। यह सरकार को योजनाओं में सुधार के लिए त्वरित फीडबैक प्रदान करने में मदद करेगा।
प्रमाणपत्र और करियर अवसर
इंटर्नशिप सफलतापूर्वक पूरी करने पर प्रतिभागियों को अटल बिहारी वाजपेयी सुशासन संस्थान और मध्यप्रदेश सरकार की ओर से प्रमाणपत्र दिया जाएगा। यह प्रमाणपत्र उनके करियर के लिए महत्वपूर्ण होगा और उन्हें भविष्य में सरकारी विभागों, नीति निर्धारण संस्थाओं या अन्य सार्वजनिक सेवाओं में अवसर दिलाने में मदद करेगा।
कुछ उत्कृष्ट इंटर्न्स को आगे चलकर सरकारी विभागों या केंद्र/राज्य सरकार की परियोजनाओं में नियुक्ति के अवसर भी मिल सकते हैं।
सरकार का दृष्टिकोण
सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम का उद्देश्य युवाओं को शासन में सक्रिय भागीदारी देना, पारदर्शिता बढ़ाना और योजनाओं के प्रभाव को सुधारना है। इस पहल के माध्यम से युवाओं को प्रशासनिक अनुभव मिलेगा और वे समाज में योगदान देने के साथ अपने कौशल का विकास भी करेंगे।
एमएसएमई मंत्री चैतन्य कश्याप ने कहा, “यह योजना युवाओं को सशक्त बनाने, सरकारी योजनाओं की जवाबदेही बढ़ाने और उन्हें वास्तविक अनुभव देने का माध्यम है। इंटर्न्स राज्य की योजनाओं के कार्यान्वयन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।”
निष्कर्ष
सीएम यंग इंटर्नशिप प्रोग्राम मध्यप्रदेश में युवाओं और शासन व्यवस्था के बीच एक पुल का काम करेगा। 10,000 रुपए मासिक मानदेय, प्रशिक्षण और ब्लॉक स्तर पर कार्यान्वयन का अनुभव, इस कार्यक्रम को युवाओं के लिए अनूठा अवसर बनाता है।
4,165 युवा इंटर्न्स राज्य के विभिन्न हिस्सों में इस योजना के तहत कार्य करेंगे, जिससे शासन में पारदर्शिता, प्रभावशीलता और नागरिक संतुष्टि में वृद्धि होगी। यह पहल युवाओं को प्रशासनिक दक्षता और समाज सेवा का अनुभव प्रदान करने के साथ-साथ मध्यप्रदेश में सशक्त, सक्षम और जिम्मेदार युवा नेतृत्व तैयार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
