भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन मुंबई के यशवंतराव चव्हाण सेंटर में भव्य रूप से सम्पन्न हुआ। नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ और नई कार्यकारिणी ने शपथ ग्रहण की। कार्यक्रम में देशभर के जैन समाज के प्रमुख नेता और गणमान्य लोग उपस्थित रहे।
भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन: मुंबई में भव्य आयोजन
मुंबई के दक्षिण क्षेत्र स्थित यशवंतराव चव्हाण सेंटर के सभागार में जैन समाज की प्रतिष्ठित और 126 वर्ष पुरानी संस्था भारत जैन महामंडल का 58वाँ भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन एवं शपथ ग्रहण समारोह अत्यंत गरिमामय वातावरण में सम्पन्न हुआ।
यह भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन जैन समाज की एकता, संगठनात्मक शक्ति और सामाजिक प्रतिबद्धता का प्रतीक बना। इस अवसर पर नव निर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ और उनकी पूरी राष्ट्रीय कार्यकारिणी ने पद एवं गोपनीयता की शपथ लेकर अपने नए कार्यकाल की औपचारिक शुरुआत की।
कार्यक्रम का भव्य शुभारंभ
भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन का शुभारंभ राष्ट्रीय महामंत्री बाबूलाल बाफना द्वारा काव्यात्मक शैली में किया गया। उन्होंने संगठन के गौरवशाली इतिहास पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार पिछले 126 वर्षों से यह संस्था जैन समाज के हितों के लिए निरंतर कार्य कर रही है।इसके पश्चात आमंत्रित अतिथियों एवं महामंडल के पूर्व अध्यक्षों ने भगवान महावीर स्वामी के चित्र पर माल्यार्पण कर दीप प्रज्वलित किया। शंखनाद के साथ पूरे सभागार में आध्यात्मिक वातावरण बन गया और समारोह का औपचारिक शुभारंभ हुआ।
कार्यक्रम के प्रथम चरण में बहनों द्वारा प्रस्तुत संगीतबद्ध मंगलाचरण ने पूरे सभागार को मंत्रमुग्ध कर दिया। उपस्थित लोगों ने तालियों की गूंज के साथ इस प्रस्तुति की सराहना की।
पूर्व अध्यक्ष का कार्यकाल प्रतिवेदन
समारोह के दौरान निवर्तमान राष्ट्रीय अध्यक्ष सी. सी. डांगी ने अपने तीन वर्षीय कार्यकाल का विस्तृत प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि उनके कार्यकाल में संगठन ने सामाजिक सेवा, शिक्षा, धार्मिक जागरूकता और समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण पहलें कीं।उन्होंने कहा कि भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन केवल एक संगठनात्मक कार्यक्रम नहीं बल्कि जैन समाज की एकता और समर्पण का प्रतीक है।
राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ का संबोधन
नवनिर्वाचित राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने अपने संबोधन में कहा कि जैन समाज की एकता और सामाजिक विकास को आगे बढ़ाने के लिए संगठन निरंतर कार्य करता रहेगा।उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि आने वाले समय में भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन और अधिक व्यापक रूप से आयोजित किए जाएंगे, जिससे समाज के विभिन्न वर्गों को जोड़ने में मदद मिलेगी।
नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा
इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने नई राष्ट्रीय कार्यकारिणी की घोषणा भी की।
नई कार्यकारिणी में निम्न पदाधिकारी नियुक्त किए गए —
- बाबूलाल बाफना – राष्ट्रीय महामंत्री
- सुरेश आंचलिया – राष्ट्रीय कोषाध्यक्ष
- भूपेश कोठारी – युवा विंग के राष्ट्रीय अध्यक्ष
- अमित रांका – मंत्री
- तरुणा बोहरा – महिला विंग की राष्ट्रीय अध्यक्षा
- आशा वडाला – मंत्री
इसके बाद राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने पूरी नवगठित कार्यकारिणी को सामूहिक रूप से शपथ दिलाई।
प्रमुख अतिथियों की उपस्थिति
भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन में देशभर से अनेक प्रमुख समाजसेवी और गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे।प्रमुख रूप से उपस्थित अतिथियों में शामिल थे —
- सुखराज नाहर
- विजय भंडारी
- संजय घोड़ावत
- अनिल सिंघवी
- शांतीलाल कवाड़
- युगराज जैन
- चंदा रूणवाल
- राजकुमारी बोहरा
- संजय लोढ़ा
इसके अलावा मुंबई महानगर की महापौर रितु तावडे, आईएएस अधिकारी निधि चौधरी, जीतो एपेक्स चेयरमैन पृथ्वीराज कोठारी, ललित डांगी, संपतराज चपलोत सहित अनेक गणमान्य लोग समारोह में उपस्थित रहे।
जैन समाज की एकता का संदेश
भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन की सबसे महत्वपूर्ण विशेषता यह रही कि इसमें जैन समाज के सभी प्रमुख संप्रदायों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
इस अवसर पर —
- तेरापंथ
- मूर्तिपूजक
- स्थानकवासी
- दिगंबर
समाज के प्रमुख लोगों ने भाग लेकर जैन समाज की एकता और सहयोग का संदेश दिया।
भविष्य की योजनाएँ और राष्ट्रीय कार्यक्रम का प्रस्ताव
समारोह के अध्यक्ष राज्यसभा सांसद लहर सिंह सिरोया ने अपने संबोधन में भविष्य में भारत जैन महामंडल का एक बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम दिल्ली में आयोजित करने का प्रस्ताव रखा।इस प्रस्ताव का उपस्थित जनसमुदाय ने तालियों की गूंज के साथ स्वागत किया। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के कार्यक्रम समाज को एकजुट करने और नई पीढ़ी को जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
भव्य और ऐतिहासिक आयोजन
समारोह के दौरान सभागार जनप्रतिनिधियों और समाजजनों से खचाखच भरा रहा। बड़ी संख्या में लोग बाहर खड़े होकर स्क्रीन के माध्यम से कार्यक्रम का अवलोकन करते रहे।इससे आयोजन की लोकप्रियता और उत्साह का अंदाजा लगाया जा सकता है।
निष्कर्ष
अंत में नवनियुक्त राष्ट्रीय अध्यक्ष ख्यालीलाल तातेड़ ने सभी अतिथियों और समाजजनों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने विश्वास जताया कि जिस प्रकार अब तक समाज का सहयोग और समर्थन संगठन को मिलता रहा है, उसी प्रकार भविष्य में भी यह सहयोग निरंतर मिलता रहेगा।निस्संदेह, भारत जैन महामंडल राष्ट्रीय अधिवेशन जैन समाज की एकता, संगठनात्मक शक्ति और सामाजिक सेवा की भावना का प्रतीक बनकर सामने आया। यह आयोजन न केवल भव्य रहा बल्कि जैन समाज के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय भी बन गया।
