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Indore: आशा कन्फेक्शनरी फैक्ट्री में वेतन और PF न मिलने पर सैकड़ों कर्मचारी सड़कों पर उतरे

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Published On: 7 March 2026
Indore: Massive Protest at Asha Confectionery Factory as Hundreds of Employees Demand Pending Salaries and PF
— Indore: Massive Protest at Asha Confectionery Factory as Hundreds of Employees Demand Pending Salaries and PF

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Indore की आशा कन्फेक्शनरी फैक्ट्री में भारी हंगामा: वेतन और PF न मिलने से सड़क पर उतरे सैकड़ों कर्मचारी

Indore के औद्योगिक क्षेत्र, सांवेर रोड स्थित आशा कन्फेक्शनरी फैक्ट्री में शनिवार को हालात तनावपूर्ण हो गए, जब फैक्ट्री में काम करने वाले सैकड़ों कर्मचारियों ने अपने बकाया वेतन और प्रोविडेंट फंड (PF) न मिलने के विरोध में सड़क पर प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने मॉडर्न चौराहे के पास जोरदार नारेबाजी करते हुए फैक्ट्री प्रबंधन के खिलाफ अपना रोष व्यक्त किया। यह प्रदर्शन इतना बड़ा था कि आसपास का यातायात पूरी तरह से ठप हो गया और राहगीरों और वाहन चालकों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ा।

कर्मचारियों की मुख्य शिकायतें

प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों का आरोप है कि पिछले कई महीनों से उन्हें समय पर वेतन नहीं दिया गया है। इसके साथ ही, उनके वेतन से काटी जाने वाली PF राशि भी जमा नहीं की गई है। कर्मचारियों ने बताया कि बार-बार फैक्ट्री प्रबंधन से गुहार लगाने के बावजूद उनकी समस्याओं पर कोई ध्यान नहीं दिया गया, जिससे उन्हें गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। कुछ कर्मचारियों ने कहा कि वेतन और PF न मिलने के कारण उन्हें अपने दैनिक खर्चों को पूरा करना मुश्किल हो गया है।

कर्मचारियों ने यह भी बताया कि फैक्ट्री में लंबे समय से काम करने वाले कई लोग अपने परिवार की आवश्यकताओं को पूरा करने के लिए कर्ज लेने पर मजबूर हो गए हैं। उनके अनुसार फैक्ट्री प्रबंधन कर्मचारियों के हक की अनदेखी कर रहा है और केवल उत्पादन पर ध्यान केंद्रित कर रहा है।

प्रदर्शन और सड़क जाम

सैकड़ों कर्मचारियों के सड़क पर उतरने के कारण मॉडर्न चौराहा पर भारी जाम लग गया। वाहन लंबी कतारों में फंस गए और आसपास के इलाकों में यातायात पूरी तरह प्रभावित हुआ। प्रदर्शनकारी लगातार नारेबाजी कर रहे थे और फैक्ट्री प्रबंधन से तत्काल बकाया भुगतान की मांग कर रहे थे।

कर्मचारियों ने बताया कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपने हक के लिए प्रदर्शन कर रहे हैं, लेकिन अगर उनकी मांगें पूरी नहीं की गईं, तो उनका आंदोलन और बड़ा हो सकता है। स्थानीय व्यापारियों और राहगीरों ने भी इस स्थिति के कारण अपनी परेशानियों की शिकायत की।

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प्रशासन और पुलिस का हस्तक्षेप

घटना की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंचे। पुलिस अधिकारियों ने कर्मचारियों को शांत करने और सड़क से हटाने का प्रयास किया। हालांकि कर्मचारी स्पष्ट रूप से कह रहे थे कि जब तक उनका बकाया वेतन और PF का हिसाब नहीं हो जाता, वे आंदोलन समाप्त नहीं करेंगे।

पुलिस ने फैक्ट्री प्रबंधन से भी संपर्क किया और उन्हें चेतावनी दी कि कर्मचारियों के बकाया भुगतान में देरी नहीं की जाए। अधिकारियों ने कहा कि अगर प्रशासनिक चेतावनी के बावजूद भुगतान नहीं किया गया, तो कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

