अष्टापद तीर्थ पट 2026 के अवसर पर बनेडिया जी में मुनि श्री आदित्य सागर संघ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद लिया गया, इंदौर के समाजजन रहे उपस्थित।
अष्टापद तीर्थ पट 2026 : बनेडिया जी में मुनि संघ का आशीर्वाद
गुरुवर इंदौर पधारों हम को भी तारों
राजेश जैन दद्दू
इंदौर
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में श्री दिगंबर जैन सिद्ध क्षेत्र अष्टापद बद्रीनाथ के अध्यक्ष श्री आदित्य कासलीवाल, महामंत्री कीर्ति पांड्या एवं ट्रस्टी श्री ललित बड़जात्या, ने विशुद्ध कुल गौरव परम पूज्य श्रुतसंवेगी मुनि श्री आदित्य सागर जी, अप्रमित सागर जी, सहज सागर जी एवं छुल्लक श्रेयस सागर जी महाराज ससंघ को श्रीफल भेंट कर आशीर्वाद प्राप्त किया।
धर्म समाज प्रचारक राजेश जैन दद्दू ने बताया कि इस अवसर पर अध्यक्ष श्री आदित्यजी कासलीवाल ने मुनिश्री को अष्टापद तीर्थ का पोस्टर एवं विकास गाथा की पुस्तक भेंट की।
बनेडिया जी में भक्ति और श्रद्धा का वातावरण
दिगंबर जैन अतिशय क्षेत्र बनेडिया जी में आयोजित इस कार्यक्रम में धर्म, भक्ति और आस्था का अद्भुत वातावरण देखने को मिला।मुनि श्री आदित्य सागर जी ससंघ के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित हुए और सभी ने गुरुचरणों में विनयपूर्वक नमन कर आशीर्वाद प्राप्त किया।धर्मसभा के दौरान श्रद्धालुओं ने जैन धर्म के सिद्धांतों, संयम और साधना की महिमा को भी सुना और धर्ममार्ग पर चलने का संकल्प लिया।
अष्टापद तीर्थ की विकास गाथा
इस अवसर पर अध्यक्ष श्री आदित्य कासलीवाल द्वारा मुनिश्री को अष्टापद तीर्थ की विकास गाथा की पुस्तक भेंट की गई।इस पुस्तक में अष्टापद तीर्थ के इतिहास, धार्मिक महत्व और इसके विकास की विस्तृत जानकारी दी गई है।अष्टापद तीर्थ जैन धर्म के लिए अत्यंत पवित्र और ऐतिहासिक स्थान माना जाता है।
धर्म समाज के प्रमुख लोग रहे उपस्थित
इस धार्मिक आयोजन में समाज के अनेक गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
इनमें प्रमुख रूप से
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दिगंबर जैन सामाजिक संसद के अध्यक्ष पद के प्रत्याशी श्री दिलीप पाटनी
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प्रिंसिपल जी टोंग्या
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कुशलराज जैन
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राजेंद्र जी सोनी
सहित अनेक गुरु भक्त और समाजजन उपस्थित थे।सभी ने मुनि संघ के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया और धर्मसभा को सफल बनाया।
अष्टापद तीर्थ पट 2026 का विशेष महत्व
ज्ञात रहे कि प्रथम तीर्थंकर भगवान आदिनाथ की निर्वाण स्थली अष्टापद तीर्थ के पट 23 अप्रैल 2026 को खुलने जा रहे हैं।
यह पावन अवसर आध्यात्मिक श्रमणी, सजग साधिका, आर्यिका रत्न 105 पूर्णमति माताजी ससंघके सानिध्य में संपन्न होगा।इस ऐतिहासिक अवसर को लेकर जैन समाज में अत्यंत उत्साह और श्रद्धा का वातावरण है।
अष्टापद तीर्थ के पट खुलने का यह अवसर जैन धर्म के अनुयायियों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण माना जा रहा है और देशभर से श्रद्धालुओं के यहां आने की संभावना है।
