Indore में टूर पैकेज ठगी गिरोह का खुलासा: चार गिरफ्तार, दो फरार, क्राइम ब्रांच की बड़ी सफलता
Indore में टूर पैकेज के नाम पर लोगों के साथ धोखाधड़ी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। शहर की क्राइम ब्रांच ने “ब्लू माउंटेन टूरिज्म” कंपनी के नाम पर सस्ते टूर पैकेज का झांसा देकर ठगी करने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, इस मामले में दो अन्य आरोपी अभी फरार हैं और उनकी तलाश जारी है। यह मामला डिजिटल और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों के बीच आया है, जिसने नागरिकों में चिंता पैदा कर दी है।
घटना का प्रारंभ
जुलाई 2025 में पीड़ित ने शिकायत दर्ज कराई कि उसके क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन भुगतान कर लगभग एक लाख रुपये की राशि फर्जी टूर पैकेज के नाम पर ठगी कर ली गई। आरोपियों ने सस्ते टूर पैकेज का लालच देकर ग्राहक को फंसाया। शिकायत मिलने के बाद क्राइम ब्रांच ने जांच शुरू की।
जांच में यह सामने आया कि आरोपी अलग-अलग शहरों और स्थानों पर संगठित थे और डिजिटल माध्यमों का इस्तेमाल करके लोगों को निशाना बनाते थे। उन्होंने क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन को ईएमआई में बदल कर तुरंत पैसा वसूलने की योजना बनाई थी। इसके बाद पीड़ित को टूर पैकेज की कोई जानकारी नहीं दी जाती थी।
गिरफ्तारी और आरोपियों की पहचान
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों और डिजिटल फॉरेंसिक की मदद से सूरत निवासी आकाश, रिजवान, शाहिद और जुनेद को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और पुलिस पूरे नेटवर्क का पता लगाने में लगी हुई है। पूछताछ में यह खुलासा हुआ कि आरोपियों का गिरोह विभिन्न शहरों में सक्रिय था और वे फर्जी टूर पैकेज के माध्यम से लगातार लोगों को ठग रहे थे।
फरार आरोपी और उनकी तलाश
इस मामले में दो अन्य आरोपी, भाविक और कपिल, अभी फरार हैं। पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए अलग-अलग टीमों का गठन किया है। साथ ही क्राइम ब्रांच डिजिटल और फील्ड जांच के माध्यम से पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगा रही है। फरार आरोपियों को पकड़ने के लिए पुलिस स्थानीय और पड़ोसी जिलों में सक्रिय हो गई है।
ठगी की प्रक्रिया
जांच के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि आरोपी ग्राहकों को आकर्षक टूर पैकेज का लालच देते थे। भुगतान प्राप्त होने के बाद आरोपियों ने क्रेडिट कार्ड ट्रांजेक्शन को ईएमआई में बदल दिया, जिससे पूरा पैसा तुरंत उनके खाते में आ गया। पीड़ित को पैकेज की कोई जानकारी नहीं दी जाती और वे ठगी का शिकार बन जाते।
क्राइम ब्रांच की कार्रवाई
क्राइम ब्रांच ने मामला दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू की। पूछताछ और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने गिरोह के कई अन्य तार भी खोज निकाले हैं। तकनीकी और फील्ड जांच के संयोजन ने जांच को तेज और प्रभावी बनाया।
नागरिकों के लिए चेतावनी
पुलिस ने नागरिकों से सतर्क रहने की अपील की है। किसी भी टूर पैकेज या ऑनलाइन लेन-देन से पहले कंपनी की वैधता, रिव्यू और प्रमाणिकता की जांच करना आवश्यक है। क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के माध्यम से लेन-देन करते समय सावधानी बरतें और किसी भी संदेहास्पद लेन-देन की जानकारी तुरंत बैंक और पुलिस को दें।
अपराध का फैलाव और गिरोह की संरचना
जांच से यह पता चला कि यह गिरोह केवल इंदौर तक सीमित नहीं था। आरोपियों का नेटवर्क अन्य शहरों में भी सक्रिय था, जहां वे फर्जी टूर पैकेज के माध्यम से लोगों को निशाना बनाते थे। पुलिस पूरे गिरोह के नेटवर्क का पता लगा रही है, ताकि भविष्य में किसी अन्य नागरिक को ठगी से बचाया जा सके।
तकनीकी साक्ष्य और डिजिटल जांच
क्राइम ब्रांच ने तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग कर आरोपियों के डिजिटल फिंगरप्रिंट, ट्रांजेक्शन रिकॉर्ड और ऑनलाइन गतिविधियों का विश्लेषण किया। डिजिटल जांच से आरोपियों के फर्जी अकाउंट, ट्रांजेक्शन और ईएमआई के विवरण की पुष्टि हुई। इससे पुलिस को आरोपियों के modus operandi को समझने और फरार आरोपियों तक पहुंचने में मदद मिली।
आगे की कार्रवाई
पुलिस पूरे नेटवर्क का खुलासा कर रही है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए अभियान जारी है। इसके साथ ही पीड़ितों की राशि की वसूली और कानूनी प्रक्रिया को तेज करने की योजना बनाई जा रही है। पुलिस यह सुनिश्चित करना चाहती है कि गिरोह के सभी सदस्य कानून के कटघरे में आएं और भविष्य में कोई भी नागरिक ठगी का शिकार न बने।
निष्कर्ष
इंदौर क्राइम ब्रांच की इस कार्रवाई ने यह संदेश दिया है कि डिजिटल और ऑनलाइन माध्यम से होने वाली ठगी के मामलों में पुलिस पूरी सतर्कता और सख्ती बरतती है। नागरिकों को सतर्क रहना चाहिए, किसी भी अज्ञात कंपनी या वेबसाइट पर भरोसा करने से पहले पूरी जानकारी हासिल करें।
यह घटना डिजिटल और ऑनलाइन ठगी के बढ़ते मामलों की गंभीरता को दर्शाती है और पुलिस द्वारा तेजी से कार्रवाई किए जाने की जरूरत को स्पष्ट करती है। साथ ही यह नागरिकों के लिए चेतावनी भी है कि किसी भी ऑनलाइन लेन-देन में सतर्कता और जागरूकता जरूरी है।

Comments are closed.