कर्मचारियों की मांगें और चिंता

कर्मचारियों की मांगें मुख्य रूप से निम्नलिखित हैं:

  1. पिछले कई महीनों का बकाया वेतन तुरंत भुगतान किया जाए।
  2. PF की राशि को तुरंत जमा किया जाए और भविष्य में नियमित भुगतान सुनिश्चित किया जाए।
  3. फैक्ट्री प्रबंधन कर्मचारियों की समस्याओं को गंभीरता से ले और किसी भी तरह की अनदेखी न करे।

कर्मचारियों का कहना है कि वे अपने हक की लड़ाई में पूरी तरह से दृढ़ हैं और वेतन और PF न मिलने तक आंदोलन जारी रखेंगे।

प्रशासनिक और श्रम विभाग की भूमिका

इस मामले की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय प्रशासन और श्रम विभाग को मध्यस्थता के लिए बुलाया गया है। अधिकारी कर्मचारियों और फैक्ट्री प्रबंधन के बीच बैठक कर समस्या का समाधान निकालने का प्रयास कर रहे हैं। अधिकारी यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि कर्मचारियों को उनका बकाया भुगतान मिले और भविष्य में ऐसी समस्याओं को रोका जा सके।

श्रम विभाग के एक अधिकारी ने कहा, “कर्मचारियों के वेतन और PF के भुगतान में विलंब किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। हम फैक्ट्री प्रबंधन से संपर्क कर रहे हैं और कर्मचारियों के हक की रक्षा के लिए हर संभव कदम उठाएंगे।”

आर्थिक और सामाजिक प्रभाव

आशा कन्फेक्शनरी फैक्ट्री के कर्मचारियों का यह प्रदर्शन न केवल फैक्ट्री प्रबंधन के लिए चेतावनी है, बल्कि यह पूरे औद्योगिक क्षेत्र में श्रमिक अधिकारों की सुरक्षा की आवश्यकता को भी उजागर करता है। कर्मचारियों के हक का अनदेखा करना आर्थिक संकट, तनाव और प्रदर्शन जैसी परिस्थितियों को जन्म देता है।

स्थानीय व्यापारियों और आम जनता ने भी इस प्रदर्शन के कारण हुई असुविधा को लेकर चिंता व्यक्त की है। लंबे समय तक सड़क जाम होने से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हुईं और लोगों को अपने गंतव्य तक पहुंचने में कठिनाई हुई।

निष्कर्ष

इंदौर की आशा कन्फेक्शनरी फैक्ट्री का यह मामला स्पष्ट करता है कि वेतन और PF जैसी बुनियादी अधिकारों की अनदेखी कर्मचारियों में गहरी नाराजगी पैदा कर सकती है। फैक्ट्री प्रबंधन और प्रशासन के लिए यह आवश्यक है कि वे कर्मचारियों के हक की रक्षा करें, ताकि सड़क जाम, प्रदर्शन और सामाजिक तनाव जैसी परिस्थितियों से बचा जा सके।

कर्मचारी अब भी सड़क पर हैं और अपने हक के लिए जोरदार प्रदर्शन कर रहे हैं। फैक्ट्री प्रबंधन को तुरंत कार्रवाई करनी होगी, अन्यथा आंदोलन और बड़ा हो सकता है। प्रशासन ने भी फैक्ट्री को चेतावनी दी है कि वेतन और PF का भुगतान तुरंत किया जाए, अन्यथा कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

यह घटना इंदौर में श्रमिक अधिकारों और औद्योगिक क्षेत्र की स्थिति पर भी एक गंभीर चेतावनी है, जिससे यह स्पष्ट होता है कि कर्मचारियों की मांगों और हक की अनदेखी से सामाजिक और आर्थिक तनाव बढ़ सकता है।

 

कुमकुम सोनी स्वराज वाणी न्यूज मे कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत है। इन्होंने स्नातक पत्रकारिता एवं जनसंचार से की है। यह विशेषतः राजनीति एवं भू-राजनीति से जुड़े मुद्दों का गहन विशलेषण कर सरल भाषा में आम जनता के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रयास करती है।… Read More

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